ट्रंप-शी बैठक से पहले अमेरिकी सांसदों की माँग: चीन में बंद नागरिकों की रिहाई और एआई चिप्स पर रोक
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सांसदों ने 18 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से माँग की है कि वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ आगामी बैठक में दो अहम मुद्दे उठाएँ — चीन में गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों की रिहाई और चीन को अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चिप्स तक पहुँच से रोकना। यह बैठक 24 सितंबर 2026 को व्हाइट हाउस में प्रस्तावित है, और इससे ठीक एक दिन पहले 23 सितंबर को एक महत्त्वपूर्ण संसदीय सुनवाई भी निर्धारित की गई है।
हिरासत में बंद अमेरिकी नागरिक: प्रस्ताव की पृष्ठभूमि
17 सितंबर को सीनेटर एडवर्ड मार्की और टेड बड ने एक द्विदलीय प्रस्ताव पेश किया, जिसमें चीन पर अमेरिकी शिक्षाविदों को बार-बार गलत तरीके से हिरासत में लेने का आरोप लगाया गया। सीनेटर जॉन कर्टिस और एडम शिफ भी इस प्रस्ताव के सह-प्रायोजक हैं। हाउस में प्रतिनिधि स्टीफन लिंच और जॉन मूलनार ने भी इसी आशय का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
प्रस्ताव में विशेष रूप से दो अमेरिकी नागरिकों की रिहाई को प्राथमिकता देने की माँग की गई है — भूकंपीय शोधकर्ता यूलिन चेन और म्यांमार-केंद्रित पॉलिसी थिंक टैंक के प्रमुख मिन ज़िन।
दो अमेरिकी नागरिकों का मामला
यूलिन चेन को 5 नवंबर 2024 को चीनी शिक्षाविदों के साथ भूकंपीय शोध के दौरान गिरफ्तार किया गया था। सांसदों के अनुसार, वे 600 दिनों से अधिक समय से बिना मुकदमे और परिवार से मिले बिना हिरासत में हैं। उन्हें पहले 434 दिनों तक कानूनी प्रतिनिधित्व भी नहीं दिया गया। उन पर जासूसी के आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें सांसद बेबुनियाद बता रहे हैं।
मिन ज़िन को 3 जून 2026 को कुनमिंग चांगशुई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। वे युन्नान प्रांत के एक विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक कार्यक्रम में आमंत्रित होकर आए थे।
एआई चिप्स पर सख्ती की माँग
सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने ट्रंप से आग्रह किया कि वे चीन की सबसे एडवांस एआई चिप्स और मैन्युफैक्चरिंग उपकरणों तक पहुँच को पूरी तरह रोकें। शूमर ने सीनेट में कहा, 'ट्रंप की शी जिनपिंग से अगले हफ्ते मिलने से पहले उन्हें एक सीमा तय करनी चाहिए और कहना चाहिए कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की हमारी अत्याधुनिक एआई तकनीक तक पहुँच को रोकना गैर-समझौता योग्य है।'
शूमर ने यह भी बताया कि एक द्विदलीय समूह ने नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट के तहत चिप्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून पेश किया है। उन्होंने ट्रंप पर इन प्रयासों में बाधा डालने का आरोप भी लगाया।
एआई सुरक्षा सुनवाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
चीन पर हाउस की सेलेक्ट कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सीनेटर रो खन्ना ने 23 सितंबर को अमेरिका-चीन एआई सुरक्षा समझौते पर एक वर्चुअल सुनवाई की घोषणा की है। खन्ना ने कहा, 'हमें बुनियादी निरीक्षण और सुरक्षा मानकों पर चीन के साथ तत्काल एक समझौते की जरूरत है।'
इस सुनवाई में एआई पर इंसानी नियंत्रण खत्म होने और सिस्टम के इंसानी इरादों के विरुद्ध कार्य करने जैसे जोखिमों की जाँच होगी। गवाहों में नोबेल पुरस्कार विजेता जेफ्री हिंटन और रिटायर्ड अमेरिकी वायु सेना के लेफ्टिनेंट जनरल जैक शानहान शामिल हैं। खन्ना ने बताया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद ओपनएआई और एंथ्रोपिक ने अभी तक गवाही देने की प्रतिबद्धता नहीं जताई है। उन्होंने चीनी कंपनियों मूनशॉट एआई, अलीबाबा और डीपसीक को भी पत्र लिखकर अमेरिकी एआई लैब के साथ बाध्यकारी समझौते की माँग की है।
ट्रैवल एडवाइजरी में बदलाव की माँग
सीनेट के प्रस्ताव में विदेश मंत्री से हिरासती नागरिकों की रिहाई के लिए सभी उपलब्ध राजनयिक साधनों का उपयोग करने का आग्रह किया गया है। साथ ही चीन के लिए अमेरिकी ट्रैवल एडवाइजरी को लेवल 2 से बढ़ाकर लेवल 3 करने की माँग की गई है, जिसका अर्थ होगा कि अमेरिकी नागरिकों को चीन यात्रा पर पुनर्विचार करना चाहिए। प्रस्ताव में किसी देश को 'गलत हिरासत का प्रायोजक' घोषित करने के मानदंडों की समीक्षा का भी सुझाव है।
यह सब ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-चीन संबंध व्यापार, तकनीक और भू-राजनीतिक स्तर पर जटिल दौर से गुज़र रहे हैं। 24 सितंबर की ट्रंप-शी बैठक से पहले इन संसदीय कदमों का दबाव दोनों नेताओं की वार्ता की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।