नेतन्याहू का बड़ा बयान: ईरानी सरकार को सत्ता से हटाना इजरायल का लक्ष्य, ट्रंप से भी हुई चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट रूप से कहा कि इजरायल, ईरान की मौजूदा सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विषय पर उन्होंने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत की थी। यह बयान यरुशलम के निकट उत्तरी इजरायल के एक विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में दिया गया।
नेतन्याहू का सीधा बयान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, "हमें ईरानी शासन को उखाड़ फेंकने के लक्ष्य को पूरा करना होगा। यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। मैंने इस विषय पर राष्ट्रपति ट्रंप से कई बार चर्चा की है, जिसमें दो दिन पहले हुई बातचीत भी शामिल है।" उन्होंने तर्क दिया कि ईरानी सरकार के पतन से हिजबुल्लाह का प्रभाव समाप्त होगा और लेबनान में शांति की राह खुलेगी।
गौरतलब है कि यह बयान 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली संसदीय चुनाव से ठीक एक सप्ताह पहले आया है। इससे पहले रविवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू के पुनर्निर्वाचन का खुलकर समर्थन किया था।
चुनावी संदर्भ और राजनीतिक दांव
नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को अपने चुनाव प्रचार का केंद्रीय मुद्दा बनाया है और इसे ईरान से मुकाबले के लिए अनिवार्य बताया है। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि वे चुनावी फायदे के लिए सैन्य टकराव का माहौल तैयार कर रहे हैं, जिसे नेतन्याहू ने सिरे से खारिज कर दिया। पिछले सप्ताह उन्होंने चुनाव से पहले ईरान पर किसी पूर्व नियोजित सैन्य हमले का समर्थन न करने की बात भी कही थी।
अमेरिकी रक्षा मंत्री का अघोषित इजरायल दौरा
इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को इजरायल का एक अघोषित दौरा किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने दक्षिणी इजरायल के एक सैन्य अड्डे पर नेतन्याहू से मुलाकात की। नेतन्याहू के कार्यालय ने इस भेंट पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और पेंटागन ने भी दौरे की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की थी।
बाद में हेगसेथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के तहत तैनात सैनिकों से मुलाकात की। तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "हमेशा की तरह आज सेंटकॉम में हमारे सैनिकों से मिलना सम्मान की बात रही। वे हमारे देश के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि हैं और एक ऐतिहासिक मिशन पर कार्य कर रहे हैं।"
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
नेतन्याहू पहले भी कई अवसरों पर ईरानी सरकार को हटाने की वकालत करते रहे हैं। वर्ष 2025 में 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान उन्होंने ईरानी नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा था कि उनकी "आज़ादी का समय करीब है।" इसके उपरांत फरवरी में इजरायल और अमेरिका द्वारा शुरू किए गए एक अन्य सैन्य अभियान के दौरान भी उन्होंने यही माँग दोहराई थी। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव का स्तर पहले से ही उच्च बना हुआ है।
आगे क्या होगा
27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली संसदीय चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि नेतन्याहू की ईरान नीति आगे किस दिशा में जाती है। ट्रंप के समर्थन और हेगसेथ के दौरे को मिलाकर देखें तो अमेरिका इजरायल की रणनीतिक नज़दीकी एक बार फिर स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई है। विश्लेषकों की नज़र अब इस बात पर होगी कि चुनाव बाद नेतन्याहू ईरान के खिलाफ अपनी नीति को किस रूप में आगे बढ़ाते हैं।