वसई-विरार में गैस संकट पर प्रशासन ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक, अफवाहों से बचने की दी सलाह
सारांश
Key Takeaways
- गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है।
- अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।
- घरेलू गैस के लिए उपयोग सीमित किया गया है।
- व्यावसायिक उपयोग के लिए सीमित आपूर्ति पर ध्यान दिया जा रहा है।
- सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
मुंबई, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्यपूर्व एशिया में चल रही युद्ध जैसी स्थिति के बीच, वसई-विरार शहर में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर भय और अफवाहों का माहौल बन गया था। इसे ध्यान में रखते हुए, वसई-विरार शहर महानगरपालिका (वीवीसीएमसी) ने १७ मार्च २०२६ को मुख्यालय पर एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया।
इस बैठक की अध्यक्षता महापौर अजीव पाटील ने की, जिसमें महानगरपालिका के आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी (आईएएस), प्रांताधिकारी, जिला आपूर्ति विभाग, गैस एजेंसियां, होटल्स एसोसिएशन, पुलिस विभाग और अन्य अधिकारी शामिल थे।
बैठक में शहर में एलपीजी सिलेंडर के भंडारण, वितरण व्यवस्था और मांग का गहन अध्ययन किया गया। गैस एजेंसियों और आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। आयुक्त सूर्यवंशी ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, अनावश्यक भीड़ न लगाएं और तनाव न फैलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। व्यावसायिक या अवैध उपयोग पर सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने गैस वितरकों को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए। पाइपलाइन गैस उपलब्ध क्षेत्रों में सिलेंडर की मांग नहीं करने और वितरण न करने के आदेश जारी किए गए। सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक बताया गया और किसी आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन 112 पर संपर्क करने की सलाह दी गई। व्यावसायिक उपयोग के लिए वर्तमान में मांग के मुकाबले १० प्रतिशत आपूर्ति हो रही है, जिसे बढ़ाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास जारी हैं।
खाखरा उद्योग और होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवसाय पर पड़ रहे प्रभाव की जानकारी दी। प्रशासन ने गुजरात गैस के प्रतिनिधियों को लघु उद्योगों को आवश्यक गैस सप्लाई में समर्थन देने के निर्देश दिए। महापौर अजीव पाटील ने नागरिकों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर हर संभव सहायता करेंगे।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मध्यपूर्व संकट के कारण देशभर में एलपीजी की आपूर्ति पर दबाव है।