राहुल गांधी के सवालों से भाजपा की घबराहट: इमरान मसूद
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा राहुल गांधी के सवालों से चिंतित है।
- लोकतंत्र की मजबूती के लिए जवाबदेही आवश्यक है।
- इमरान मसूद ने चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने का मुद्दा उठाया।
- यूसीसी में कई विसंगतियां हैं, जिन्हें ध्यान में रखना चाहिए।
- आदिवासी समाज की परंपराओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए गए हैं।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता लगातार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, क्योंकि वे उनसे डरते हैं और उनके सवालों का कोई उत्तर नहीं दे पा रहे हैं।
दरअसल, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी को 'प्रोपेगेंडा का लीडर' कहा था। इस पर इमरान मसूद ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "वे लोग वास्तव में राहुल गांधी से बहुत डरते हैं। उनके पास राहुल गांधी के सवालों का कोई उत्तर नहीं है, और इसी कारण से वे हर जगह इस तरह की बातें करते रहते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने जो सवाल देश के सामने उठाए हैं, अब जनता उन सवालों के उत्तर चाहती है।
इमरान मसूद ने कहा, "राहुल गांधी ने जो सवाल खड़े किए हैं, उन पर अब देश को जवाब चाहिए। लेकिन उनके पास कोई उत्तर नहीं है।"
इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा एसआईआर को 'इलेक्टोरल फ्रॉड' बताने के बयान पर भी इमरान मसूद ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक को उसके वोट देने के अधिकार से वंचित किया जाता है, तो इससे चुनावी प्रक्रिया कमजोर होती है।
कांग्रेस सांसद ने कहा, "बिल्कुल चुनावी प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है। अगर आप किसी व्यक्ति को उसके वोट देने के अधिकार से वंचित कर देते हैं, तो इससे निश्चित रूप से लोकतंत्र को नुकसान होगा।"
इसके अलावा उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस कानून में कई प्रकार की असंगतियां हैं और इसके विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की आवश्यकता है।
इमरान मसूद ने कहा, "यूसीसी के अंदर कई बड़ी विसंगतियां हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आदिवासी समाज की परंपराओं का क्या होगा? जब यूसीसी पर चर्चा होती है, तो मुझे समझ नहीं आता कि इसमें बार-बार मुसलमानों को शामिल करने या उनकी चिंता का मुद्दा क्यों उठाया जाता है।"