हूती हमलों के बीच अमेरिका का बड़ा फैसला: सऊदी अरब से सरकारी कर्मचारियों और परिवारों को वापस बुलाया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश विभाग ने 22 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब में तैनात उन सभी गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को स्वदेश लौटने का आधिकारिक आदेश जारी किया है। यह कदम ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर बढ़ते हमलों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यह संघर्ष क्षेत्रीय सीमाओं से आगे फैल सकता है।
आदेश का दायरा और सीमाएँ
विदेश विभाग के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल उन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों पर लागू होता है जो आपातकालीन सेवाओं से नहीं जुड़े हैं। अमेरिकी दूतावास को बंद करने या सऊदी अरब में मौजूद निजी अमेरिकी नागरिकों को पूरी तरह निकालने की कोई घोषणा नहीं की गई है। इसके अलावा, अन्य देशों में तैनात अमेरिकी कर्मियों के लिए अलग से कोई निर्देश नहीं दिया गया है — यह आदेश विशेष रूप से सऊदी अरब के संदर्भ में है।
विभाग ने यह भी नहीं बताया कि कितने कर्मचारी और परिजन वापस लौटेंगे, वापसी की कोई समय-सीमा तय की गई है या परिवहन की क्या व्यवस्था होगी।
हूती हमलों की गंभीरता
प्रवक्ता के अनुसार, ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर लगातार हमले कर रहे हैं, जिनकी वजह से आम नागरिकों की जान गई है और यात्रा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। विभाग ने हालाँकि हताहतों की कोई संख्या नहीं बताई और न ही अलग-अलग हमलों की पहचान की।
अमेरिकी दूतावास ने अपने आधिकारिक लिंक्डइन अकाउंट पर 20 अक्टूबर को जारी एक सुरक्षा अलर्ट में बताया था कि रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कामकाज बंद है। जेद्दा और दम्माम के हवाई अड्डों पर सेवाएँ आंशिक रूप से चल रही हैं, लेकिन उड़ानों में देरी और रद्दीकरण की स्थिति बनी हुई है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष अनुमति अनिवार्य
हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के मद्देनजर, दूतावास के उसी अलर्ट में यह भी कहा गया कि सऊदी अरब के किसी भी हवाई अड्डे का उपयोग करने के लिए अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को 'चीफ ऑफ मिशन' से विशेष अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था हवाई यातायात की अनिश्चितता और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए लागू की गई है।
विभाग की प्राथमिकता और आगे की राह
विदेश विभाग ने अपने बयान में कहा, 'विभाग के कर्मियों और उनके परिवारों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे जब वापस अमेरिका लौटेंगे, तो उनकी सुरक्षा और मदद के लिए हम सभी ज़रूरी कदम उठाना जारी रखेंगे।' विभाग ने यह भी नहीं बताया कि वापस जाने वाले कर्मी अपने पदों पर कब लौट सकेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव तेज़ी से बढ़ रहा है और हूती विद्रोहियों की सक्रियता नई ऊँचाइयों पर पहुँच रही है। विदेश विभाग की चेतावनी — कि संघर्ष का विस्तार उस क्षेत्र से बाहर तक भी हो सकता है — क्षेत्रीय स्थिरता पर बड़े सवाल खड़े करती है।