जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक 30-31 अक्टूबर को अटलांटा में, रुबियो करेंगे मेजबानी; क्वाड बैठक की भी उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 30 और 31 अक्टूबर 2026 को अटलांटा, जॉर्जिया में जी20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी। इस बैठक के एजेंडे में नेविगेशन की स्वतंत्रता, ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे मुद्दे सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं।
बैठक का एजेंडा और उद्देश्य
विदेश विभाग के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका जी20 को उसके मूल आर्थिक उद्देश्य की ओर वापस ले जाना चाहता है — आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना और अमेरिकी नागरिकों के लिए ठोस परिणाम सुनिश्चित करना। बैठक में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विदेश मंत्री साझा आर्थिक व सुरक्षा चुनौतियों पर व्यावहारिक सहयोग के रास्ते तलाशेंगे।
विभाग ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। समुद्री मार्गों की सुरक्षा, ऊर्जा एवं खाद्य आपूर्ति से जुड़े जोखिम तथा सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दिसंबर शिखर सम्मेलन की आधारशिला
यह बैठक दिसंबर 2026 में होने वाले जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले समूह की अंतिम बड़ी मंत्री-स्तरीय बैठक होगी। जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी राष्ट्रपति ट्रंप 14 और 15 दिसंबर को मियामी स्थित ट्रम्प नेशनल डोरल में करेंगे। विदेश विभाग ने कहा कि अटलांटा में होने वाली मंत्री-स्तरीय चर्चा इस शिखर सम्मेलन और उसके व्यापक आर्थिक एजेंडे की आधारशिला तैयार करेगी।
गौरतलब है कि अमेरिका 2026 में जी20 की अध्यक्षता कर रहा है और उसने सस्ती व सुरक्षित ऊर्जा तथा तकनीकी नवाचार को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
भारत और क्वाड बैठक की संभावना
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के इस बैठक में शामिल होने की संभावना है। इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि बैठक के दौरान भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की क्वाड बैठक आयोजित होने की उम्मीद है। सप्लाई चेन सुदृढ़ीकरण क्वाड के एजेंडे का एक प्रमुख विषय रहा है और इस बैठक में भी इस पर चर्चा अपेक्षित है।
यह ऐसे समय में आया है जब ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के कारण वैश्विक ईंधन बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष जोर दिए जाने को विशेषज्ञ सामरिक रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं।
अटलांटा की भूमिका और जी20 की संरचना
अमेरिकी विदेश विभाग ने अटलांटा को कूटनीति, संपर्क और व्यापार का एक महत्वपूर्ण वैश्विक केंद्र बताया है। विभाग ने मई 2026 में ही इस बैठक की घोषणा करते हुए कहा था कि इसका मुख्य फोकस अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करना, खुले बाजारों को प्रोत्साहन और मजबूत सप्लाई चेन तैयार करना होगा।
जी20 में 19 देश, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ शामिल हैं। यह समूह वैश्विक GDP का लगभग 85% और विश्व व्यापार का 75% से अधिक प्रतिनिधित्व करता है। उल्लेखनीय है कि भारत ने 2023 में जी20 की अध्यक्षता की थी।
क्या होगा आगे
हालाँकि विदेश विभाग ने अभी तक बैठक में भाग लेने वाले सभी विदेश मंत्रियों की सूची या द्विपक्षीय बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम जारी नहीं किया है। आने वाले दिनों में इसकी आधिकारिक पुष्टि अपेक्षित है। अटलांटा बैठक के नतीजे दिसंबर शिखर सम्मेलन की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।