अमेरिका में दो चीनी जासूसों को 30-30 महीने की जेल, US सैन्य ठिकानों की जासूसी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी न्याय विभाग ने 31 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि अमेरिकी सैन्य कर्मियों और ठिकानों को निशाना बनाकर गुप्त खुफिया गतिविधियाँ चलाने वाले दो चीनी नागरिकों — लिरेन 'रयान' लाई (40 वर्ष) और युआनसे चेन (39 वर्ष) — को 30-30 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है, साथ ही तीन साल की निगरानी में रिहाई (सुपरवाइज्ड रिलीज) का आदेश भी दिया गया है। दोनों पर आरोप था कि वे अमेरिकी अटॉर्नी जनरल को सूचित किए बिना चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय (Ministry of State Security) के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे।
मामले का पूरा घटनाक्रम
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, दोनों अभियुक्त मई 2021 से, या उससे पहले से, चीनी खुफिया सेवा के लिए सक्रिय थे। लाई ने चेन को इस नेटवर्क में भर्ती किया और शुरुआत में वह चेन तथा चीनी खुफिया अधिकारियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता था। बाद में चेन को सीधे चीनी खुफिया अधिकारियों से काम (असाइनमेंट) मिलने लगे।
लाई ने 12 दिसंबर 2025 को दोनों अपराध स्वीकार किए, जबकि चेन ने 20 फरवरी 2026 को अपना दोष कबूल किया। दोनों का दोष स्वीकारोक्ति के आधार पर यह सजा सुनाई गई।
जासूसी के तरीके और गतिविधियाँ
न्याय विभाग के अनुसार, इन गतिविधियों में गुप्त रूप से नकद भुगतान की व्यवस्था करना, सैन्य ठिकानों और कर्मियों के बारे में जानकारी जुटाना, और अमेरिकी सेना के भीतर खुफिया स्रोत (इंटेलिजेंस सोर्स) विकसित करना शामिल था।
जनवरी 2022 में लगभग 10,000 डॉलर का एक गुप्त भुगतान किया गया। आरोपियों ने कैलिफोर्निया के लिवरमोर स्थित एक मनोरंजन केंद्र के लॉकर में पैसों से भरा बैकपैक रखवाया। न्याय विभाग ने इस तकनीक को 'डेड ड्रॉप' बताया — यानी वह व्यवस्था जिसमें शामिल लोग बिना आपस में सीधे मिले पैसे या जानकारी का आदान-प्रदान करते हैं।
2022 से चेन ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी शुरू की, जिसमें वाशिंगटन के ब्रेमर्टन स्थित नेवी बेस किटसैप की तस्वीरें लेना और दक्षिणी कैलिफोर्निया में नौसेना भर्ती केंद्र के अंदर नए रंगरूटों और सक्रिय नौसैनिकों की तस्वीरें व वीडियो बनाना शामिल था।
इसके अलावा, चेन ने नौसेना के एक कर्मचारी की पहचान संबंधी जानकारी जुटाई और उन सैन्य कर्मियों का विस्तृत जीवन-परिचय (बायोग्राफिकल प्रोफाइल) तैयार किया जिन्हें संभावित खुफिया लक्ष्यों के रूप में देखा जा सकता था।
संचार और यात्राएँ
मार्च 2023 में लाई ने अमेरिका की यात्रा की और चेन को चीनी खुफिया सेवा के साथ गुप्त बातचीत के लिए एक मोबाइल फोन दिया। इसके बाद चेन ने 2024 और 2025 में चीन की यात्राएँ कीं, जहाँ उसने चीनी खुफिया अधिकारियों से मुलाकात की और अमेरिकी सेना से जुड़े नए काम हासिल किए।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए. आइसेनबर्ग ने कहा, 'लिरेन लाई और युआनसे चेन एक लंबी साजिश के तहत काम कर रहे थे। वे चीन के खुफिया अभियानों को समर्थन देकर और अमेरिका के भीतर लोगों को भर्ती करके अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे थे।'
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-चीन के बीच भू-राजनीतिक तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियाँ चीन प्रायोजित जासूसी गतिविधियों के प्रति विशेष रूप से सतर्क हैं।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह मामला उन कई हालिया मामलों में से एक है जिनमें अमेरिकी अदालतों ने चीन के लिए काम करने वाले एजेंटों को सजा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की ऐसी कोशिशें आगे भी जारी रह सकती हैं और अमेरिकी खुफिया एजेंसियाँ इस तरह के नेटवर्क की पहचान के लिए निगरानी बढ़ा रही हैं।