8 अक्टूबर 2026
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एसआईआर और वोट चोरी पर इंडिया गठबंधन एकजुट, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम बोले — ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजभवन कूच

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एसआईआर और वोट चोरी पर इंडिया गठबंधन एकजुट, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम बोले — ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजभवन कूच

सारांश

नवंबर 2025 के चुनावों के बाद पहली बार इंडिया गठबंधन एसआईआर और वोट चोरी के मुद्दे पर पूरी ताकत से एकजुट हुआ है। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधा और गुरुवार को राजभवन कूच का ऐलान किया।

मुख्य बातें

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 7 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया।
इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल गुरुवार को राजभवन की ओर एकजुट मार्च करेंगे।
राहुल गांधी की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में यह लड़ाई पूरे देश में संयुक्त रूप से लड़ने का फैसला लिया गया।
राजेश राम ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद 13 से 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम एसआईआर के ज़रिए सूची से हटाए गए।
कांग्रेस ने नोटबंदी, कोरोना काल, ED-CBI के दुरुपयोग और वोट चोरी को सरकार के 'चार मिशन' बताया।

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि नवंबर 2025 के चुनावों के बाद पहली बार इंडिया गठबंधन, एसआईआर (SIR), वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर पूरी ताकत के साथ एकजुट हो रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यह लड़ाई पूरे देश में संयुक्त रूप से लड़ी जाएगी।

राजभवन कूच की तैयारी

राजेश राम ने बताया कि इसी कड़ी में बिहार में इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल गुरुवार को राजभवन की ओर एकजुट मार्च करेंगे। उन्होंने कहा, 'इंडिया गठबंधन के जितने भी साझेदार हैं, हम सभी संयुक्त रूप से राजभवन की ओर कूच करेंगे।' यह विरोध प्रदर्शन दल-स्तरीय आंदोलनों के साथ-साथ जारी रहेगा, जो पहले से चल रहे हैं।

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर आरोप

राजेश राम ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद हुए विभिन्न चुनावों में एसआईआर के माध्यम से 13 से 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए। उनके अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस प्रक्रिया में पूरी ताकत दी गई। उन्होंने दावा किया कि 'चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने राहुल गांधी के उस प्रमाण को प्रमाणित कर दिया है, जिसे वे तीन सालों से लगातार उठाते रहे हैं।' गौरतलब है कि ये आरोप गंभीर हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

मोदी सरकार के 'मिशनों' पर कांग्रेस का हमला

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर चार 'मिशनों' की आड़ में जनता को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने नोटबंदी का उल्लेख करते हुए कहा कि आधी रात को की गई घोषणा से 'कई लोगों ने लाइन में ही दम तोड़ दिया।' कोरोना काल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि थाली-ताली बजाने की अपील के बीच ऑक्सीजन की कमी से लाखों लोगों की जान गई और लाखों मजदूर बिना सरकारी सहायता के पैदल चलने को मजबूर हुए।

तीसरे 'मिशन' के रूप में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का दुरुपयोग विरोधियों को 'धमकाने और कुचलने' के लिए किया गया। चौथा मिशन, उनके अनुसार, मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटाकर वोट चोरी करना था।

विपक्ष का संयुक्त मोर्चा

यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन कई राज्यों में चुनावी परिणामों और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाता रहा है। राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी घटक दलों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का संकल्प लिया। आलोचकों का कहना है कि विपक्ष का यह एकजुटता प्रदर्शन बिहार में राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, जहाँ अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं।

आगे क्या होगा

इंडिया गठबंधन का राजभवन कूच गुरुवार को निर्धारित है, जिसमें बिहार के सभी प्रमुख विपक्षी घटक दलों की भागीदारी अपेक्षित है। यह आंदोलन आने वाले हफ्तों में अन्य राज्यों तक भी विस्तारित हो सकता है, यदि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आती।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनका राजनीतिक समय महत्वपूर्ण है — बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की आहट के बीच यह विपक्ष की जमीनी गोलबंदी की कोशिश है। असली सवाल यह है कि '13 से 13.5 करोड़ नाम काटे गए' का दावा किस स्वतंत्र डेटा पर आधारित है, और क्या इंडिया गठबंधन के पास इसे अदालत या संसद में साबित करने की क्षमता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन आरोपों को जस-का-तस प्रसारित करती है — जबकि चुनाव आयोग का पक्ष और मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया का तटस्थ विश्लेषण उतना ही जरूरी है। राजभवन कूच प्रतीकात्मक दबाव तो बनाएगा, लेकिन संस्थागत बदलाव के लिए जवाबदेही का ढाँचा चाहिए, सड़क पर नारे नहीं।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (SIR) क्या है और इंडिया गठबंधन इस पर क्यों विरोध कर रहा है?
एसआईआर (Special Intensive Revision) मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इंडिया गठबंधन का आरोप है कि इस प्रक्रिया के ज़रिए 13 से 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम अवैध रूप से सूची से हटाए गए, जो वोट चोरी के समान है। ये आरोप विपक्ष तीन वर्षों से उठाता रहा है।
बिहार में इंडिया गठबंधन का राजभवन कूच कब होगा?
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के अनुसार इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल गुरुवार को राजभवन की ओर एकजुट मार्च करेंगे। यह प्रदर्शन दल-स्तरीय आंदोलनों के अतिरिक्त होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने आरोप लगाया है कि ज्ञानेश कुमार को एसआईआर के माध्यम से वोट चोरी कराने के लिए 'पूरी ताकत' दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी दावों को प्रमाणित किया है। ये आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
राहुल गांधी की अध्यक्षता में दिल्ली बैठक में क्या तय हुआ?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एसआईआर और वोट चोरी का मुद्दा पूरे देश में संयुक्त रूप से उठाया जाएगा। दल-स्तरीय आंदोलन भी साथ-साथ जारी रहेंगे।
कांग्रेस ने मोदी सरकार के किन 'चार मिशनों' पर आरोप लगाए?
राजेश राम ने चार मिशनों का उल्लेख किया — नोटबंदी, कोरोना काल में अव्यवस्था, ED-CBI का कथित दुरुपयोग और एसआईआर के ज़रिए वोट चोरी। ये सभी आरोप कांग्रेस के राजनीतिक बयान हैं।
राष्ट्र प्रेस
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