क्या अबू आजमी ने बीएमसी चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं? भाजपा पर गंभीर आरोप

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क्या अबू आजमी ने बीएमसी चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं? भाजपा पर गंभीर आरोप

सारांश

क्या अबू आजमी ने बीएमसी चुनाव की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं? जानिए कैसे मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, और भाजपा पर क्या गंभीर आरोप हैं।

Key Takeaways

  • मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
  • मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब होने की शिकायतें आई हैं।
  • धनबल और सत्ता का प्रभाव चुनावी नतीजों पर स्पष्ट हो रहा है।
  • भ्रष्टाचार के आरोप चुनावों में आम देखने को मिल रहे हैं।
  • एक निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।

मुंबई, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने मुंबई में मतदान प्रक्रिया, स्याही के उपयोग और चुनावी परिणामों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में मतदाता मतदान से वंचित रह गए और पूरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

अबू आजमी ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि शिवाजीनगर क्षेत्र में हजारों लोग वोट नहीं डाल सके, क्योंकि उनके नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान जिस स्याही का इस्तेमाल किया गया, वह आसानी से मिट रही थी, जिससे चुनाव की पारदर्शिता पर संदेह उत्पन्न हो रहा है।

आजमी ने कहा, "जब स्याही ही टिकाऊ नहीं है और लोगों के नाम सूची में नहीं हैं तो कहीं न कहीं बहुत बड़ी गड़बड़ी जरूर हुई है।"

चुनावी परिणामों पर चर्चा करते हुए अबू आजमी ने कहा कि अधिकांश सीटों पर महायुति की जीत नजर आ रही है। इस पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके पास सरकार होती है, उनके पास पैसे की ताकत भी होती है। पूरे देश में यही हो रहा है। सरकार में बैठे लोग भ्रष्टाचार करके चुपचाप पैसे बांटते हैं। जैसे ही चुनाव आता है, पैसे बांट दिए जाते हैं। अब आम आदमी के लिए चुनाव जीतना बहुत मुश्किल हो गया है।

आजमी ने यह भी कहा कि इस माहौल में निष्पक्ष और ईमानदार तरीके से चुनाव लड़ना आम लोगों और छोटे दलों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उनके अनुसार, धनबल और सत्ता का प्रभाव चुनावी परिणामों पर साफ दिखाई देता है।

चुनाव परिणामों में एआईएमआईएम की बढ़त पर अबू आजमी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो भी पार्टी भाजपा के साथ रहती है, उसकी सीटों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

विपक्षी दलों की ओर से चुनावी प्रक्रिया और नतीजों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष इन आरोपों को खारिज कर रहा है।

Point of View

जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। सभी राजनीतिक दलों का यह दायित्व है कि वे चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखें।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

अबू आजमी ने किस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं?
उन्होंने मतदान प्रक्रिया, स्याही के उपयोग और चुनावी नतीजों पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा पर अबू आजमी ने क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा के साथ रहने वाली पार्टियों को चुनाव में बढ़त मिलती है।
क्या चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप सही हैं?
यह आरोप गंभीर हैं और इसकी जांच होनी चाहिए ताकि लोकतंत्र की रक्षा की जा सके।
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