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क्या सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर करमसद से ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ तक यूनिटी मार्च का आगाज हुआ?

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क्या सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर करमसद से ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ तक यूनिटी मार्च का आगाज हुआ?

सारांश

सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित यूनिटी मार्च, करमसद से 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की यात्रा, राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल इसकी शुरुआत करेंगे। यह यात्रा 150 किलोमीटर की दूरी तय कर, गुजरात की पांच पवित्र नदियों के किनारे से गुजरेगी।

मुख्य बातें

सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर यूनिटी मार्च का आयोजन।
यात्रा करमसद से 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' तक जाएगी।
यात्रा का उद्देश्य एकता और अखंडता को बढ़ावा देना।
पदयात्रा में गुजरात की पांच पवित्र नदियों का महत्व।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के वर्चुअल उपस्थिति।

आनंद, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को एक विशेष यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। इस यात्रा की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल करेंगे। करमसद से लेकर 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' तक, यह राष्ट्रीय पदयात्रा एकता और अखंडता के संदेश को लेकर आणंद, वडोदरा और नर्मदा जिलों से गुजरेगी। यात्रा लगभग 150 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जो राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रकट करेगी।

इस राष्ट्रीय पदयात्रा के दौरान, सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन मूल्यों, आदर्शों, और सिद्धांतों को 11 'सरदार गाथा सभाओं' और 10 ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों के बीच जीवित रखने का प्रयास किया जाएगा।

यह यूनिटी मार्च केवल एकता और अखंडता का प्रतीक नहीं होगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर के समान पांच नदियां (सरिताएं) भी इस ऐतिहासिक यात्रा की गवाह बनेंगी। करमसद से 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' तक जाने वाली यह यात्रा आणंद, वडोदरा और नर्मदा जिलों से होकर गुजरेगी, और इस दौरान गुजरात की पांच पवित्र नदियां इसकी साक्षी बनेंगी।

इन नदियों में मही, विश्वामित्री, जांबुआ, ढाढर और जीवादोरी समान नर्मदा शामिल हैं। पदयात्री इन नदियों के किनारों से गुजरेंगे। ये नदियां संस्कृति, इतिहास और जीवन का प्रवाह हैं। इस प्रकार, इन पांच नदियों के आशीर्वाद से यह राष्ट्रीय पदयात्रा भारतीय संस्कृति की समृद्धि का प्रतीक बनकर राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रप्रेम का संदेश फैलाएगी।

इस राष्ट्रीय पदयात्रा का उद्घाटन समारोह 26 नवंबर, बुधवार को वल्लभ विद्यानगर के शास्त्री मैदान में आयोजित किया गया है। पदयात्रा के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और त्रिपुरामाणिक साहा भी इस राष्ट्रीय पदयात्रा में शामिल होंगे।

वहीं, संविधान दिवस के मौके पर आज सुबह सीएम भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर के सेंट्रल विस्टा गार्डन में भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीम राव अंबेडकर की मूर्ति को पुष्पांजलि अर्पित की और समानता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उनके योगदान को याद किया।

इस दौरान गांधीनगर की मेयर मीना पटेल, एमएलए रीता पटेल, शहर भाजपा अध्यक्ष आशीष दवे, गांधीनगर नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमें एकजुटता और अखंडता के महत्व को समझाती है। यह एकता का संदेश देश के हर कोने तक पहुंचाने का एक प्रयास है। यह हमें एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूनिटी मार्च कब शुरू होगा?
यूनिटी मार्च 26 नवंबर को शुरू होगा।
इस यात्रा का मार्ग क्या है?
यह यात्रा करमसद से 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' तक जाएगी, जो लगभग 150 किलोमीटर लंबी है।
इस यात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का उद्देश्य एकता और अखंडता का संदेश फैलाना है।
इस यात्रा में कौन-कौन शामिल होंगे?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा इस यात्रा में शामिल होंगे।
इस यात्रा में कौन सी नदियां शामिल हैं?
इस यात्रा में मही, विश्वामित्री, जांबुआ, ढाढर और नर्मदा नदियां शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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