केटीआर ने स्पीकर द्वारा दलबदलुओं को दी गई क्लीनचिट को 'लोकतंत्र पर हमला' बताया

Click to start listening
केटीआर ने स्पीकर द्वारा दलबदलुओं को दी गई क्लीनचिट को 'लोकतंत्र पर हमला' बताया

सारांश

केटी रामाराव ने तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दलबदलियों को दी गई क्लीनचिट को लोकतंत्र पर हमला माना। उन्होंने इस फैसले की कड़ी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा बताया।

Key Takeaways

  • केटी रामाराव ने स्पीकर की क्लीनचिट को लोकतंत्र पर हमला माना।
  • दलबदल के मामलों में भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ी।
  • तेलंगाना के लोग इस राजनीतिक स्थिति पर नज़र रख रहे हैं।

हैदराबाद, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने बुधवार को दलबदल विरोधी मामले में विधायकों दानम नागेंदर और कादियम श्रीहरि को तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा दी गई क्लीनचिट को लोकतंत्र पर खुला हमला बताया।

उन्होंने तेलंगाना के विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार द्वारा नागेंदर और श्रीहरि के अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं को खारिज करने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स का उपयोग किया। नागेंदर और श्रीहरि 2023 में बीआरएस के टिकट पर विधानसभा के लिए चुने गए थे, लेकिन बाद में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए।

केटी रामाराव ने स्पीकर की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने नागेंदर को क्लीनचिट दी है, जिन्होंने 2024 में कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिह्न पर लोकसभा चुनाव लड़ा, जो कि जनादेश का अपमान है।

बीआरएस नेता ने कहा कि स्पीकर का यह निर्णय दलबदल को बढ़ावा देगा और इसे लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन करार दिया।

उन्होंने कहा, “यह कोई साधारण निर्णय नहीं है। यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे संवैधानिक व्यवस्था का उपयोग सत्ता में बैठे लोगों के हित में किया जाता है। यदि जनता के वोटों से जीते गए पदों को निजी लाभ के लिए बदल दिया जाए और स्पीकर उस पर अपनी मुहर लगा दें, तो लोकतांत्रिक मूल्यों का क्या होगा?”

उन्होंने यह भी कहा, “ऐसे निर्णय लोगों के विश्वास को कमजोर करते हैं। तेलंगाना के लोग सब कुछ देख रहे हैं और वे सही समय पर जवाब देंगे।”

इससे पहले, कादियम श्रीहरि और दानम नागेंदर की अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं पर आदेश सुनाते हुए स्पीकर ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में असफल रहे कि दोनों विधायकों ने कांग्रेस पार्टी में दलबदल किया।

स्पीकर ने पिछले सप्ताह बीआरएस विधायक कौशिक रेड्डी और भाजपा विधायक महेश्वर रेड्डी द्वारा नागेंदर की अयोग्यता के लिए दायर याचिकाओं और बीआरएस विधायक केपी विवेकानंद द्वारा श्रीहरि की अयोग्यता के लिए दायर याचिका पर सुनवाई पूरी की थी।

स्पीकर ने 2024 में कांग्रेस के सत्ता में आने के कुछ महीनों बाद कांग्रेस में शामिल हुए बीआरएस के सभी 10 विधायकों की अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं को खारिज भी किया है।

दिसंबर 2025 में उन्होंने पांच विधायकों तेल्लम वेंकट राव, बंडला कृष्ण मोहन रेड्डी, टी. प्रकाश गौड़, गुडेम महीपाल रेड्डी और अरेकापुडी गांधी की अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं को खारिज किया था।

उन्होंने 15 जनवरी को पोचारम श्रीनिवास रेड्डी और काले यदैय्या की अयोग्यता से संबंधित याचिकाएं भी खारिज की थीं। 4 फरवरी को स्पीकर ने बीआरएस विधायक संजय कुमार की अयोग्यता से संबंधित याचिका को भी खारिज कर दिया था।

सभी मामलों में स्पीकर ने फैसला दिया कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में असफल रहे कि विधायकों ने कांग्रेस में दलबदल किया और स्पष्ट किया कि दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं किया जा सकता।

Point of View

NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

केटी रामाराव ने किस मामले पर प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने दलबदल विरोधी मामले में विधायकों दानम नागेंदर और कादियम श्रीहरि को दी गई क्लीनचिट पर प्रतिक्रिया दी।
स्पीकर ने दलबदल के मामले में क्या निर्णय लिया?
स्पीकर ने दानम नागेंदर और कादियम श्रीहरि की अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया।
केटीआर ने स्पीकर के निर्णय को क्यों गलत बताया?
उन्होंने इसे लोकतंत्र के जनादेश का अपमान और दलबदल को बढ़ावा देने वाला बताया।
क्या यह मामला तेलंगाना की राजनीति में प्रभाव डाल सकता है?
हाँ, यह मामला राजनीतिक स्थिरता और जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकता है।
मौजूदा राजनीतिक स्थिति का क्या असर होगा?
यह स्थिति लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर सकती है और जनता की भावना को प्रभावित कर सकती है।
Nation Press