ट्रंप-किम मुलाकात को लेकर रुबियो का बयान: बातचीत संभव, लेकिन अभी कोई तारीख तय नहीं
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 31 अक्टूबर को अटलांटा में स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से दोबारा मिलने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार हैं — बशर्ते ऐसी वार्ता से कोई ठोस और सकारात्मक परिणाम निकलने की संभावना हो। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल किसी बैठक की तारीख, स्थान या औपचारिक एजेंडा तय नहीं हुआ है।
जी20 मंच पर रुबियो का बयान
जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के समापन पर रुबियो ने पत्रकारों से कहा, 'आज इस संबंध में मेरे पास कोई घोषणा करने के लिए नहीं है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि बातचीत से कोई उपयोगी नतीजा निकल सकता है, तो ट्रंप किम से मुलाकात के लिए तैयार रहेंगे। रुबियो के अनुसार, ट्रंप किसी नेता से मिलने को न तो रियायत मानते हैं और न ही उस देश की नीतियों का समर्थन — उनका मानना है कि गंभीर मतभेदों के बावजूद संवाद जरूरी हो सकता है।
उत्तर कोरिया से बातचीत की शर्तें
रुबियो ने संकेत दिया कि यदि उत्तर कोरिया अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की प्रमुख चिंताओं — विशेष रूप से दक्षिण कोरिया से जुड़े मुद्दों — पर चर्चा के लिए राजी होता है, तो वार्ता का दरवाज़ा खुला है। हालांकि उन्होंने किसी संभावित बैठक की पूर्व शर्तों या एजेंडे का कोई ब्यौरा नहीं दिया। यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर परमाणु तनाव के बीच कूटनीतिक संपर्क लंबे समय से ठप पड़ा है।
अमेरिका-दक्षिण कोरिया संबंध और त्रिपक्षीय समझौता
रुबियो ने जी20 सम्मेलन के दौरान जापान और दक्षिण कोरिया के साथ हुई त्रिपक्षीय बैठक का उल्लेख करते हुए बताया कि तीनों देशों ने आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य शांतिपूर्ण संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना बताया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच वीजा से जुड़े मुद्दों को दोनों देश आपसी स्तर पर सुलझाएंगे।
ट्रंप-किम की पिछली मुलाकातों का इतिहास
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन की पहली ऐतिहासिक शिखर वार्ता जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी, जो किसी अमेरिकी राष्ट्रपति और उत्तर कोरियाई नेता के बीच पहली प्रत्यक्ष मुलाकात थी। इसके बाद फरवरी 2019 में वियतनाम के हनोई में दूसरी शिखर वार्ता हुई, जो बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। जून 2019 में दोनों नेताओं ने कोरियाई असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) में संक्षिप्त मुलाकात की थी। यह तीसरी बड़ी कूटनीतिक पहल उसी कड़ी का संभावित अगला अध्याय हो सकती है, हालांकि रुबियो के बयान से स्पष्ट है कि अभी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप-किम वार्ता की संभावना तभी साकार होगी जब उत्तर कोरिया परमाणु निरस्त्रीकरण या कम से कम परमाणु गतिविधियों पर अंकुश को लेकर कोई संकेत दे। फिलहाल रुबियो का बयान कूटनीतिक दरवाज़ा खुला रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, न कि किसी आसन्न बैठक की पुष्टि के रूप में। अगले कुछ हफ्तों में दोनों पक्षों के बीच किसी अनौपचारिक संपर्क की खबरें इस दिशा में अधिक स्पष्टता दे सकती हैं।