क्या जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: न्याय पंचायत चमियारी में 850 से अधिक ग्रामीणों ने समस्याएं साझा कीं?
सारांश
Key Takeaways
- 850 से अधिक ग्रामीणों ने समस्याएं साझा कीं।
- प्रशासन ने 33 शिकायतों का समाधान किया।
- सड़क, स्वास्थ्य और बिजली की समस्याएं प्रमुख रहीं।
- विभिन्न विभागों ने मौके पर सेवाएं प्रदान कीं।
- सरकार का गांवों में सक्रियता से पहुंचना महत्वपूर्ण है।
उत्तरकाशी, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सीमांत जनपद उत्तरकाशी में ‘प्रशासन गांव की ओर’ की अवधारणा को वास्तविकता में बदलते हुए प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के अंतर्गत विकासखंड चिन्यालीसौड़ की न्याय पंचायत चमियारी में एक बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर में 850 से अधिक ग्रामीणों ने शनिवार को भाग लिया और सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, पेंशन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कीं।
उप जिलाधिकारी देवानंद शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने कुल 33 शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही किया गया। इस शिविर ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार और प्रशासन अब सीधे गांवों में पहुंचकर जनसमस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर है।
ग्रामीणों की मुख्य शिकायतों में लोनिवि से पीएमजीएसवाई को हस्तांतरित जसपुर मोटर मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता की कमी, 6 किमी लंबे चमियारी–उल्लण मोटर मार्ग के निर्माण में देरी और ग्राम रोतक उपकेंद्र में फार्मासिस्ट की नियुक्ति का मुद्दा शामिल था। प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए कई समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर सेवाएं भी दी गईं। चिकित्सा विभाग ने 40 और आयुष विभाग ने 70 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित कीं। पशुपालन विभाग ने 52 ग्रामीणों को पशु चिकित्सा दवाइयां दीं और 85 लोगों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विभाग ने 70 किसानों को कृषि रसायन और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई, जबकि उद्यान विभाग ने 30 लाभार्थियों को सब्जी बीज और रसायन प्रदान किए।
समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांग और वृद्धा पेंशन से संबंधित 6 मामलों का निस्तारण किया। जिला पूर्ति विभाग ने 8 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी कराई, वहीं ऊर्जा विभाग ने घरेलू उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी की जानकारी दी। डेयरी विभाग ने एनसीडीसी योजना, बछिया पालन योजना और दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना के बारे में ग्रामीणों को अवगत कराया।
यह बहुउद्देशीय शिविर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद का प्रभावी मंच साबित हुआ, जहां योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ समस्याओं के त्वरित समाधान की ठोस पहल देखने को मिली।