राष्ट्रीय एकता दिवस: दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने अधिकारियों को दिलाई एकता की शपथ
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 31 अक्टूबर 2026 को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस की पूर्व संध्या पर, 30 अक्टूबर को दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों को एकता की शपथ दिलाई। देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के सामूहिक संकल्प को दोहराया गया। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित इस समारोह में स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सर्वप्रथम सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को एकजुट होकर राष्ट्र की सेवा का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक अभय वर्मा और विधायक अजय महावर भी उपस्थित रहे।
सरदार पटेल के योगदान पर स्पीकर का संबोधन
विधानसभा अधिकारियों को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने स्वतंत्रता संग्राम और आज़ादी के बाद के राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार पटेल की अतुलनीय भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 550 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय सरदार पटेल की दूरदृष्टि, राजनीतिक इच्छाशक्ति और दृढ़ नेतृत्व का प्रतिफल था, जिसे स्वतंत्रता के बाद की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाता है।
स्पीकर ने विशेष रूप से हैदराबाद के भारतीय संघ में विलय का उल्लेख करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने बातचीत और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कार्रवाई के संतुलित उपयोग से बिखरे राजनीतिक परिदृश्य को एक सशक्त और एकीकृत राष्ट्र में बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई।
बारडोली सत्याग्रह और 'सरदार' उपाधि की विरासत
विजेंद्र गुप्ता ने 1928 के बारडोली सत्याग्रह की चर्चा करते हुए कहा कि इस आंदोलन में वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व ने उन्हें एक प्रभावशाली जननेता और अहिंसक प्रतिरोध के सफल आयोजक के रूप में देश के सामने स्थापित किया। गौरतलब है कि इसी आंदोलन के बाद उन्हें 'सरदार' की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
स्पीकर ने यह भी कहा कि सरदार पटेल उच्च पदों पर रहते हुए भी सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से अनुप्राणित रहे। उनकी विरासत केवल राजनीतिक एकीकरण तक सीमित नहीं, बल्कि जिम्मेदार नेतृत्व, सामूहिक संकल्प और जनउत्तरदायित्व के मूल्यों से भी जुड़ी है।
अधिकारियों से आह्वान
विजेंद्र गुप्ता ने विधानसभा अधिकारियों से सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेने का आग्रह करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, समर्पण और जिम्मेदारी निभाने से और मज़बूत होती है।
उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को अपनाना और आगे की पीढ़ियों तक पहुँचाना ही राष्ट्रीय एकीकरण के इस महान शिल्पकार को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राष्ट्रीय एकता दिवस का यह आयोजन प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर देशभर में मनाया जाता है।