चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप: सपा विधायक अबू आजमी ने तुकाराम मुंडे को आयुक्त बनाने की वकालत की
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के महाराष्ट्र अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आयोग के तत्काल इस्तीफे और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की माँग की। इसके साथ ही आजमी ने 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया अलायंस की रैली में जनता की अधिकतम भागीदारी की अपील भी की।
चुनाव आयोग पर आरोप और माँगें
आजमी ने आरोप लगाया कि जहाँ-जहाँ चुनाव हुए हैं, वहाँ मतदाता सूची में हेरफेर के मामले सामने आए हैं — कहीं नाम काटे गए तो कहीं मनमाने तरीके से जोड़े गए। उनका कहना है कि इन कथित अनियमितताओं से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की विश्वसनीयता खतरे में पड़ गई है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर कार्य करने का भी आरोप लगाया।
आजमी ने स्पष्ट किया कि आयोग का इस्तीफा अकेले पर्याप्त नहीं है — संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाए और उनके विरुद्ध जाँच कराई जाए। उन्होंने जोड़ा कि यदि जाँच में अधिकारी निर्दोष पाए जाते हैं तो उन्हें राहत मिल सकती है, परंतु जनभावना के दबाव में कार्रवाई में देरी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करते हुए आजमी ने कहा कि यदि वरिष्ठ नौकरशाह तुकाराम मुंडे को चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी जाए, तो चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और बेहतर ढंग से संचालित हो सकती है।
इंडिया अलायंस रैली और राहुल गांधी की भूमिका
आजमी ने 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया अलायंस की रैली का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी विपक्ष के बड़े नेता हैं और वे मौजूदा परिस्थितियों में सही दिशा जानते हैं। उन्होंने दलगत कार्यकर्ताओं से रैली में बड़ी संख्या में पहुँचने और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की अपील की।
उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर सपा-कांग्रेस गठबंधन पर आजमी ने कहा कि सीट-बंटवारे का अंतिम निर्णय अखिलेश यादव, राहुल गांधी और सोनिया गांधी जैसे वरिष्ठ नेताओं को लेना है। उन्होंने खुद को पार्टी का छोटा कार्यकर्ता बताया, परंतु राय रखी कि सपा को उन सीटों पर प्राथमिकता मिले जहाँ उसके मजबूत उम्मीदवार और बूथ स्तर के सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद हैं।
आजमी ने उम्मीद जताई कि दोनों दल मिलकर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएंगे, जिससे 2029 के केंद्रीय चुनावों में इंडिया अलायंस की स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने अपनी राजनीतिक इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री और अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं से एक-दूसरे के विरुद्ध बयानबाजी से बचने की अपील की और कहा कि अन्य राज्यों में गठबंधन में आई समस्याएं यहाँ न दोहराई जाएं।
खड़गे की टिप्पणी और इमरान खान का मामला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर उठे विवाद पर आजमी ने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी में केवल खड़गे को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने अतीत में सोनिया गांधी के लिए इस्तेमाल हुए 'जर्सी गाय' जैसे शब्दों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि क्या उस समय BJP को ऐसी भाषा अनुचित लगी थी। उनका तर्क था कि सभी दलों को पुराने बयानों की समीक्षा करने के बाद ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े कानूनी मामले पर आजमी ने कहा कि यदि अदालत के पास तत्काल सुनवाई का समय नहीं है, तो सुनवाई तक अंतरिम राहत या स्टे दिया जाना उचित होगा। उन्होंने जोर दिया कि मामले में त्वरित निर्णय होना चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
आगे क्या होगा
इंडिया अलायंस की 1 नवंबर की रैली इन आरोपों और माँगों को व्यापक जन-मंच पर ले जाने का अवसर बनेगी। उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन की रूपरेखा अभी वार्ता के दौर में है और शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर अंतिम निर्णय बाकी है।