क्या मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ में 'एकता मार्च' को हरी झंडी दिखाई?

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क्या मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ में 'एकता मार्च' को हरी झंडी दिखाई?

सारांश

गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ में 'एकता मार्च' को हरी झंडी दिखाई। इस आयोजन में सामाजिक समावेशिता का संदेश दिया गया है और सभी वर्गों के लोगों ने भाग लिया।

Key Takeaways

  • सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का महत्व।
  • एकता मार्च में विभिन्न वर्गों की भागीदारी।
  • आत्मनिर्भर भारत की शपथ का महत्व।
  • जूनागढ़ मुक्ति दिवस का ऐतिहासिक संदर्भ।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व और योगदान।

जूनागढ़, 9 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर लगातार कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। इसी श्रृंखला में रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ में 'एकता मार्च' को हरी झंडी दिखाई।

जूनागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सरदार चौक स्थित सरदार साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, उन्हें सरदार पटेल की प्रतिमा भेंट की गई। इसके बाद सभी ने आत्मनिर्भर भारत की शपथ ली।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, राष्ट्र सरदार पटेल की विरासत का जश्न मना रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी को जूनागढ़ मुक्ति दिवस की भी बधाई दी।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि इस मार्च में समाज के सभी वर्ग, महाविद्यालयीन विद्यार्थी, एनसीसी, एनएसएस, माई भारत स्वयंसेवक, सहकारी संस्थाएं, विभिन्न राजनीतिक दल, धार्मिक संस्थाएं, स्थानीय संत, पूर्व सैनिक और उनके परिवार, खिलाड़ी और सामाजिक संगठनों से जुड़े नागरिकों ने हिस्सा लिया और वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 'सरदार@150' एकता मार्च का शुभारंभ जूनागढ़ से पूज्य संतों और साथी मंत्रियों की उपस्थिति में हुआ।"

उन्होंने लिखा, "9 नवंबर 1947 को जूनागढ़ नवाबी शासन से स्वतंत्र होकर भारत में विलीन हो गया, जिसे जूनागढ़ मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह विशेष प्रसन्नता की बात है कि सरदार वल्लभभाई पटेल और आरजी सरकार के सैनिकों के महत्वपूर्ण योगदान के कारण जूनागढ़ के भारत में विलय के इस यादगार दिन पर यह पदयात्रा आयोजित की गई।"

एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, "सरदार साहब के अखंड भारत के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के मंत्र के साथ और भी सुदृढ़ किया है। उनके मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा 'एकता मार्च' देशवासियों को एकता के सूत्र में पिरोकर सभी की भागीदारी से विकास के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करेगा।"

उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी इस ऐतिहासिक मार्च में शामिल हों और लौह पुरुष सरदार पटेल के आदर्शों पर चलते हुए एक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करें।

Point of View

बल्कि यह सभी वर्गों को एकजुट करने का भी प्रयास है। यह महत्वपूर्ण है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम अपनी एकता को मजबूत करें।
NationPress
08/02/2026

Frequently Asked Questions

एकता मार्च में कौन-कौन शामिल हुए?
इस मार्च में महाविद्यालयीन विद्यार्थी, एनसीसी, एनएसएस, माई भारत स्वयंसेवक, सहकारी संस्थाएं, विभिन्न राजनीतिक दल, धार्मिक संस्थाएं, पूर्व सैनिक और उनके परिवार शामिल हुए।
जूनागढ़ मुक्ति दिवस कब मनाया जाता है?
जूनागढ़ मुक्ति दिवस हर वर्ष 9 नवंबर को मनाया जाता है।
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