सिकंदर खेर का सफर: यश चोपड़ा के सेट पर क्लैप से 'आर्या' तक का संघर्ष
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता सिकंदर खेर का बॉलीवुड में सफर इस बात की मिसाल है कि फिल्मी खानदान से ताल्लुक रखने के बावजूद पहचान बनाना कितना मुश्किल हो सकता है। अभिनेत्री किरण खेर के बेटे और अनुपम खेर के सौतेले बेटे सिकंदर ने मुंबई के ग्लैमर-जगत में अपनी जगह बनाने के लिए पर्दे के पीछे से शुरुआत की और दशकों की मेहनत के बाद 2020 में वेब सीरीज़ 'आर्या' से असली पहचान हासिल की।
बचपन और शुरुआती परवरिश
सिकंदर खेर का जन्म 31 अक्टूबर 1982 को हुआ था। उनके जैविक पिता का नाम गौतम बेरी और माँ का नाम किरण खेर है। किरण खेर ने बाद में अभिनेता अनुपम खेर से विवाह किया, जो सिकंदर के सौतेले पिता बने।
सिकंदर ने देहरादून के प्रतिष्ठित दून स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। किरण खेर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि सिकंदर को बचपन से ही फिल्मों की दुनिया को जानने और समझने का गहरा शौक था।
क्लैप से की करियर की शुरुआत
अभिनय में कदम रखने से पहले सिकंदर ने फिल्म निर्माण की बारीकियाँ पर्दे के पीछे रहकर सीखीं। उन्होंने यश चोपड़ा की फिल्म 'दिल तो पागल है' में बतौर असिस्टेंट काम किया और सेट पर क्लैप देने की ज़िम्मेदारी निभाई।
इसके बाद उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'देवदास' में भी असिस्टेंट के रूप में अपनी सेवाएँ दीं। इस अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की कि कैमरे के सामने दिखने वाली कहानी के पीछे कितने लोगों का अथक परिश्रम होता है। बाद में उन्होंने अनुपम खेर की एक्टिंग वर्कशॉप में भी हिस्सा लिया और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से छह महीने का थिएटर कोर्स भी किया।
मुख्य फ़िल्मी सफर और संघर्ष
सिकंदर ने 2008 में फिल्म 'वुडस्टॉक विला' से अभिनय की दुनिया में औपचारिक कदम रखा। इस फिल्म में नेहा ओबेरॉय और अर्जन बाजवा भी थे। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म को खास सफलता नहीं मिली, लेकिन सिकंदर के अभिनय पर ध्यान ज़रूर गया।
इसके बाद उन्होंने 'खेलें हम जी जान से', 'प्लेयर्स', 'औरंगजेब' (जिसमें उन्होंने पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई), 'तेरे बिन लादेन: डेड ऑर अलाइव' और 'द जोया फैक्टर' जैसी फिल्मों में विविध किरदार निभाए। 2017 में वह अंतरराष्ट्रीय वेब सीरीज़ 'सेंस8' में भी दिखाई दिए।
सिकंदर ने एक इंटरव्यू में स्वयं स्वीकार किया था कि एक दौर ऐसा भी था जब उन्हें लंबे समय तक काम नहीं मिलता था। वह ऑडिशन देते, लोगों से मिलते और काम माँगने में भी पीछे नहीं रहते थे। उन्होंने माना कि फिल्मी परिवार से होने के कारण कुछ लोगों तक पहुँचना ज़रूर आसान रहा, लेकिन करियर को आगे बढ़ाना उनकी अपनी ज़िम्मेदारी थी।
'आर्या' से मिली असली पहचान
2020 में आई वेब सीरीज़ 'आर्या' सिकंदर के करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुई। राम माधवानी के निर्देशन में बनी इस सीरीज़ में सुष्मिता सेन मुख्य भूमिका में थीं। सिकंदर ने इसमें दौलत का किरदार निभाया — आर्या का भरोसेमंद साथी — जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा।
इसके बाद वह 'आर्या' के अगले सीज़न में भी दिखाई दिए। 2022 में फिल्म 'मोनिका ओ माय डार्लिंग' में भी उनके काम को सराहना मिली। वेब सीरीज़ 'टूथ परी' में उन्होंने पुलिस अधिकारी कार्तिक का किरदार निभाया।
आगे का सफर
यश चोपड़ा के सेट पर क्लैप देने से शुरू होकर 'आर्या' जैसी चर्चित सीरीज़ तक पहुँचने की सिकंदर की यह यात्रा बताती है कि बॉलीवुड में विरासत दरवाज़ा तो खोल सकती है, लेकिन अंदर टिके रहना अपनी प्रतिभा और जुनून पर ही निर्भर करता है। अपने 31 अक्टूबर के जन्मदिन पर सिकंदर एक ऐसे अभिनेता के रूप में उभरे हैं जिनकी बढ़ती माँग ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर साफ़ नज़र आती है।