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क्या राष्ट्रीय स्तर पर सराहना के बावजूद विकास को लेकर आत्मसंतोष की गुंजाइश नहीं है: माणिक साहा?

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क्या राष्ट्रीय स्तर पर सराहना के बावजूद विकास को लेकर आत्मसंतोष की गुंजाइश नहीं है: माणिक साहा?

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य में विकास और पहचान के बावजूद आत्मसंतोष की गुंजाइश नहीं। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समयसीमा के भीतर पूरा करने का आदेश दिया। क्या यह आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने का सही तरीका है?

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री ने आत्मसंतोष की गुंजाइश को नकारा।
बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर जोर।
राज्य के प्रवासी लोगों की विकास प्रक्रिया में भागीदारी की अपील।
बजट आवंटन में वृद्धि से विकास को गति मिलेगी।
राष्ट्रीय पहचान के बावजूद सतत विकास की आवश्यकता।

अगरतला, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बुधवार को कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और पुरस्कार मिलने के बावजूद विकास कार्यों को लेकर किसी भी प्रकार का आत्मसंतोष नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

सिविल सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा ने कई क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुरस्कार भी प्राप्त किए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं के लिए लक्ष्य तय किए जाएं और बिना किसी देरी के निर्धारित समयसीमा के भीतर उन्हें पूरा किया जाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन का उल्लेख करते हुए साहा ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में बुनियादी ढांचा विकास की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रही सभी परियोजनाओं को स्पष्ट समयसीमा के साथ लागू किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रवासी लोगों की विकास प्रक्रिया में अधिक भागीदारी की भी अपील की। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की और उनके समय पर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

साहा ने दोहराया कि वर्तमान भाजपा-नेतृत्व वाली सरकार ने बुनियादी ढांचा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और “न्यू त्रिपुरा” के निर्माण व राज्य की विकास गति को तेज करने के लिए बजट आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

सरकार की वित्तीय प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य का बजट पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 27,000 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 32,000 करोड़ रुपये हो गया है, जिसमें बड़ा हिस्सा बुनियादी ढांचा विकास के लिए निर्धारित किया गया है।

बैठक में वित्त मंत्री प्रणजीत सिंहा रॉय, वित्त सचिव अपूर्वा रॉय, लोक निर्माण विभाग के सचिव किरण गिट्टे, शहरी विकास सचिव अभिषेक सिंह, शिक्षा सचिव रावल हेमेंद्र कुमार, ग्रामीण विकास के अतिरिक्त सचिव कुंतल दास, पुलिस महानिदेशक अनुराग, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. प्रदीप कुमार चक्रवर्ती सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की परियोजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि त्रिपुरा सरकार विकास के प्रति गंभीर है। मुख्यमंत्री माणिक साहा का दृष्टिकोण इस बात को दर्शाता है कि राष्ट्रीय पहचान के बावजूद हमें सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा। भारत के विकास में हर राज्य का योगदान आवश्यक है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने विकास को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के बावजूद विकास कार्यों को लेकर आत्मसंतोष नहीं होना चाहिए।
त्रिपुरा का बजट कितना बढ़ा है?
त्रिपुरा का बजट पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 27,000 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 32,000 करोड़ रुपये हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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