एसआईआर और वोट चोरी पर इंडिया गठबंधन एकजुट, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम बोले — ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजभवन कूच
सारांश
मुख्य बातें
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि नवंबर 2025 के चुनावों के बाद पहली बार इंडिया गठबंधन, एसआईआर (SIR), वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर पूरी ताकत के साथ एकजुट हो रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यह लड़ाई पूरे देश में संयुक्त रूप से लड़ी जाएगी।
राजभवन कूच की तैयारी
राजेश राम ने बताया कि इसी कड़ी में बिहार में इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल गुरुवार को राजभवन की ओर एकजुट मार्च करेंगे। उन्होंने कहा, 'इंडिया गठबंधन के जितने भी साझेदार हैं, हम सभी संयुक्त रूप से राजभवन की ओर कूच करेंगे।' यह विरोध प्रदर्शन दल-स्तरीय आंदोलनों के साथ-साथ जारी रहेगा, जो पहले से चल रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर आरोप
राजेश राम ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद हुए विभिन्न चुनावों में एसआईआर के माध्यम से 13 से 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए। उनके अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस प्रक्रिया में पूरी ताकत दी गई। उन्होंने दावा किया कि 'चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने राहुल गांधी के उस प्रमाण को प्रमाणित कर दिया है, जिसे वे तीन सालों से लगातार उठाते रहे हैं।' गौरतलब है कि ये आरोप गंभीर हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
मोदी सरकार के 'मिशनों' पर कांग्रेस का हमला
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर चार 'मिशनों' की आड़ में जनता को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने नोटबंदी का उल्लेख करते हुए कहा कि आधी रात को की गई घोषणा से 'कई लोगों ने लाइन में ही दम तोड़ दिया।' कोरोना काल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि थाली-ताली बजाने की अपील के बीच ऑक्सीजन की कमी से लाखों लोगों की जान गई और लाखों मजदूर बिना सरकारी सहायता के पैदल चलने को मजबूर हुए।
तीसरे 'मिशन' के रूप में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का दुरुपयोग विरोधियों को 'धमकाने और कुचलने' के लिए किया गया। चौथा मिशन, उनके अनुसार, मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटाकर वोट चोरी करना था।
विपक्ष का संयुक्त मोर्चा
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन कई राज्यों में चुनावी परिणामों और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाता रहा है। राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी घटक दलों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का संकल्प लिया। आलोचकों का कहना है कि विपक्ष का यह एकजुटता प्रदर्शन बिहार में राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, जहाँ अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं।
आगे क्या होगा
इंडिया गठबंधन का राजभवन कूच गुरुवार को निर्धारित है, जिसमें बिहार के सभी प्रमुख विपक्षी घटक दलों की भागीदारी अपेक्षित है। यह आंदोलन आने वाले हफ्तों में अन्य राज्यों तक भी विस्तारित हो सकता है, यदि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आती।