वक्फ और मंदिर संपत्तियों पर 'कब्जे की साजिश': इमरान मसूद ने केंद्र व यूपी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 9 जुलाई को सहारनपुर में मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों पर व्यवस्थित तरीके से नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने वक्फ संशोधन कानून, राम मंदिर विवाद, परीक्षा पत्र लीक, ईरान-अमेरिका तनाव और पश्चिम बंगाल की राजनीतिक घटनाओं समेत कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
वक्फ और धार्मिक संपत्तियों पर आरोप
मसूद ने कहा कि सरकार की नज़र पहले वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर थी और अब मंदिरों से जुड़े मामलों में भी कथित अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि यह मुद्दा केवल हिंदू-मुस्लिम का नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन और स्वायत्तता का है। वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों को शामिल किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि असली प्रश्न यह है कि इन संस्थाओं का नियंत्रण किसके हाथ में जाएगा।
मंदिर विवाद और एफआईआर का सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार ने जनता का पैसा अयोध्या राम मंदिर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास में लगाया है, मसूद ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि मंदिरों से जुड़े मामलों में कोई अनियमितता नहीं हुई, तो एफआईआर दर्ज होने और एसआईटी जाँच की नौबत क्यों आई। उन्होंने माँग की कि सरकार इन सवालों का सार्वजनिक जवाब दे। मसूद ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे तंत्र में आरएसएस की भूमिका है और धार्मिक संस्थाओं पर नियंत्रण की कोशिश संगठित रूप से की जा रही है — हालाँकि उन्होंने इसके लिए कोई दस्तावेज़ी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
कब्रिस्तान, शिक्षा और बेरोज़गारी
मुख्यमंत्री योगी के इस बयान पर कि पूर्ववर्ती सरकारें कब्रिस्तानों पर खर्च करती थीं, मसूद ने कहा कि कब्रिस्तान भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और वहाँ बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में लगातार परीक्षा पत्र लीक की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा लगातार महँगी होती जा रही है और गरीब परिवारों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना कठिन हो गया है।
कांग्रेस का रुख और राहुल-प्रियंका की चुप्पी का सवाल
राम मंदिर विवादों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी के सवाल पर मसूद ने कहा कि कांग्रेस इस विषय पर अपनी बात लगातार रखती रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पहले इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुकी हैं। यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस सरकार बनने पर बेरोज़गारी और अपराध पर नियंत्रण होगा या नहीं, उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की सरकार है और सत्ता में आने पर रोज़गार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में सुधार का प्रयास करेगी।
वैश्विक मुद्दे और पश्चिम बंगाल की राजनीति
अमेरिका-ईरान तनाव पर मसूद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि उनका रवैया पूरी दुनिया को धमकाने वाला है और उनके बयान वैश्विक शांति के लिए उचित नहीं हैं। मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को मजबूत करने संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करना प्रधानमंत्री का स्वाभाविक दायित्व है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अंडे फेंके जाने की घटना की निंदा करते हुए मसूद ने कहा कि ऐसी राजनीतिक संस्कृति लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है और सभी दलों को इससे बचना चाहिए। आने वाले दिनों में वक्फ संशोधन कानून के क्रियान्वयन और मंदिर संपत्ति विवादों पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।