क्या असम के मुख्यमंत्री सुरक्षा में असफल हैं? इमरान मसूद का बयान
सारांश
Key Takeaways
- इमरान मसूद का बयान असम के मुख्यमंत्री पर सवाल उठाता है।
- कांग्रेस नेताओं का विश्वास इमरान मसूद पर है।
- घुसपैठ पर सुरक्षा की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए गए हैं।
- बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी को गलत बताया।
- राजनीतिक संवाद का महत्व दर्शाया गया है।
सहारनपुर, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने यह दावा किया है कि असम में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी महाविजय हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी हैं।
कांग्रेस सांसद का यह बयान तब आया है जब उन्हें असम में स्क्रीनिंग कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है। सहारनपुर में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मुझ पर विश्वास व्यक्त किया है, इसके लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं। मैं कोशिश करूंगा कि मैं इस विश्वास पर खरा उतर सकूं।
कांग्रेस संगठन में प्रियंका गांधी वाड्रा को एक और बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें असम स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाया गया है। भाजपा ने यह दावा किया है कि राहुल गांधी से कांग्रेस का भरोसा उठ चुका है। इस पर इमरान मसूद ने कहा कि भाजपा को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। हमारे नेता राहुल गांधी हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के घुसपैठ पर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि घुसपैठिए कहां से आ रहे हैं? यदि आपकी सीमा सुरक्षित नहीं है तो आपको इस्तीफा देना चाहिए।
इमरान मसूद ने बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों पर केंद्र सरकार की चुप्पी को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि वहां लगातार हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं और उन्हें मारा जा रहा है।
बीएमसी चुनाव के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मराठी मेयर होना चाहिए। इस पर इमरान मसूद ने कहा कि चुनाव में नफरत की बुनियाद नहीं होनी चाहिए। हम बार-बार कहते हैं कि नफरत से देश नहीं चलेगा।
कांग्रेस सांसद ने केकेआर से बांग्लादेशी क्रिकेटर को रिलीव किए जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भारत सरकार से यह नहीं पूछा जा रहा कि बांग्लादेश में क्या हो रहा है।