गुना सांसद सिंधिया ने कचनार में जनसुनवाई के दौरान शिकायतों का त्वरित समाधान किया
सारांश
Key Takeaways
- 121 शिकायतों का तत्काल समाधान किया गया।
- ऑनलाइन ट्रैकिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी।
- सभी शिकायतों का पंजीकरण टोकन प्रणाली के तहत किया गया।
- जनसुनवाई में 512 आवेदन प्राप्त हुए।
- समस्याओं का समाधान करना प्राथमिकता है।
अशोकनगर, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और गुना के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को अशोकनगर के कचनार में जनसुनवाई कार्यक्रम में आम जनता की समस्याओं को सुना। इस बैठक में से 121 शिकायतों का तत्काल समाधान किया गया, जबकि अन्य शिकायतों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया वर्तमान में अपने संसदीय क्षेत्र गुना में हैं। उन्होंने कचनार में तीन घंटे से अधिक समय बिताकर हर आवेदक से बातचीत की और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान कुल 512 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 121 का तत्काल निपटारा किया गया। बाकी 391 आवेदनों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्यवाही के निर्देश दिए गए। सभी शिकायतों का पंजीकरण टोकन प्रणाली के तहत किया गया और लंबित मामलों की ऑनलाइन ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाएगी। इससे हर आवेदक अपनी समस्या की स्थिति को आसानी से जान सकेगा और समाधान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
सिंधिया ने कहा कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह जनसमस्याओं के समाधान का एक मजबूत माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर आवेदन को प्राथमिकता के आधार पर लेकर निर्धारित समय में उसका समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि हर नागरिक तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि पिछले वर्ष शुरू हुई जनसुनवाई की पहल के दूसरे चरण में उन्होंने आज अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के कचनार में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं और उनकी बातों को गंभीरता से समझा। उन्होंने अपने हर नागरिक की समस्या का समाधान करने का संकल्प लिया है।
सभी शिकायतों का पंजीकरण टोकन प्रणाली के तहत किया गया, जिनमें से कई मामलों का तत्काल समाधान किया गया। बाकी मामलों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जा रही है, ताकि उनका समयबद्ध और पारदर्शी समाधान हो सके। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हर मामले पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए।