इमरान मसूद का बयान: संघीय ढांचे की सुरक्षा आवश्यक है
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नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने शिमला में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने गई दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच टकराव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो संघीय ढांचा पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा।
इमरान मसूद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि आप फेडरल स्ट्रक्चर को नष्ट कर रहे हैं। किसी भी राज्य में यदि आप किसी को गिरफ्तार करने जाते हैं, तो पहले आपको स्थानीय थाने को सूचित करना होगा। ऐसे में कार्रवाई कैसे हो सकती है? यह पूरा संघीय ढांचा ध्वस्त हो जाएगा।
जब पीएम मोदी के इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन फॉलोअर्स होने पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इसे 2000 मिलियन तक ले जाना चाहिए। इसमें क्या समस्या है, पूरी दुनिया को फॉलोअर्स बना लेना चाहिए।
एनसीईआरटी विवाद पर उन्होंने कहा कि इसके पीछे जो भी लोग हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। आप देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि जिस देश की ज्यूडिशरी कमजोर होती है, वहां जीवित रहना कठिन हो जाता है। न्याय केवल मिलना ही नहीं चाहिए, बल्कि न्याय दिखना भी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सही कदम उठाया है; उन्हें अपनी छवि को लेकर भी सतर्क रहना होगा।
जब भाजपा ने राहुल गांधी की तुलना उमर खालिद से की, तो मसूद ने कहा कि नेतन्याहू की मानसिकता क्या है, जिसके साथ पीएम मोदी मिल रहे हैं। क्या भाजपा ने नेतन्याहू की मानसिकता का अध्ययन किया है या नहीं? नेतन्याहू पश्चिमी देशों में नहीं जा सकता क्योंकि उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट है। आप खुश हो रहे हैं, यह आपकी मानसिकता है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा पीएम मोदी को 'भाई' कहने पर मसूद ने कहा कि यह अच्छी बात है, लेकिन पीएम मोदी को यह भी पूछना चाहिए कि फिलिस्तीन पर उनका क्या स्टैंड है। फिलिस्तीन पर हमारा यूएन में स्पष्ट स्टैंड है। यह दोहरा चेहरा हमें समझ नहीं आता।