अंडर-20 वर्ल्ड कुश्ती: मानसी लाथर को रजत, तन्वी और कोमल ने कांस्य जीता — भारत का शानदार समापन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला कुश्ती टीम ने स्लोवाकिया में आयोजित अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप के अंतिम दिन — 22 अगस्त — एक रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए, जिससे इस प्रतियोगिता में भारत का कुल पदक-खाता और मज़बूत हुआ। यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि भारतीय महिला पहलवानों की नई पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तेज़ी से अपनी पहचान बना रही है।
मानसी लाथर: फाइनल में संघर्ष, रजत पदक पर संतोष
मानसी लाथर ने 68 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में जगह बनाई, लेकिन चीन की चेनलिंग सोंग के खिलाफ डिफेंसिव बाउट में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बावजूद मानसी का रजत पदक भारतीय कुश्ती के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, क्योंकि इस भार वर्ग में चीन का दबदबा लंबे समय से बना हुआ है।
तन्वी और कोमल ने कांस्य से दमदार अंत किया
तन्वी गुंडेश मगदुम ने 57 किग्रा भार वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में कनाडा की एग्निया क्राकोवस्का को 10-4 के बड़े अंतर से हराकर पदक सुनिश्चित किया। वहीं, कोमल ने 59 किग्रा भार वर्ग में हंगरी की एडा बालाज को 5-2 से मात देकर कांस्य पदक अपने नाम किया। दोनों पहलवानों ने दबाव में आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए भारत को मज़बूत समापन दिलाया।
काजल धोचक: स्वर्णिम प्रदर्शन, नई सनसनी
चैंपियनशिप के एक दिन पहले, शुक्रवार को, 18 वर्षीया काजल धोचक ने 76 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में चीन की जिंगरू सुन को पॉइंट्स (वीपीओ) पर 7-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता — और वह भी बिना एक भी गलती के। गौरतलब है कि काजल इससे पहले 2024 अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप (69 किग्रा) और 2025 अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप (72 किग्रा) का खिताब भी जीत चुकी हैं। इस साल उन्होंने अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप और बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज़ में भी स्वर्ण पदक हासिल किए — यह उनकी बहुमुखी प्रतिभा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर वर्चस्व को रेखांकित करता है।
तनु शर्मा और सविता: फाइनल में पहुँचीं, रजत से लौटीं
तनु शर्मा ने 72 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में जापान की चिसातो योशिदा से हार के बाद रजत पदक जीता। 62 किग्रा भार वर्ग में सविता का सामना जापान की सकुरा ओनिशी से हुआ, जहाँ उन्हें तकनीकी प्राथमिकता के आधार पर 2-12 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें भी रजत पदक मिला।
भारतीय कुश्ती के लिए आगे क्या
यह चैंपियनशिप भारतीय महिला कुश्ती के लिए एक नई उम्मीद की लहर लेकर आई है। काजल धोचक जैसी युवा प्रतिभाओं का उभरना संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में भारत वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और मज़बूत दावेदारी पेश कर सकता है।