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चुनाव आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, सरकार के निर्देश पर नहीं चलता: रामदास आठवले

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चुनाव आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, सरकार के निर्देश पर नहीं चलता: रामदास आठवले

सारांश

विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग कर रहा है, लेकिन केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने साफ कहा — चुनाव आयोग संविधान से शक्ति लेता है, सरकार से नहीं। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव को 'ख्याली दुनिया' में बताया और UP में सपा-कांग्रेस गठबंधन की संभावना से इनकार किया।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 30 सितंबर 2026 को देहरादून में कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है।
विपक्ष की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग को आठवले ने सिरे से नकारा।
एसआईआर (SIR) विवाद पर आठवले ने कहा — फर्जी दस्तावेज से नाम जुड़वाने वालों को हटाना उचित, लेकिन वैध मतदाता का नाम नहीं हटना चाहिए।
अखिलेश यादव पर तंज — 'ख्याली दुनिया में जी रहे हैं'; इंडी गठबंधन की दिल्ली बैठक में स्वयं नहीं आए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना से आठवले ने इनकार किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 30 सितंबर 2026 को देहरादून में पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और वह अपने चुनाव-संबंधी फैसले संविधान-प्रदत्त शक्तियों के आधार पर लेता है, न कि सरकार की गाइडलाइन पर। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की माँग कर रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

आठवले ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए संविधान ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र अधिकार दिए हैं और इस संस्था का सरकार से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को चुनाव से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है।

एसआईआर विवाद पर आठवले का रुख

मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे विवाद पर आठवले ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दूसरे देश से आकर फर्जी दस्तावेजों के ज़रिये भारत की मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाता है और जाँच में यह पुष्ट होता है, तो उसका नाम सूची से हटाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा मामले में किन परिस्थितियों में और किन लोगों के नाम हटाए गए, इसकी उन्हें विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश के प्रत्येक उस नागरिक को, जिसे कानून के तहत मताधिकार प्राप्त है, उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

अखिलेश यादव और इंडी गठबंधन पर तंज

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि उन्हें लगता है कि अखिलेश यादव 'ख्याली दुनिया में जी रहे हैं।' आठवले ने यह भी बताया कि अखिलेश यादव दिल्ली में हुई इंडी गठबंधन की बैठक में स्वयं शामिल नहीं हुए और उनकी जगह पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को भेजा गया।

उत्तर प्रदेश चुनाव पर आठवले का आकलन

आठवले ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि उन्हें समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच गठबंधन की कोई संभावना नहीं दिखती। उनके अनुसार दोनों दल अलग-अलग चुनावी रास्ते पर चलेंगे। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष की एकजुटता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

क्या होगा आगे

विपक्ष की मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की माँग और एसआईआर पर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग की स्वायत्तता एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गई है। आठवले के बयान से सत्तारूढ़ गठबंधन की यह स्थिति स्पष्ट होती है कि वह चुनाव आयोग के कामकाज पर किसी बाहरी दबाव को उचित नहीं मानता। आने वाले हफ्तों में यह मुद्दा संसद और सड़क — दोनों पर गरमाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ठोस नहीं है। चुनाव आयोग की संवैधानिक स्वायत्तता निर्विवाद है, परंतु असली सवाल यह है कि SIR के तहत किन लोगों के नाम, किन प्रक्रियाओं से और किस पारदर्शिता के साथ हटाए गए — और इस पर आठवले खुद अनजान बताते हैं। यह स्वीकारोक्ति ही विपक्ष को नई बहस का मुद्दा दे सकती है। CEC की नियुक्ति प्रक्रिया पहले से विवादों में रही है, और जब तक जवाबदेही का ठोस ढाँचा सामने नहीं आता, 'संवैधानिक स्वायत्तता' का तर्क राजनीतिक ढाल की तरह इस्तेमाल होता रहेगा।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास आठवले ने चुनाव आयोग पर क्या कहा?
आठवले ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है जो संविधान-प्रदत्त शक्तियों के आधार पर काम करती है, न कि सरकार की गाइडलाइन पर। उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्षी माँग को अनुचित बताया।
विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग क्यों कर रहा है?
विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे विवाद के बाद CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। आरोप है कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए।
एसआईआर (SIR) विवाद क्या है?
SIR यानी मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण एक प्रक्रिया है जिसके तहत फर्जी या अपात्र नामों को सूची से हटाया जाता है। विवाद इस बात को लेकर है कि इस प्रक्रिया में कथित तौर पर वैध मतदाताओं के नाम भी हटा दिए गए, जिसे विपक्ष ने लोकतंत्र पर हमला बताया है।
उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर आठवले का क्या मानना है?
आठवले ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की कोई संभावना नहीं है। उनके अनुसार दोनों दल अलग-अलग चुनावी मैदान में उतरेंगे।
आठवले ने अखिलेश यादव के बारे में क्या कहा?
आठवले ने कहा कि अखिलेश यादव 'ख्याली दुनिया में जी रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि अखिलेश यादव दिल्ली में हुई इंडी गठबंधन की बैठक में स्वयं शामिल नहीं हुए और उनकी जगह पार्टी के अन्य नेताओं को भेजा गया।
राष्ट्र प्रेस
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