त्रिपुरा सरकार की प्राथमिकता: कृषि उत्पादों और निर्यात का विस्तार

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त्रिपुरा सरकार की प्राथमिकता: कृषि उत्पादों और निर्यात का विस्तार

सारांश

अगरतला में कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि त्रिपुरा सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन और निर्यात को बढ़ाना है। यह कदम किसानों की आय को बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है।

Key Takeaways

  • कृषि उत्पादन और निर्यात को बढ़ाने पर जोर।
  • किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य।
  • प्राइवेट संगठनों के सहयोग से ऑर्गेनिक धान का निर्यात।
  • किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए एफपीसी का गठन।
  • सरकार का समर्थन किसानों के साथ।

अगरतला, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा सरकार का प्राथमिक उद्देश्य कृषि उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देना है ताकि किसानों के लिए अधिक लाभ संभव हो सके।

मंत्री ने वन मंत्री अनिमेष देबबर्मा के साथ मिलकर अगरतला रेलवे स्टेशन से कोलकाता के लिए 3 मीट्रिक टन (एमटी) कालीखासा और हरिनारायण (दोनों त्रिपुरा के ऑर्गेनिक खुशबूदार चावल) धान की खेप को हरी झंडी दिखाई।

नाथ ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों की आय में वृद्धि करना है। उन्होंने कहा, "हम पहले दिन से इस दिशा में काम कर रहे हैं, हमारा लक्ष्य खेती के सस्टेनेबल विकास को पक्का करते हुए किसानों की आय को दोगुना करना है।"

मंत्री ने उल्लेख किया कि एक प्राइवेट संगठन राज्य से कोलकाता को 3 एमटी कालीखासा और हरिनारायण धान का निर्यात कर रहा है। यह पहल दो किसान प्रोड्यूसर कंपनियों (एफपीसी), खोवाई जिले के तुलसीखार के बोसोंग ग्रुप और गोमती जिले के थानसा किसान संगठन द्वारा की गई है।

मंत्री ने कहा, "जब से हमारी सरकार सत्ता में आई है, हम एफपीसी बना रहे हैं। उनकी जिम्मेदारी किसानों को एकजुट करना और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिले।" उन्होंने बताया कि कुल 3 एमटी ऑर्गेनिक धान, जिसमें 2.5 एमटी कालीखासा और 0.5 एमटी हरिनारायण शामिल हैं, राज्य के बाहर भेजा जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि धान की खुशबू को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए इसे निर्यात किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, "इस धान की कीमत बाजार में लगभग 55 रुपए प्रति किलोग्राम है, लेकिन इन एफपीसी के माध्यम से किसान इसे 70 रुपए प्रति किलोग्राम पर बेच रहे हैं। हमारा मुख्य लक्ष्य है कि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले। हम सभी को उनके साथ खड़ा होना चाहिए, और राज्य सरकार किसानों को पूरी तरह से समर्थन दे रही है। हमारा अंतिम लक्ष्य अधिक उत्पादन और निर्यात है ताकि किसानों को अधिक लाभ हो सके।"

Point of View

जिसमें सरकार का ध्यान किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर है। यह कदम न केवल कृषि उत्पादन को बढ़ावा देगा बल्कि किसानों के लिए लाभकारी अवसर भी पैदा करेगा।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

त्रिपुरा सरकार का कृषि उत्पादन बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
कृषि उत्पादन और निर्यात को बढ़ाना ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके।
कालीखासा और हरिनारायण धान का निर्यात किसके द्वारा किया जा रहा है?
यह निर्यात एक प्राइवेट संगठन द्वारा किया जा रहा है।
एफपीसी का क्या कार्य है?
एफपीसी का कार्य किसानों को एकजुट करना और उनकी उपज का सही मूल्य सुनिश्चित करना है।
किसान अपने उत्पादों को कितना अधिक बेच पा रहे हैं?
किसान अपने उत्पादों को 70 रुपए प्रति किलोग्राम पर बेच रहे हैं जबकि बाजार मूल्य 55 रुपए प्रति किलोग्राम है।
राज्य सरकार किसानों के लिए क्या कदम उठा रही है?
राज्य सरकार किसानों को समर्थन देने और उनकी आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है।
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