31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिवाली से पहले दिल्ली व्यापारियों की राहुल गांधी से अपील: 1 नवंबर की कांग्रेस रैली टालें, ₹10-12 हजार करोड़ का व्यापार दांव पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिवाली से पहले दिल्ली व्यापारियों की राहुल गांधी से अपील: 1 नवंबर की कांग्रेस रैली टालें, ₹10-12 हजार करोड़ का व्यापार दांव पर

सारांश

दिवाली के पीक सीजन में दिल्ली के व्यापारियों ने राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' वाले नारे को ही उनके खिलाफ हथियार बना दिया। CTI का सवाल सीधा है — अगर 1 नवंबर की रैली नहीं टली, तो 20 लाख व्यापारियों का ₹10-12 हजार करोड़ का दिवाली कारोबार और 75 लाख लोगों की रोजी-रोटी किस 'मोहब्बत' के लिए कुर्बान होगी?

मुख्य बातें

CTI (चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री) ने 31 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी से 1 नवंबर की कांग्रेस रैली स्थगित करने की अपील की।
रामलीला मैदान के 5 किमी दायरे के 20 बड़े थोक बाजारों में पोस्टर अभियान शुरू।
CTI के अनुसार रैली से 20 लाख व्यापारियों का ₹10,000–12,000 करोड़ का दिवाली कारोबार ठप होने का खतरा।
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने चाँदनी चौक, खारी बावली, करोल बाग सहित 300 साल पुरानी व्यापारिक विरासत के प्रभावित होने की आशंका जताई।
संगठन का दावा — 10 लाख लोग और 20 हजार गाड़ियाँ आने से पूरी दिल्ली जाम, 75 लाख लोगों की रोजी-रोटी पर संकट।

दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने 31 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित पार्टी की रैली स्थगित करने की माँग की। संगठन का कहना है कि धनतेरस से महज चार दिन पहले आयोजित इस रैली से 20 लाख व्यापारियों का दिवाली सीजन का ₹10,000–12,000 करोड़ का कारोबार बुरी तरह प्रभावित होगा।

व्यापारियों की अपील: मोहब्बत की दुकानें न बंद करें

CTI ने अपनी अपील में राहुल गांधी के उस चर्चित नारे को ही आधार बनाया, जिसमें वे कहते हैं — 'मैं नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान चलाता हूँ।' संगठन ने कहा, 'हमारी दुकानें भी ग्राहकों के साथ आपसी विश्वास, प्यार और मोहब्बत के आधार पर ही चलती हैं। इसलिए हम आपसे निवेदन करते हैं कि भारत के सबसे बड़े त्यौहार दिवाली के पीक सीजन में हमारी मोहब्बत की दुकानें और व्यापार रैली की भेंट ना चढ़ जाए।'

सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल का बयान

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा, 'ये पोस्टर राहुल गांधी के लिए आईना है। आप 'भारत जोड़ो यात्रा' में मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करते हैं, लेकिन दिल्ली में हमारी 300 साल पुरानी मोहब्बत की दुकानें रैली के कारण बंद करवा रहे हैं।' उन्होंने चाँदनी चौक की परांठे वाली गली, खारी बावली के मसाले, सदर बाजार की चूड़ी-बिंदी, दरियागंज के एसी बाजार, चावड़ी बाजार की सेनिटरी मार्केट और करोल बाग की कुल्फी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्रों में 'एक-एक दुकान पर 10-20 लोगों का परिवार चलता है।'

गौरतलब है कि रामलीला मैदान के चारों ओर फैले ये बाजार दिल्ली के सबसे पुराने और सबसे घनी आबादी वाले व्यापारिक इलाके हैं, जो त्यौहारी सीजन में अपनी सालाना आय का बड़ा हिस्सा कमाते हैं।

20 बड़े थोक बाजारों में पोस्टर अभियान

CTI ने ऐलान किया कि 31 अक्टूबर से रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 20 बड़े थोक बाजारों में पोस्टर लगाए जाएँगे। संगठन का कहना है, 'रामलीला मैदान के चारों तरफ ही ये बाजार हैं। 10 लाख लोग और 20 हजार गाड़ियाँ आएंगी तो सबसे पहले इन्हीं 20 बाजारों में ताले लगेंगे।'

आम जनता और व्यापारियों पर असर

बृजेश गोयल ने चेतावनी देते हुए कहा कि 1 नवंबर को धनतेरस से सिर्फ चार दिन पहले रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों की रैली का आयोजन दिल्ली की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर देगा। उन्होंने कहा, '20 हजार गाड़ियों से पूरी दिल्ली जाम, रामलीला मैदान में 100 बस की भी पार्किंग नहीं, 20 लाख व्यापारियों का ₹10,000–12,000 करोड़ का दिवाली व्यापार ठप और 75 लाख लोगों की रोजी-रोटी पर संकट।' यह ऐसे समय में आया है जब दिवाली सीजन पहले से ही मँहगाई और उपभोक्ता खर्च में कमी की चुनौतियों से जूझ रहा है।

आगे क्या होगा

अब तक कांग्रेस की ओर से रैली स्थगित करने का कोई संकेत नहीं मिला है। CTI ने स्पष्ट किया है कि यदि रैली नहीं टाली गई, तो प्रभावित बाजारों में व्यापारी स्वयं अपनी दुकानें बंद रखने पर मजबूर होंगे। आने वाले घंटों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और दिल्ली प्रशासन का रुख इस विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सुचिंतित राजनीतिक संदेश है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्षी दल दिल्ली के बाजारों को साथ लेकर चल सकता है, या उसकी जनसभाएँ उसी आर्थिक वर्ग को नुकसान पहुँचाती हैं जिसे वह सत्ता-विरोध में लामबंद करना चाहता है। दिवाली पीक सीजन में इस तरह की रैली का आयोजन व्यापारी समुदाय को संदेश देता है कि राजनीतिक प्राथमिकताएँ उनकी आजीविका से ऊपर हैं। कांग्रेस की प्रतिक्रिया — या उसकी अनुपस्थिति — यह तय करेगी कि दिल्ली के छोटे कारोबारियों में पार्टी की साख बचती है या नहीं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के व्यापारी 1 नवंबर की कांग्रेस रैली का विरोध क्यों कर रहे हैं?
व्यापारी संगठन CTI का कहना है कि धनतेरस से चार दिन पहले रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों की रैली से दिल्ली का पूरा यातायात ठप हो जाएगा और दिवाली पीक सीजन में 20 लाख व्यापारियों का ₹10,000–12,000 करोड़ का कारोबार बुरी तरह प्रभावित होगा। रामलीला मैदान के 5 किमी दायरे में दिल्ली के 20 सबसे बड़े थोक बाजार आते हैं।
CTI ने राहुल गांधी से क्या माँग की है?
CTI ने राहुल गांधी से 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली स्थगित करने की अपील की है। संगठन ने राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' वाले नारे का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली की 300 साल पुरानी व्यापारिक दुकानें भी उसी मोहब्बत और विश्वास पर चलती हैं, और रैली से उन्हें बंद करना पड़ेगा।
CTI क्या है और दिल्ली के व्यापारों में इसकी क्या भूमिका है?
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों का शीर्ष संगठन है। यह संगठन दिल्ली के विभिन्न थोक और खुदरा बाजारों के व्यापारियों के हितों की पैरवी करता है और नीतिगत मुद्दों पर सरकार तथा राजनीतिक दलों से संवाद करता है।
रैली से कितने लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होने की आशंका है?
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार रैली से 75 लाख लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ सकता है। उनका कहना है कि चाँदनी चौक, खारी बावली, सदर बाजार, दरियागंज, चावड़ी बाजार और करोल बाग जैसे ऐतिहासिक बाजारों में एक-एक दुकान पर 10-20 लोगों का परिवार निर्भर है।
क्या कांग्रेस ने रैली स्थगित करने पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
रिपोर्टों के अनुसार अब तक कांग्रेस की ओर से रैली स्थगित करने का कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है। CTI ने कहा है कि यदि रैली नहीं टाली गई तो प्रभावित बाजारों के व्यापारी स्वयं अपनी दुकानें बंद रखने पर मजबूर होंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 5 दिन पहले
  7. 6 दिन पहले
  8. 1 सप्ताह पहले