14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इमरान मसूद का केंद्र पर हमला: 12 साल में पेट्रोल 48% महंगा, ऊर्जा में आत्मनिर्भरता अभी दूर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इमरान मसूद का केंद्र पर हमला: 12 साल में पेट्रोल 48% महंगा, ऊर्जा में आत्मनिर्भरता अभी दूर

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सहारनपुर में केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल पर हमला बोला — पेट्रोल 48% और डीजल 68% महंगा होने के आँकड़े गिनाए, और कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' का नारा देने वाली सरकार ऊर्जा जैसे बुनियादी क्षेत्र में अब तक आत्मनिर्भर नहीं हो सकी।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 26 मई 2026 को सहारनपुर में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल पर तीखा हमला बोला।
उनके अनुसार इस अवधि में पेट्रोल 48.2% और डीजल 67.9% महंगा हुआ; सरकार ₹1 लाख करोड़ का घाटा उठा रही है।
मसूद ने 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में अब तक आत्मनिर्भरता हासिल नहीं हुई।
उन्होंने बेरोज़गारी और शिक्षा की बढ़ती लागत को युवाओं के लिए गंभीर संकट बताया।
विदेश नीति पर नेहरू , इंदिरा गांधी और वाजपेयी के कार्यकाल से तुलना करते हुए भारत की वैश्विक साख पर चिंता जताई।

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 26 मई 2026 को केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महंगाई, बेरोज़गारी, शिक्षा, ऊर्जा क्षेत्र और विदेश नीति को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' का नारा देने वाली सरकार अब तक ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल नहीं कर सकी है।

महंगाई और ईंधन की कीमतें

मसूद ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में 48.2 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में लगभग 67.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने वित्त मंत्री के उस बयान का भी हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि सरकार ₹1 लाख करोड़ का घाटा उठा रही है।

उनका कहना था कि इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि आम आदमी पर ईंधन की बढ़ती लागत का सीधा बोझ पड़ा है, जो समग्र महंगाई को और बढ़ाता है।

बेरोज़गारी और शिक्षा का संकट

कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश में बेरोज़गारी चरम पर है और युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनके अनुसार शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि गरीब परिवारों के बच्चों की पहुँच उच्च शिक्षा तक सीमित होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी नौकरी और शिक्षा — दोनों मोर्चों पर संघर्ष कर रही है, जो देश के दीर्घकालिक विकास के लिए चिंताजनक संकेत है।

आत्मनिर्भर भारत पर सवाल

मसूद ने 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को लेकर सीधा सवाल उठाया। उनका तर्क था कि जब सबसे बुनियादी क्षेत्र — ऊर्जा — में देश अभी भी आत्मनिर्भर नहीं है, तो यह नारा अधूरा रह जाता है। गौरतलब है कि भारत अपनी कुल ऊर्जा ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर रहकर पूरा करता है।

विदेश नीति और ऐतिहासिक तुलना

भारत की वैश्विक साख के सवाल पर मसूद ने ऐतिहासिक उदाहरण दिए। उन्होंने दावा किया कि जब पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू अमेरिका गए थे, तब वहाँ के राष्ट्रपति स्वयं विमान के दरवाज़े तक उन्हें रिसीव करने पहुँचे थे।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी उल्लेख किया। मसूद के अनुसार 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान इंदिरा गांधी और अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के बीच तीखा मतभेद हुआ था — जिसकी जड़ में शीत युद्ध के दौरान अमेरिका की पाकिस्तान-परस्त नीति थी। मसूद का दावा है कि इंदिरा गांधी बिना मुलाकात किए लौट आई थीं और उन्होंने निक्सन का फोन तक नहीं लिया था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं ने देश को जो वैश्विक पहचान दिलाई थी, वह कमज़ोर हुई है।

आगे क्या

मसूद के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर लगातार दबाव बना रहा है। आलोचकों का कहना है कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता, रोज़गार सृजन और शिक्षा की पहुँच जैसे मुद्दे आगामी चुनावी विमर्श में केंद्रीय भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ऊर्जा आत्मनिर्भरता का सवाल असल नीतिगत विफलता की ओर इशारा करता है जिसे सत्तापक्ष भी नकार नहीं सकता। 'आत्मनिर्भर भारत' की घोषणाओं के बावजूद भारत कच्चे तेल के आयात पर भारी निर्भर है — यह अंतर्विरोध महज़ विपक्षी आरोप नहीं, बल्कि सरकारी आँकड़ों में भी दर्ज है। ऐतिहासिक तुलनाएँ — नेहरू, इंदिरा, वाजपेयी — राजनीतिक रूप से प्रेरित हो सकती हैं, लेकिन विदेश नीति की स्वायत्तता पर बहस को ज़िंदा रखती हैं। असली सवाल यह है कि ऊर्जा संक्रमण की कोई ठोस समयसीमा क्यों नहीं है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने आत्मनिर्भर भारत पर क्या सवाल उठाए?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सरकार 'आत्मनिर्भर भारत' का नारा देती है, लेकिन सबसे ज़रूरी क्षेत्र — ऊर्जा — में अब तक आत्मनिर्भरता हासिल नहीं हुई है। उनका तर्क है कि बिना ऊर्जा स्वावलंबन के यह अभियान अधूरा है।
मसूद ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर क्या आँकड़े दिए?
उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में पेट्रोल 48.2 प्रतिशत और डीजल लगभग 67.9 प्रतिशत महंगा हुआ है। साथ ही उन्होंने वित्त मंत्री के उस बयान का हवाला दिया जिसमें सरकार पर ₹1 लाख करोड़ के घाटे की बात कही गई थी।
इमरान मसूद ने इंदिरा गांधी और निक्सन का उदाहरण क्यों दिया?
भारत की विदेश नीति में ऐतिहासिक दृढ़ता दिखाने के लिए मसूद ने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान इंदिरा गांधी और अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के बीच हुए विवाद का ज़िक्र किया। उनका दावा है कि इंदिरा गांधी ने निक्सन की पाकिस्तान-परस्त नीति के सामने झुकने से इनकार कर दिया था।
मसूद ने युवाओं और शिक्षा को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि बेरोज़गारी चरम पर है और शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि गरीब परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा तक पहुँच सीमित हो रही है। उनके अनुसार युवा पीढ़ी नौकरी और शिक्षा — दोनों मोर्चों पर संघर्ष कर रही है।
इमरान मसूद कौन हैं और यह बयान कहाँ दिया गया?
इमरान मसूद सहारनपुर से कांग्रेस सांसद हैं। यह बयान उन्होंने 26 मई 2026 को सहारनपुर में दिया, जहाँ उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति पर व्यापक सवाल उठाए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले