11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मंत्री रतन लाल नाथ ने 'विकसित त्रिपुरा' हेतु एकता की अपील की, राज्यपाल के विकास दृष्टिकोण का समर्थन किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मंत्री रतन लाल नाथ ने 'विकसित त्रिपुरा' हेतु एकता की अपील की, राज्यपाल के विकास दृष्टिकोण का समर्थन किया

सारांश

अगरतला में त्रिपुरा के संसदीय कार्य मंत्री रतन लाल नाथ ने विधानसभा में राज्यपाल के संबोधन का समर्थन किया और 'विकसित त्रिपुरा' के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य बातें

राज्यपाल का भाषण विकास का रोडमैप है।
सामाजिक समावेशिता पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी के विकास प्रयासों की सराहना की गई।
कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन घटने का दावा किया गया।
एकता के लिए नागरिकों से अपील की गई।

अगरतला, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के संसदीय कार्य मंत्री रतन लाल नाथ ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा में राज्यपाल का संबोधन लोकतांत्रिक शासन, विकास और जन-केंद्रित नीतियों के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही, उन्होंने 'विकसित त्रिपुरा' के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

त्रिपुरा विधानसभा के चल रहे सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए नाथ ने इसे शासन का संवैधानिक प्रतिबिंब और राज्य की प्रगति के लिए एक व्यापक खाका बताया।

उन्होंने कहा, "राज्यपाल का भाषण केवल एक औपचारिक संबोधन नहीं है, बल्कि विकास, प्रगति और कल्याणकारी पहलों का एक रोडमैप है। यह मुख्यमंत्री माणिक साहा के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।"

नाथ ने राज्यपाल द्वारा बंगाली और आदिवासी कोकबोरोक भाषा में भाषण देने की भी सराहना की और इसे एक महत्वपूर्ण और समावेशी कदम बताया।

उन्होंने कहा कि इस संबोधन में समाज के सभी वर्गों को शामिल किया गया, जिनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पत्रकार, कलाकार और हाशिए पर रहने वाले समुदाय शामिल थे, जो समावेशी विकास की भावना को दर्शाता है।

मंत्री ने व्यापक राष्ट्रीय संदर्भ पर प्रकाश डालते हुए देश भर में तीव्र विकास को गति देने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।

उन्होंने कहा कि भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर है। उन्होंने देश की विकास गति को वैश्विक मान्यता मिलने का हवाला दिया।

मुख्यमंत्री के बाद दूसरे सबसे वरिष्ठ मंत्री नाथ ने बुनियादी ढांचे के विस्तार, कृषि विकास और नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रमों, जैसे कि राष्ट्रीय सौर मिशन, जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों को इस प्रगति में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बताया।

राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए अंतिम छोर तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मंत्री ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) पर भी तीखा हमला करते हुए दावा किया कि पार्टी ने जनता का समर्थन खो दिया है।

उन्होंने टिप्पणी की कि सीपीआई (एम) "जनता द्वारा अस्वीकृत 10 रुपए के सिक्के की तरह है" और इसकी वैचारिक स्थिति पर सवाल उठाया।

नाथ ने एकता का आह्वान करते हुए नागरिकों से त्रिपुरा को एक विकसित राज्य में बदलने की दिशा में मिलकर काम करने का आग्रह किया और सरकार के 'विकसित त्रिपुरा' के दृष्टिकोण को दोहराया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समाज के सभी वर्गों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यपाल के संबोधन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
राज्यपाल का संबोधन लोकतांत्रिक शासन और विकास की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री रतन लाल नाथ ने किस बात पर जोर दिया?
उन्होंने 'विकसित त्रिपुरा' के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
राज्यपाल के भाषण में किस सामाजिक वर्ग को शामिल किया गया था?
इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पत्रकार, कलाकार और हाशिए पर रहने वाले समुदाय शामिल थे।
भारत की आर्थिक स्थिति पर मंत्री का क्या कहना था?
उन्होंने बताया कि भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरी बनने की राह पर है।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) पर मंत्री का क्या विचार था?
उन्होंने कहा कि पार्टी ने जनता का समर्थन खो दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले