मंगोलपुरी जूता फैक्ट्री अग्निकांड: 4 की मौत, 2 घायल; CM रेखा गुप्ता ने दिए राहत के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक जूता फैक्ट्री में 31 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9.30 बजे भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। दमकल और पुलिस टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया तथा फैक्ट्री के भीतर बेहोश पाए गए 6 लोगों को बाहर निकाला।
घटनाक्रम: कैसे भड़की आग
अधिकारियों के अनुसार आग बेसमेंट से शुरू हुई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमें और पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुँचे। सेंट्रल एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विस (CATS) के अधिकारी राकेश भारद्वाज ने बताया कि उन्हें रात 9.50 बजे आग लगने की सूचना मिली और पाँच एम्बुलेंस पाँच से सात मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुँच गईं।
भारद्वाज ने कहा, 'हमारे स्टाफ और टीम के सदस्यों ने लगभग छह मरीजों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, मंगोलपुरी पहुँचाया और वहाँ भर्ती कराया।' अस्पताल में इन 6 लोगों में से 4 को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि शेष 2 का उपचार जारी है।
आग का कारण अभी अज्ञात, जाँच शुरू
फेज-1 के डीसीपी (बाहरी जिला) विक्रम सिंह ने बताया कि आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा, 'आग बेसमेंट में लगी थी, यह तो पता चल गया है, परंतु जाँच के बाद ही असली कारण सामने आएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। बचाव और तलाशी अभियान जारी है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और निर्देश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मंगोलपुरी में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।' उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार, प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और राहत कार्यों में तेज़ी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। गुप्ता ने कहा कि पूरी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
आम जनता और मज़दूरों पर असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों की पर्याप्तता पर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि मंगोलपुरी जैसे घनी आबादी वाले इंडस्ट्रियल जोन में बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूर कार्यरत रहते हैं, जो अक्सर फैक्ट्री परिसर में ही रात गुजारते हैं। बेसमेंट में आग लगने की परिस्थिति ने निकासी को और कठिन बना दिया।
आगे क्या
पुलिस के अनुसार जाँच जारी है और आग के कारण, फैक्ट्री के अग्नि सुरक्षा अनुपालन तथा संभावित लापरवाही की पड़ताल की जाएगी। प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। आने वाले दिनों में दिल्ली सरकार और दमकल विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट से घटना की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।