सेंथिलकुमार चेक ओपन स्क्वैश फाइनल में, डुसॉर्ड को 3-0 से हराकर खिताब की दौड़ में
सारांश
मुख्य बातें
भारत के स्क्वैश खिलाड़ी वेलावन सेंथिलकुमार ने 2 नवंबर 2026 को ब्रनो (चेक गणराज्य) में जारी चेक ओपन स्क्वैश टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। $35,000 की इनामी राशि वाले इस पीएसए कॉपर-लेवल आयोजन के सेमीफाइनल में उन्होंने फ्रांस के विश्व नंबर 32 खिलाड़ी ऑगस्ट डुसॉर्ड को 11-7, 12-10, 11-1 के स्कोर से सीधे तीन गेम में पराजित किया।
सेमीफाइनल का रोमांचक मुकाबला
चौथे वरीयता प्राप्त सेंथिलकुमार ने पहले और तीसरे गेम में डुसॉर्ड पर दबदबा बनाए रखा। दूसरा गेम कड़े संघर्ष का रहा, जहाँ भारतीय खिलाड़ी ने 12-10 से जीतकर मैच पर पकड़ मज़बूत की। तीसरे गेम में तो सेंथिलकुमार ने प्रतिद्वंद्वी को केवल एक अंक देकर 11-1 से दमदार जीत दर्ज की।
फाइनल में होगा लोबन से मुकाबला
सेंथिलकुमार अब फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त और विश्व रैंकिंग में 31वें स्थान पर काबिज स्कॉटलैंड के ग्रेग लोबन का सामना करेंगे। लोबन ने दूसरे सेमीफाइनल में फ्रांस के तौफिक मेखल्फी को 11-9, 11-5, 11-4 से हराकर खिताबी मैच में जगह बनाई। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे रोचक मुकाबला होने की उम्मीद है।
टूर्नामेंट में सेंथिलकुमार का सफर
सेंथिलकुमार को टूर्नामेंट के पहले दौर में सीधे 'बाय' मिला था। दूसरे दौर में उन्होंने ब्राजील के डिएगो गोब्बी को 11-4, 11-7, 11-2 से हराया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अर्जेंटीना के विश्व नंबर 64 और आठवें वरीयता प्राप्त जेरेमियास अजाना को 11-3, 11-8, 11-7 से मात दी। गौरतलब है कि पहले गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अजाना को एकतरफा 11-3 से हराया, इसके बाद रैलियाँ और कड़ी होती गईं, मगर सेंथिलकुमार ने कोर्ट के अगले हिस्से में अपने खेल से बाजी अपने पक्ष में रखी।
इस सीजन का दूसरा खिताब जीतने की दहलीज़ पर
अगस्त 2026 में सेंथिलकुमार ने बुडापेस्ट ओपन के फाइनल में हंगरी के नंबर 1 खिलाड़ी बालाज फार्कस को सीधे गेम में हराकर अपना पहला पीएसए कॉपर-लेवल खिताब जीता था — यह उनके करियर का उस समय तक का सबसे बड़ा खिताब था। यदि वे चेक ओपन का फाइनल भी जीतते हैं, तो यह इस सीजन में उनका दूसरा खिताब होगा।
एशियन गेम्स के बाद रफ्तार जारी
बुडापेस्ट की उस जीत के बाद सेंथिलकुमार आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भी चमके, जहाँ उन्होंने जोशना चिनप्पा के साथ मिलकर मिक्स्ड टीम इवेंट में कांस्य पदक जीता। वे कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष टीम का भी हिस्सा थे, हालाँकि पुरुष टीम के सेमीफाइनल में भारत को मलेशिया से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था और टीम तीसरे स्थान पर रही। चेक ओपन फाइनल में उनका प्रदर्शन यह दर्शाता है कि एशियन गेम्स के बाद भी उनकी लय बरकरार है।