ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना में जनशिकायत निवारण शिविर का सफल आयोजन किया
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना में जनशिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया।
- सभी आवेदनों का समाधान मौके पर ही करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
- इस वर्ष कुल 710 आवेदन प्रस्तुत किए गए थे।
- 99 आवेदनों का तत्काल समाधान किया गया।
- अगले दौरे में अशोकनगर और शिवपुरी के लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
गुना, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुना के बजरंगगढ़ में एक जनशिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी, विधायक तथा जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सभी जनशिकायतों का एक साथ समाधान करने की प्रक्रिया को आरंभ किया गया है। प्रशासन और सभी संबंधित अधिकारी हर व्यक्ति के आवेदन का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने बताया कि साल में एक बार विधानसभा में ये कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पिछले वर्ष फरवरी, मार्च और अप्रैल में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इस वर्ष मार्च, अप्रैल और मई में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरे में गुना और बमोरी के निवासियों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। अगले दौरे में अशोकनगर के तीनों विधानसभा के लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मई में शिवपुरी के तीनों विधानसभा के लोगों की समस्याओं का समाधान होगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जन शिकायत निवारण शिविर में कुल 710 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 150 आवेदनों की सुनवाई की गई। 150 में से 99 आवेदनों का तुरंत समाधान किया गया। चाहे वह बीपीएल कार्ड हो, प्रधानमंत्री आवास योजना हो या बीमारी के लिए सहायता राशि, सभी का समाधान उसी समय किया गया।
उन्होंने कहा कि बाकी की जिम्मेदारी मैंने कलेक्टर को सौंपी है। जिन मामलों का समाधान जिलास्तर पर होना है, उनके लिए मैंने निवेदन किया है। जो निवेदन प्रदेश स्तर पर हल होने हैं, उनकी जिम्मेदारी प्रभारी मंत्री को सौंपी गई है। वहीं, केंद्र स्तर पर होने वाले मामलों की जिम्मेदारी मैंने ली है।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र में रेलवे सुविधाओं में वृद्धि हुई है। इस क्षेत्र से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से अशोकनगर और कोलारस क्षेत्र की जनता को बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।