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इमरान मसूद का केंद्र पर हमला: 'न किसान की आय दोगुनी हुई, न किसी को घर मिला'

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इमरान मसूद का केंद्र पर हमला: 'न किसान की आय दोगुनी हुई, न किसी को घर मिला'

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सहारनपुर में केंद्र सरकार को घेरा — किसान आय दोगुनी करने और सबको घर देने के वादे झूठे साबित हुए। महंगाई, पेपर लीक और ईवीएम पर भी तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 8 जून को सहारनपुर में केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई और किसी को पक्का घर नहीं मिला।
महंगाई को 'चरम पर' बताया; कहा — आम लोगों को घर चलाना मुश्किल हो गया है।
पेपर लीक पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने का आरोप लगाया।
82 फीसदी लोगों के मांस खाने का हवाला देते हुए प्रतिबंध की मुहिम को निरर्थक बताया।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोमवार, 8 जून को सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने और सभी को आवास देने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ।

किसान और आवास वादे पर सीधा हमला

मसूद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने दो प्रमुख वादे किए थे — किसानों की आय दोगुनी करना और हर परिवार को पक्का घर देना। उनके अनुसार, 'आज की तारीख में न ही किसी किसान की आय दोगुनी हुई और न ही किसी को अपना घर मिला।' उन्होंने कहा कि यह वादाखिलाफी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और देश की जनता अब सब कुछ समझ रही है।

महंगाई और ईवीएम पर सवाल

मसूद ने कहा कि महंगाई अपने चरम पर पहुँच चुकी है और आम लोगों को अपना घर चलाने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ईवीएम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भले ही सत्तारूढ़ पक्ष ईवीएम पर भरोसे का दावा करे, लेकिन 'आम लोगों का भरोसा ईवीएम पर कम हुआ है' — इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता।

पेपर लीक पर आरोप

उन्होंने परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाया। मसूद के अनुसार, सरकार से सवाल पूछने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाते हैं और उनका 'मुंह बंद' करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा, 'यह साफ जाहिर होता है कि यह सरकार सवाल पूछे जाने से डरती है।'

अखिलेश यादव और मांस प्रतिबंध पर प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयान पर मसूद ने कहा कि 'वो कोई भी बात हवा में नहीं करते' और उनके हर बयान के पीछे कोई न कोई तथ्य होता है। मांस पर प्रतिबंध की चर्चा पर उन्होंने कहा कि देश में 82 फीसदी लोग मांस खाते हैं और 14 फीसदी मुस्लिम हैं — ऐसे में प्रतिबंध का औचित्य क्या है, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार सरकार की नीतियों पर हमलावर है और उत्तर प्रदेश में राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आलोचकों पर मुकदमों का रास्ता अपनाती है। पेपर लीक की शृंखला और महंगाई के आँकड़े सरकार के लिए असली कमज़ोर कड़ी हैं — और विपक्ष इसी को मुद्दा बना रहा है। उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए, यह बयानबाज़ी जमीनी असर डाल सकती है।
RashtraPress
7 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने किसान आय पर क्या कहा?
इमरान मसूद ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। उनके अनुसार यह वादाखिलाफी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
इमरान मसूद ने पेपर लीक पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में पेपर लीक हो रहे हैं और सवाल पूछने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उनका कहना है कि इससे साफ होता है कि सरकार जवाबदेही से बचना चाहती है।
ईवीएम पर मसूद का क्या रुख है?
मसूद ने कहा कि भले ही सत्तारूढ़ पक्ष ईवीएम पर भरोसे का दावा करे, आम जनता का ईवीएम पर विश्वास कम हुआ है और इसे नकारा नहीं जा सकता।
मांस प्रतिबंध पर इमरान मसूद ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि देश में 82 फीसदी लोग मांस खाते हैं और 14 फीसदी मुस्लिम हैं। इस आधार पर उन्होंने प्रतिबंध की मुहिम को अव्यावहारिक बताया।
अखिलेश यादव के बयान पर मसूद की क्या प्रतिक्रिया थी?
मसूद ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव कोई भी बात बिना तथ्य के नहीं करते। उनके हर बयान के पीछे कोई न कोई आधार होता है।
राष्ट्र प्रेस
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