क्या राहुल गांधी, लालू यादव के साथ रहकर कांग्रेस का भला कर सकते हैं? : अशोक चौधरी

सारांश
Key Takeaways
- अशोक चौधरी का बयान कांग्रेस और राजद के गठबंधन पर है।
- राहुल गांधी को लालू यादव के साथ रहकर कांग्रेस को आगे बढ़ाना मुश्किल है।
- कांग्रेस का बिहार में प्रदर्शन कमजोर रहा है।
- नीतीश कुमार अपने गठबंधन में ईमानदार हैं।
- राहुल गांधी को बिहार में दौरा करने की आवश्यकता है।
पटना, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मंत्री और जदयू के नेता अशोक चौधरी ने कांग्रेस और राजद के गठबंधन पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब तक लालू यादव के साथ रहेंगे, तब तक कांग्रेस का कोई भला नहीं हो सकता।
पटना में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस न केवल अपने मार्ग से भटकी है, बल्कि पथभ्रष्ट भी हो चुकी है।
बिहार के मंत्री अशोक चौधरी पहले प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और बाद में जदयू में शामिल हो गए।
उन्होंने कहा, "जिस दिन से सीताराम केसरी ने लालू यादव से कांग्रेस का गठबंधन कराया, तब से कांग्रेस अपने रास्ते से भटक चुकी है, और बिहार में पथभ्रष्ट हो गई है। राहुल गांधी ने जिस लालू यादव के लिए अध्यादेश की कॉपी फाड़ी थी, आज उन्हीं के साथ बिहार में सरकार बनाने के लिए प्रयासरत हैं।"
उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चलाए जा रहे 'वोटर अधिकार यात्रा' में जनसमूह जुटने के दावे पर कहा कि जब राजीव गांधी पटना आए थे, तब गांधी मैदान में सबसे बड़ी भीड़ थी। कहा जाता है कि उस समय चार से साढ़े चार लाख की भीड़ थी। लेकिन, उसी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का सबसे खराब प्रदर्शन हुआ था।
उन्होंने कहा कि जिस नेता के साथ जनता होती है, वह विजयी होता है। लालू यादव कभी भी अपने गठबंधन के साथियों के साथ ईमानदार नहीं रहते हैं, जबकि नीतीश कुमार अपने गठबंधन के साथियों के प्रति ईमानदार हैं।
उन्होंने 'वोटर अधिकार यात्रा' पर तंज करते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी को बिहार की इतनी चिंता थी, तो उन्हें पहले बिहार का दौरा करना चाहिए था।
उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि यदि वे स्वयं दौरा करेंगे, तो कांग्रेस की बिहार में स्थिति कुछ बेहतर हो सकती है, अन्यथा कोई उपाय नहीं है।