क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिव्यांगों की समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया?

सारांश
Key Takeaways
- ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
- दिव्यांगों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया।
- बाढ़ में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों से मिले।
- स्थानीय लोगों का उत्साह देखा गया।
गुना, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के गुना जिले में बारिश और बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और वहाँ रह रहे लोगों की समस्याओं को सुन रहे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने रविवार को आमजन से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
दो दिवसीय दौरे पर गुना आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूसरे दिन रविवार को सर्किट हाउस गुना में कार्यकर्ताओं और नागरिकों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान भाजपा के जिला अध्यक्ष, गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, एसपी अंकित सोनी समेत जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु सिंधिया ने मौके पर अधिकारियों को निर्देश दिए।
लोगों की समस्याएं सुनते समय सिंधिया दिव्यांगों के बीच पहुंच गए और उनके साथ जमीन पर बैठकर उनकी मांगें और समस्याएं सुनीं। उन्होंने दिव्यांगों से आवेदन भी लिए। सिंधिया ने बाढ़ में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात की।
सिंधिया ने कहा कि जो मांगें प्रदेश स्तर की हैं, उन पर कार्रवाई करने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखेंगे और केंद्र की मांगों के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय विभाग में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक को पत्र लिखेंगे। दिव्यांगजनों की मुख्य मांगों में पेंशन 5 हजार रुपए, दिव्यांग आयोग का गठन एवं विभिन्न विधानमंडलों, पंचायत एवं नगरीय निकायों में आरक्षण, गुना जिले में इलेक्ट्रिक मोटराइज्ड ट्राई साइकिल निर्माण और दिव्यांग छात्रावास का निर्माण शामिल हैं।
इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना जिले की बमोरी तहसील के ग्राम कलोरा तालाब में बाढ़ और बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया था। इस दौरान उन्होंने खुद 3 किलोमीटर तक ट्रैक्टर चलाकर गांव में प्रवेश किया, जिससे स्थानीय लोग बहुत उत्साहित हुए। ग्रामीणों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद वे ग्राम तुमडा, बंदा और फतेहगढ़ में बाढ़ प्रभावित किसानों और परिवारों से मिले।