केरल यूडीएफ में दरार: संयोजक अदूर प्रकाश ने CM सतीशन पर लगाया 'अंधेरे में रखने' का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केरल में सत्तारूढ़ गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के भीतर गंभीर आंतरिक मतभेद 1 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक रूप से उजागर हो गए, जब गठबंधन के संयोजक और सांसद अदूर प्रकाश ने तिरुवनंतपुरम में एक मीडिया ब्रीफिंग में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन पर महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों में उन्हें कथित तौर पर अंधेरे में रखने का आरोप लगाया। प्रकाश ने स्पष्ट कहा कि कई बड़े निर्णयों की जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से मिली, न कि गठबंधन के आधिकारिक चैनलों से।
क्या है पूरा विवाद
प्रकाश ने कहा, 'यूडीएफ संयोजक के रूप में मुझे यह कहना होगा कि कई चीजों पर चर्चा नहीं होती और कई फैसले मीडिया के माध्यम से ही पता चलते हैं।' उनके अनुसार 30 जुलाई 2026 की बैठक के बाद से अब तक कोई यूडीएफ बैठक नहीं हुई है, जबकि उसी बैठक में हर महीने नियमित बैठकें करने का निर्णय लिया गया था। बैठक का समय और तारीख तय करना मुख्यमंत्री — जो यूडीएफ अध्यक्ष भी हैं — की जिम्मेदारी है।
नियुक्तियों पर सबसे कड़ी आपत्ति
प्रकाश की सबसे तीखी प्रतिक्रिया हालिया सरकारी नियुक्तियों को लेकर थी। पूर्व आईयूएमएल मंत्री एमके मुनीर को प्रशासनिक सुधार आयोग का अध्यक्ष और फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता जी. देवराजन को दिल्ली में केरल के प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है — दोनों को कैबिनेट रैंक दी गई है। प्रकाश ने कहा कि नियुक्त व्यक्ति योग्य हो सकते हैं, लेकिन यूडीएफ संयोजक के रूप में उन्हें इन निर्णयों से पूरी तरह बाहर रखा गया। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से, मुझे यह जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली।'
एआईसीसी तक पहुँचाएंगे शिकायत
प्रकाश ने घोषणा की कि वे इस मुद्दे को अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (एआईसीसी) के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के उच्च कमान ने उन्हें यूडीएफ संयोजक की जिम्मेदारी दी है और जब लोग उनसे फैसलों पर सवाल पूछते हैं तो उनके पास कोई जवाब नहीं होता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे इसे शिकायत के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक समस्या के रूप में सामने रख रहे हैं।
संवेदनशील राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह मतभेद ऐसे समय में सामने आए हैं जब यूडीएफ ने मई 2026 के विधानसभा चुनाव में 140 में से 102 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया था। गौरतलब है कि इससे पहले प्रकाश ने हाल के स्थानीय निकाय उपचुनाव परिणामों के बाद गठबंधन में बेहतर संगठनात्मक समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। मुख्यमंत्री के सरकारी विमान के इस्तेमाल संबंधी विवाद पर टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार कर दिया और कहा कि इसे स्पष्ट करना सतीशन की स्वयं की जिम्मेदारी है।
आगे क्या
प्रकाश के बयान के बाद यूडीएफ के आंतरिक समन्वय की परीक्षा होगी। एआईसीसी की प्रतिक्रिया और अगली यूडीएफ बैठक की तारीख पर सबकी नज़र रहेगी। भारी जनादेश के बावजूद गठबंधन के भीतर संचार और परामर्श की कमी यदि बनी रही, तो यह केरल की सत्ता राजनीति में दीर्घकालिक तनाव का कारण बन सकती है।