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राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: उत्तराखंड में 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम

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राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: उत्तराखंड में 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम

सारांश

उत्तराखंड सरकार ने 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने के लिए सभी जिलों और विभागों को आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं — शपथ, परेड और एकता दौड़ सहित कार्यक्रम निर्धारित हैं।

मुख्य बातें

उत्तराखंड सरकार ने 30 अक्टूबर 2026 को सभी जिलों और विभागों को 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने के निर्देश जारी किए।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता की शपथ, परेड और एकता दौड़ जैसे कार्यक्रम होंगे।
कार्यक्रम भारत सरकार के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के दिशानिर्देशों के अनुरूप आयोजित किए जाएँगे।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक उत्तराखंड में वर्षभर कार्यक्रम आयोजित हुए।
कार्यक्रमों की समेकित रिपोर्ट सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को प्रस्तुत करनी होगी।

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सभी जिलों और विभागों को निर्देश दिया है कि 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि सभी आयोजन भारत सरकार के निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार संपन्न कराए जाएँ।

कार्यक्रमों में क्या होगा शामिल

राज्य सरकार के निर्देश में विशेष रूप से राष्ट्रीय एकता की शपथ, परेड, एकता दौड़ और अन्य संबंधित आयोजनों का उल्लेख किया गया है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य सरदार पटेल की ऐतिहासिक विरासत को याद करना और राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं समर्पण के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना है।

पिछले वर्ष की गतिविधियों का संदर्भ

जारी निर्देश में 30 अक्टूबर 2025 को उत्तराखंड सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पूर्व पत्र और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के पत्र का भी हवाला दिया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में उत्तराखंड के समस्त जिलों में अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक वर्ष भर कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य देश की स्वतंत्रता, एकता और समर्पण की भावना को संरक्षित रखना था। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें दोनों राष्ट्रीय प्रतीकों की विरासत को संस्थागत आयोजनों से जीवंत रखने पर बल दे रही हैं।

अधिकारियों को विशेष निर्देश

नवीनतम निर्देश में अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित सभी कार्यक्रम समय पर और तय दिशानिर्देशों के अनुरूप आयोजित हों। इसके अतिरिक्त, जिला और विभागीय स्तर पर हुई सभी गतिविधियों की एक समेकित रिपोर्ट कार्यक्रम समापन के बाद सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव को प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट की एक प्रति सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को भी भेजी जानी आवश्यक है।

सरदार पटेल की विरासत और राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्त्व

भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्रता के पश्चात 500 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उनकी इसी ऐतिहासिक उपलब्धि को सम्मान देने के लिए प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। गौरतलब है कि यह परंपरा वर्ष 2014 से प्रारंभ हुई और तब से देश भर में सरकारी संस्थाओं, शिक्षण प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों द्वारा इसे व्यापक रूप से मनाया जा रहा है।

आगे की राह

उत्तराखंड सरकार के इन निर्देशों के बाद राज्य भर में 31 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों से लेकर विभागीय कार्यालयों तक कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है। कार्यक्रमों की सफलता का आकलन समेकित रिपोर्ट के माध्यम से किया जाएगा, जो भविष्य की योजनाओं का आधार बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे की प्रवृत्ति उल्लेखनीय है — सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर वर्षभर के आयोजनों की श्रृंखला के बाद 151वीं जयंती पर भी संस्थागत जोश बरकरार रखने की कोशिश की जा रही है। यह सवाल ज़रूर उठता है कि क्या इन कार्यक्रमों का असर महज़ रिपोर्ट दाखिल करने तक सीमित रहता है, या नागरिकों में राष्ट्रीय एकता के मूल्यों की वास्तविक समझ विकसित होती है। समेकित रिपोर्ट की अनिवार्यता एक जवाबदेही तंत्र है, जो सकारात्मक है — बशर्ते रिपोर्टें केवल उपस्थिति संख्याओं तक न सिमटें।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय एकता दिवस क्या है और यह कब मनाया जाता है?
राष्ट्रीय एकता दिवस प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है। यह परंपरा वर्ष 2014 से शुरू हुई और इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं समर्पण के मूल्यों को सुदृढ़ करना है।
उत्तराखंड में 31 अक्टूबर 2026 को कौन-से कार्यक्रम होंगे?
उत्तराखंड सरकार के निर्देशानुसार 31 अक्टूबर 2026 को राज्य भर में राष्ट्रीय एकता की शपथ, परेड और एकता दौड़ सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। ये आयोजन जिला और विभागीय स्तर पर भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार होंगे।
उत्तराखंड सरकार ने यह निर्देश कब और किसने जारी किया?
सामान्य प्रशासन विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 को यह आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की। इसमें केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के पत्र तथा 30 अक्टूबर 2025 के पूर्व पत्र का भी संदर्भ दिया गया है।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं और 151वीं जयंती पर उत्तराखंड में क्या हुआ?
सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में उत्तराखंड के सभी जिलों में अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक वर्षभर कार्यक्रम आयोजित किए गए। अब 151वीं जयंती पर 31 अक्टूबर 2026 को पुनः विशेष आयोजन होंगे।
कार्यक्रमों की रिपोर्ट कहाँ और कैसे जमा करनी होगी?
जिला और विभागीय स्तर पर आयोजित गतिविधियों की समेकित रिपोर्ट कार्यक्रम समापन के बाद सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव को प्रस्तुत करनी होगी। इसकी एक प्रति सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को भी भेजी जानी अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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