क्या इमरान मसूद ने पीएम मोदी के विदेश दौरे पर सवाल उठाए? बोले - 'भारत की विदेश नीति कमजोर'

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क्या इमरान मसूद ने पीएम मोदी के विदेश दौरे पर सवाल उठाए? बोले - 'भारत की विदेश नीति कमजोर'

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे पर उठे सवालों को लेकर इमरान मसूद ने गंभीर टिप्पणियां की हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों से मिले उपहारों का प्रचार तो होता है, लेकिन वैश्विक स्तर पर भारत की विदेश नीति सचमुच कमजोर हो रही है। जानें इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

इमरान मसूद ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े किए हैं।
पीएम मोदी के विदेश दौरे का परिणाम वैश्विक स्तर पर कमजोर स्थिति है।
वक्फ बोर्ड का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, और इसकी सुनवाई जल्द होने वाली है।
कांवड़ पथ निर्माण के निर्णय पर सरकार को स्पष्टता की आवश्यकता है।
राजनीति में गठबंधन की संभावनाएं हमेशा रहती हैं।

सहारनपुर, 4 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे और उनके द्वारा मिले उपहारों पर सियासी बयानबाजी बढ़ गई है। सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को विदेशों से बड़े-बड़े उपहार मिलते हैं, जिनका भारत में व्यापक प्रचार होता है, लेकिन वैश्विक स्तर पर भारत की विदेश नीति कमजोर होती जा रही है।

मसूद ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र के 192 सदस्य देशों में से 182 ने आतंकवाद विरोधी समिति में पाकिस्तान के पक्ष में वोट किया, जो भारत की विदेश नीति की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने तंज करते हुए कहा, "कितना बड़ा तोहफा मिल गया भाई, पूरी दुनिया में एक भी देश हमारे साथ खड़ा नहीं है। पीएम मोदी कितने भी दौरे कर लें, वैश्विक मंच पर हमारी धज्जियां उड़ रही हैं।"

इमरान मसूद ने वक्फ बोर्ड के मामले पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वक्फ का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है और 14 जुलाई को इसकी सुनवाई होगी। इस मुद्दे पर मोहर्रम और कांवड़ यात्रा के दौरान भी ध्यान दिया जाएगा। हम लोग मोहर्रम में भी वक्फ पर नजर रखेंगे और कांवड़ यात्रा में भी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही इस पर आगे की रणनीति बनेगी। अभी कांवड़ यात्रा की सेवा में लोग जुटे हैं।"

हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 700 करोड़ रुपये की लागत से कांवड़ पथ निर्माण का निर्णय लिया गया है। इस पर इमरान मसूद ने सवाल उठाते हुए कहा, "सरकार ने फैसला तो ले लिया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि यह पथ कहां बनेगा, कितना लंबा होगा? कांवड़ मार्ग कई हैं, सहारनपुर से भी कांवड़ यात्री गुजरते हैं, हरियाणा के यात्री भी अपने रास्तों से जल चढ़ाते हैं। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह पथ कहां-कहां बनेगा?"

इटावा में यादव कथावाचकों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के आक्रोश और योगी सरकार को दी गई तीन दिन की चेतावनी पर इमरान मसूद ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं किसी भी विवादित मुद्दे पर बोलना नहीं चाहता और न ही ऐसे मुद्दों को पसंद करता हूं।"

अखिलेश यादव की ओर से आजमगढ़ में नया घर बनाए जाने की खबर पर मसूद ने कहा कि इसमें कोई समस्या नहीं है। अखिलेश यादव आजमगढ़ से सांसद रहे हैं और उन्हें वहां घर बनाना चाहिए। इससे किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और चंद्रशेखर आजाद की पार्टी के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर मसूद ने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "राजनीति में कुछ भी संभव है। गठबंधन का खेल है, कब किसके साथ गठजोड़ हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता।"

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा बिहार में महागठबंधन का समर्थन करने की बात पर मसूद ने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा, "ओवैसी साहब के बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता। वह क्या करेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। यह ऐसा सवाल है, जिसका मेरे पास कोई जवाब नहीं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत की विदेश नीति को ठोस और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए आवश्यक है कि सरकार सही दिशा में कदम उठाए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने पीएम मोदी के विदेश दौरे पर क्या कहा?
इमरान मसूद ने कहा कि भारत की विदेश नीति कमजोर हो रही है और पीएम मोदी को विदेशों से मिले उपहारों का प्रचार ज्यादा होता है।
क्या इमरान मसूद ने वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर कुछ कहा?
हाँ, उन्होंने कहा कि वक्फ का मामला सुप्रीम कोर्ट में है और इसकी सुनवाई 14 जुलाई को होगी।
कांवड़ पथ निर्माण का निर्णय किसने लिया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में 700 करोड़ रुपये की लागत से कांवड़ पथ निर्माण का निर्णय लिया गया है।
राष्ट्र प्रेस