पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर इमरान मसूद का केंद्र पर प्रहार, बोले — 'आने वाले महीने बेहद कठिन'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार, 23 मई को नई दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चेतावनी दी कि देश धीरे-धीरे गहरे आर्थिक दबाव की ओर बढ़ रहा है और आने वाले एक-दो महीनों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उनके अनुसार, सरकार ने अभी तक इस संकट से निपटने के लिए कोई ठोस कदम या बड़ी बैठक नहीं की है।
मसूद का केंद्र सरकार पर सीधा हमला
मसूद ने कहा, 'झटके धीरे-धीरे लगेंगे। यह तूफान आ रहा है। पीएम मोदी इसे रोक नहीं पाएंगे। इन्होंने देश को आर्थिक मंदी में धकेल दिया और देश के अंदर अभी आने वाले एक-दो महीने में बहुत स्थिति खराब होनी है। इस स्थिति में भी अगर ये नहीं सोचेंगे, नहीं विचार करेंगे, तो यह देश के लोगों को भारी भुगतान करना पड़ेगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब ईंधन की कीमतें आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर डाल रही हैं और विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव ने परिवहन और खाद्य वस्तुओं की लागत को भी प्रभावित किया है।
गठबंधन की सीटों पर रणनीति
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं को 400 सीटों पर तैयारी रखने को कहा था — प्रतिक्रिया देते हुए मसूद ने स्पष्ट किया कि सीटों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण जीत है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में हर दल अपनी रणनीति खुद तय करता है और असली लक्ष्य जनता का विश्वास जीतना है, न कि केवल सीटों की गिनती करना।
मसूद ने यह भी रेखांकित किया कि कोई भी दल पहले से यह नहीं बता सकता कि कौन कितनी सीटें जीतेगा, क्योंकि यह पूरी तरह जनता के मूड पर निर्भर करता है।
राहुल गांधी की भूमिका पर जोर
मसूद ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भूमिका गठबंधन के लिए निर्णायक है। उनके अनुसार, जनता राहुल गांधी को गरीबों और आम लोगों की आवाज़ के रूप में देखती है और उन पर भरोसा करती है।
अजय राय की एफआईआर पर प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए विवादास्पद बयान और उसके बाद दर्ज हुई एफआईआर पर मसूद ने कहा कि उन्होंने बयान विस्तार से नहीं सुना, लेकिन एफआईआर दर्ज होना अब एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि 'एफआईआर तो इनका रोज का काम बन गया है।'
सपा सांसद राजीव राय की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी सांसद राजीव राय ने इस विषय पर संतुलित रुख अपनाते हुए कहा, 'हम प्रधानमंत्री से असहमत हो सकते हैं, उनके विचारों से असहमत हो सकते हैं, लेकिन मैं ऐसी बातों का समर्थन नहीं करता। ऐसी बातें राज्य की भाषा और नैतिक मानकों को गिराती हैं।' यह टिप्पणी विपक्षी एकता के बीच आंतरिक मतभेदों को भी उजागर करती है।
आने वाले हफ्तों में ईंधन की कीमतों और महंगाई पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है, खासकर जब चुनावी तैयारियाँ भी साथ-साथ चल रही हैं।