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राहुल गांधी का धरना महज हेडलाइन मैनेजमेंट: जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन का तीखा हमला

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राहुल गांधी का धरना महज हेडलाइन मैनेजमेंट: जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन का तीखा हमला

सारांश

जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने राहुल गांधी के धरने को 'हेडलाइन मैनेजमेंट का खेल' बताया। अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले को खोखला, तेजस्वी को 'पॉलिटिकल टूरिस्ट' और कांग्रेस को वंदे मातरम विवाद का जिम्मेदार करार दिया।

मुख्य बातें

जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने 22 अगस्त को पटना में राहुल गांधी के धरने को 'हेडलाइन मैनेजमेंट का खेल' करार दिया।
राजीव रंजन ने सवाल उठाया कि बिना अनुमति के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर धरना देकर राहुल गांधी कानून-व्यवस्था की क्या मिसाल पेश कर रहे हैं।
अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले को खारिज करते हुए कहा कि ओबीसी, दलित और अल्पसंख्यक उनके साथ नहीं हैं और समाजवादी पार्टी यूपी में हार की कगार पर है।
वंदे मातरम विधेयक पर कांग्रेस को घेरा — कहा कि संसद में चुप रहने के बाद अब राष्ट्रीय गीत का अपमान करना गैरजिम्मेदाराना है।
तेजस्वी यादव को 'पॉलिटिकल टूरिस्ट' बताया, कहा — बिहार छात्र आंदोलन के दौरान विदेश में थे, अब झारखंड में सियासत कर रहे हैं।

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने 22 अगस्त को पटना में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के धरने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से हेडलाइन मैनेजमेंट का खेल है और इसका जनता के वास्तविक मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है।

राहुल गांधी के धरने पर जेडीयू का पलटवार

राजीव रंजन ने कहा, "यह पूरी तरह से हेडलाइन मैनेजमेंट का खेल है। राहुल गांधी जानते हैं कि वह विपक्ष के नेता हैं और कैमरे उनके आस-पास होंगे। असल में, लोग अब यह समझने लगे हैं।" उन्होंने सवाल उठाया कि बिना पूर्व अनुमति के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर धरना देकर राहुल गांधी आम जनता को कानून-व्यवस्था के प्रति क्या संदेश देना चाहते हैं। जेडीयू प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं या जहाँ वह गठबंधन में सहयोगी है, वहाँ ऐसे विरोध-प्रदर्शन की मिसाल देना उचित नहीं है।

अखिलेश यादव के पीडीए बयान पर निशाना

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) वाले बयान पर राजीव रंजन ने कहा, "अखिलेश यादव अलग-अलग समूहों का गठबंधन बनाने की कोशिश करते रहते हैं। अखिलेश के साथ ओबीसी, दलित और न ही अल्पसंख्यक हैं।" उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश ने पीडीए का मतलब 'पंडित' बताने की कोशिश की, लेकिन ब्राह्मण समाज उनकी इस चाल में नहीं फँस रहा। जेडीयू प्रवक्ता के अनुसार, चुनाव से पहले ही समाजवादी पार्टी का मनोबल गिरा हुआ है और पार्टी उत्तर प्रदेश में बड़ी हार की कगार पर है।

वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस को घेरा

वंदे मातरम विधेयक को लेकर उठे विवाद पर राजीव रंजन ने कांग्रेस को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जब यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा के लिए आया था, उस समय कांग्रेस ने कोई आपत्ति नहीं जताई। अब जब यह विधेयक राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से कानून बन चुका है, तो कांग्रेस नेताओं द्वारा राष्ट्रीय गीत का अपमान करना उनके गैरजिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है।

तेजस्वी यादव पर 'पॉलिटिकल टूरिस्ट' का तंज

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव के झारखंड में छात्रों के धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पर राजीव रंजन ने कहा, "हैरानी की बात है कि जब बिहार के छात्र आंदोलन कर रहे थे, तब तेजस्वी यादव कहाँ थे? जंतर-मंतर पर भी नहीं दिखे, उस समय विदेश यात्रा पर थे।" उन्होंने तेजस्वी को 'पॉलिटिकल टूरिस्ट' करार देते हुए कहा कि जेन-जी पीढ़ी इस राजनीतिक चाल को भलीभाँति समझती है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इन बयानों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और राजनीतिक घमासान और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एनडीए गठबंधन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो विपक्ष के हर कदम को 'नाटक' के रूप में प्रस्तुत करती है। राहुल गांधी के धरने को 'हेडलाइन मैनेजमेंट' कहना तब तक प्रभावी है जब तक सत्तारूढ़ दल खुद जन-आकांक्षाओं पर ठोस जवाब दे सके। अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले को खारिज करना आसान है, लेकिन उत्तर प्रदेश में ओबीसी-दलित समीकरण की जमीनी हकीकत इससे कहीं अधिक जटिल है। तेजस्वी पर 'पॉलिटिकल टूरिस्ट' का तंज बिहार की राजनीति में जेडीयू की बढ़त दर्शाता है, पर यह भी याद रहे कि छात्र आंदोलनों की अनदेखी का आरोप किसी एक दल तक सीमित नहीं है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी के धरने पर जेडीयू ने क्या कहा?
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने राहुल गांधी के धरने को 'हेडलाइन मैनेजमेंट का खेल' बताया। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व अनुमति के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर धरना देकर राहुल गांधी कानून-व्यवस्था के प्रति गलत संदेश दे रहे हैं।
अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले पर जेडीयू का क्या रुख है?
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि अखिलेश यादव के साथ ओबीसी, दलित और अल्पसंख्यक — कोई भी नहीं है। उन्होंने कहा कि पीडीए को 'पंडित' से जोड़ने की कोशिश भी विफल है और समाजवादी पार्टी यूपी में बड़ी हार की कगार पर है।
वंदे मातरम विवाद में कांग्रेस की क्या भूमिका बताई गई?
राजीव रंजन ने कहा कि जब वंदे मातरम विधेयक लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा के लिए आया, उस समय कांग्रेस ने कोई आपत्ति नहीं जताई। अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से कानून बनने के बाद राष्ट्रीय गीत का अपमान करना कांग्रेस का गैरजिम्मेदाराना रवैया है।
तेजस्वी यादव को 'पॉलिटिकल टूरिस्ट' क्यों कहा गया?
जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि जब बिहार के छात्र आंदोलन कर रहे थे, तब तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर थे और जंतर-मंतर पर भी नहीं दिखे। अब वे झारखंड में छात्र आंदोलन में शामिल होकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं, इसीलिए उन्हें 'पॉलिटिकल टूरिस्ट' कहा गया।
यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान 22 अगस्त को पटना में जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने दिया, जब विपक्षी दलों और एनडीए गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। इसमें राहुल गांधी के धरने, अखिलेश के पीडीए बयान, वंदे मातरम विवाद और तेजस्वी यादव की राजनीतिक गतिविधियों पर एक साथ प्रतिक्रिया दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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