चीनी गिरोहों के ऑनलाइन स्कैम से अमेरिका को 2025 में $12.5 अरब का नुकसान, सीनेट में खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति को दी गई जानकारी के अनुसार, म्यांमार, कंबोडिया और लाओस में संचालित चीनी मूल के आपराधिक गिरोहों ने 2025 में अमेरिकी नागरिकों को 12.5 अरब डॉलर से अधिक का चूना लगाया — और अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक नुकसान इससे भी कहीं अधिक हो सकता है। ये नेटवर्क मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराध को एक औद्योगिक तंत्र में बदल चुके हैं, जो अब दक्षिण एशिया और अफ्रीका तक फैल रहा है।
स्कैम नेटवर्क का ढांचा
अमेरिकी विदेश विभाग में सहायक सचिव माइकल डीसॉम्ब्रे ने सीनेट समिति को बताया, 'म्यांमार, कंबोडिया और लाओस में अपराध से जुड़े स्कैम ऑपरेशन औद्योगिक स्तर तक पहुंच चुके हैं। जो गतिविधियां कभी छोटे स्तर के धोखाधड़ी गिरोहों तक सीमित थीं, वे अब अपने बुनियादी ढांचे, कार्यबल और आपूर्ति शृंखला वाली विशाल अवैध अर्थव्यवस्था में विकसित हो चुकी हैं।' विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार, दर्जनों देशों के लाखों लोगों को तस्करी के जरिए इन केंद्रों में लाया गया है और काम करने के लिए मजबूर किया गया है।
इन गिरोहों का तरीका एक जैसा है — लोगों को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर विदेश बुलाया जाता है, वहां पहुंचते ही पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते हैं और यातनाएं देकर ऑनलाइन ठगी करने के लिए मजबूर किया जाता है। विदेश विभाग के उप सहायक सचिव डेविड बेडार्ड के अनुसार, इन संगठनों की संरचना कई स्तरों वाली होती है — आपराधिक सरगना, प्रबंधक, स्कैम कर्मचारी, और इनके संचालन में मदद करने वाले भ्रष्ट अधिकारी, वकील, अकाउंटेंट, बैंकर और क्रिप्टोकरेंसी कन्वर्टर।
नुकसान का पैमाना
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, 2025 में अमेरिकी नागरिकों को हुआ 12.5 अरब डॉलर का नुकसान 2023 की तुलना में तीन गुना अधिक था। अमेरिका के सभी 50 राज्यों के लोग इन नेटवर्कों के निशाने पर रहे। पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र को पिछले वर्ष इन गिरोहों से 114 अरब डॉलर तक के नुकसान का अनुमान है।
यह ऐसे समय में आया है जब ये नेटवर्क पहचान से बचने के लिए बड़े परिसरों की जगह होटल और रिहायशी इमारतों का उपयोग करने लगे हैं और दक्षिण एशिया, अफ्रीका तथा अन्य क्षेत्रों में भी अपना जाल फैला रहे हैं। बेडार्ड ने भारतीय कॉल सेंटर स्कैम, जमैका की लॉटरी ठगी और कार्टेल से जुड़े टाइमशेयर स्कैम का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में धोखाधड़ी के नए रूप उभर रहे हैं। अमेरिका को श्रीलंका में भी उभर रहे स्कैम केंद्रों को लेकर गंभीर चिंता है।
अमेरिका की कार्रवाई
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च 2025 में एक कार्यकारी आदेश जारी कर संबंधित विभागों को इन गिरोहों की पहचान कर उन्हें खत्म करने की योजना बनाने का निर्देश दिया था। इसके अतिरिक्त साइबर अपराध से जुड़े लोगों पर वीजा प्रतिबंध लगाए गए हैं और 13 देशों का एक अंतरराष्ट्रीय समूह भी गठित किया गया है जो मिलकर इन स्कैम नेटवर्कों पर कार्रवाई करेगा।
सीनेट विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष जिम रिश ने कहा कि अब पूरे के पूरे शहर अमेरिकी नागरिकों को ठगने के लिए समर्पित हो गए हैं और ये नेटवर्क अवैध मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी को भी बढ़ावा देते हैं।
चीन पर दबाव
डीसॉम्ब्रे ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी इन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों का मुद्दा उठाया है। अमेरिका ने बीजिंग से आग्रह किया है कि वह यह साबित करे कि वह इन अपराधों को संरक्षण नहीं दे रहा है और चीनी अपराध सरगनाओं को अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही के दायरे में आने दे। गौरतलब है कि चीन अब तक इन आरोपों पर कोई ठोस सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दे चुका है।
आगे क्या होगा
13 देशों का अंतरराष्ट्रीय गठबंधन और अमेरिकी वीजा प्रतिबंधों का दायरा आने वाले महीनों में और विस्तृत होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक म्यांमार, कंबोडिया और लाओस की सरकारें इन केंद्रों के खिलाफ जमीनी कार्रवाई नहीं करतीं, तब तक ये नेटवर्क नए रूपों में उभरते रहेंगे।