इमरान मसूद का केंद्र पर निशाना: राम मंदिर चंदा विवाद, विदेश नीति और RSS पर कांग्रेस सांसद के तीखे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 27 जून 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला — राम मंदिर चंदा विवाद, भारत की विदेश नीति और आरएसएस की विचारधारा समेत कई अहम मुद्दों पर उन्होंने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार उपलब्धियों का श्रेय लेने में आगे रहती है, लेकिन आलोचना का जवाब देने से कतराती है।
विदेश नीति पर कांग्रेस का रुख
भारत की विदेश नीति और कूटनीति पर बात करते हुए मसूद ने कहा कि देश की अंतरराष्ट्रीय स्थिति पहले की तुलना में कमज़ोर हुई है। उन्होंने कहा, 'पूरी दुनिया ने देखा है कि भारत पहले किस स्थिति में खड़ा था और आज कहाँ खड़ा है।' उन्होंने कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने विदेश नीति से जुड़े मुद्दे तथ्यों के साथ सामने रखे हैं, जबकि वर्तमान सरकार ने भारत की कूटनीति का 'मज़ाक' बना दिया है।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करीबी मित्र बताते हुए अगले वर्ष ट्रंप के भारत दौरे की संभावना जताई थी। इस पर मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार ने भारत के बाज़ार और आर्थिक हितों के साथ समझौता किया है। उनके अनुसार, यदि भारत का व्यापारी और किसान नुकसान की स्थिति में पहुँचता है और अमेरिका का बाज़ार मज़बूत होता है, तो स्वाभाविक रूप से अमेरिकी नेतृत्व भारत सरकार की प्रशंसा करेगा।
राम मंदिर चंदा विवाद पर तीखा हमला
राम मंदिर चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले पर मसूद ने कहा कि 'अब मंदिरों को लूटने वाले नए लोग सामने आए हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जाँच नहीं हो रही और वास्तविक ज़िम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मसूद के अनुसार, जिन लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है या जेल भेजा जा रहा है, वे इतने बड़े स्तर की कथित वित्तीय अनियमितता को अंजाम देने की क्षमता नहीं रखते।
उन्होंने कहा कि छोटे कर्मचारियों और सहयोगियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि असली ज़िम्मेदार लोगों तक जाँच नहीं पहुँच रही। गौरतलब है कि यह विवाद राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदे के प्रबंधन को लेकर कई हफ्तों से राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
RSS और भाजपा के आंतरिक विवाद पर प्रतिक्रिया
भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के आरएसएस पर दिए हालिया बयान पर मसूद ने कहा कि यह उनका और उनके संगठन का आंतरिक विषय है। हालाँकि, संघ की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि 'ऐसी विचारधारा, जो समाज में नफरत फैलाने का काम करती हो, देश और देशवासियों के लिए हितकारी नहीं हो सकती।'
राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति पर बोले मसूद
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के निर्णय पर मसूद ने इसे पार्टी का आंतरिक संगठनात्मक फैसला बताया। उन्होंने गौतम को एक 'प्रभावशाली दलित चेहरा' करार देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति से पार्टी को राजनीतिक लाभ मिलेगा और संगठन को मज़बूती मिलेगी।
सरकार पर जवाबदेही का सवाल
मसूद ने अपनी बात समेटते हुए कहा कि जब कोई सकारात्मक उपलब्धि होती है तो उसका श्रेय लेने में सरकार आगे रहती है, लेकिन जब किसी मामले में आलोचना होती है तो उस पर प्रतिक्रिया देने से बचा जाता है। आलोचकों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल की यह प्रवृत्ति संसदीय जवाबदेही के सिद्धांतों के विरुद्ध है। आने वाले दिनों में संसद सत्र में इन मुद्दों पर विपक्ष की ओर से और दबाव बढ़ने की संभावना है।