रामदास आठवले का राहुल गांधी पर करारा पलटवार: 'मोदी हटाने हैं तो 2029 का चुनाव लड़ो, आंदोलन नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने 2 नवंबर 2026 को इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग पर कड़ा पलटवार किया। आठवले ने स्पष्ट कहा कि भारत डॉ. बी. आर. आंबेडकर के संविधान से चलता है और यहाँ आंदोलन के ज़रिए किसी संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी को नहीं हटाया जा सकता।
मतदाता सूची समीक्षा पर सरकार का पक्ष
आठवले ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का ब्यौरा देते हुए बताया कि 13 करोड़ नामों की समीक्षा की गई। उनके अनुसार इनमें से 6.2 करोड़ मतदाता वे थे जो स्थानांतरित हो चुके थे और उनके नाम नई जगह पहले से दर्ज थे, इसलिए पुरानी प्रविष्टि हटाई गई। 2.8 करोड़ मतदाताओं का निधन हो चुका था, जिससे उनके नाम सूची से हटाए गए। इसके अलावा 3 करोड़ मतदाताओं ने अपना पता अपडेट नहीं किया था, और लगभग 1 करोड़ ऐसे मतदाता थे जो एक ज़िले से दूसरे ज़िले या गाँव से मुंबई जैसे बड़े शहरों में आ बसे थे।
आठवले ने कहा कि जब किसी व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज हो, तो नियम के अनुसार केवल एक ही स्थान पर नाम रहना चाहिए। उन्होंने इस पूरी कवायद को बोगस वोटिंग रोकने और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया ज़रूरी कदम बताया।
राहुल गांधी की माँग पर सीधा जवाब
आठवले ने राहुल गांधी को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'राहुल गांधी बोल रहे हैं कि वो ज्ञानेश कुमार को हटाएंगे। वो कैसे हटा सकते हैं।' उन्होंने इस सोच की तुलना बांग्लादेश की राजनीतिक अस्थिरता से करते हुए कहा कि भारत में ऐसी स्थिति कभी नहीं बन सकती, क्योंकि यहाँ संवैधानिक संस्थाएँ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के अनुसार काम करती हैं।
उन्होंने विपक्ष को स्पष्ट चुनौती दी कि अगर किसी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना है, तो इसका एकमात्र रास्ता 2029 का लोकसभा चुनाव है, न कि सड़क आंदोलन।
मोदी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं
आठवले ने कहा कि इंडिया गठबंधन इसलिए परेशान है क्योंकि मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों में 80 करोड़ लोगों को सात-आठ वर्षों से निःशुल्क अनाज, 60 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुलवाना, करोड़ों लोगों को आवास, हवाई अड्डों का विकास और बेहतर सड़क अवसंरचना को गिनाया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीति हिंदू, मुस्लिम या किसी भी जाति-धर्म के व्यक्ति के साथ न्याय करने की है।
विपक्षी नेताओं पर निशाना
आठवले ने कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत तमाम विपक्षी नेता मोदी सरकार की उपलब्धियों से परेशान दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि 2029 के चुनाव में एनडीए भी तैयार है और विपक्ष को भी तैयार रहना चाहिए — जिसे जनता बहुमत देगी, सरकार वही बनाएगा।
आगे क्या
मतदाता सूची पुनरीक्षण और सीईसी की नियुक्ति-प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता दिख रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार और कुछ अन्य राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। आलोचकों का कहना है कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए, जबकि सरकार इसे पारदर्शिता का कदम बता रही है।