ट्रंप ने दूसरी बार इजरायली मतदाताओं से की 'बीबी' नेतन्याहू के लिए वोट की अपील
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले इजरायली संसदीय चुनाव से ठीक पहले अपने करीबी मित्र और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए एक बार फिर खुलकर वोट अपील की है। यह एक महीने में दूसरी बार है जब ट्रंप ने इजरायली मतदाताओं से नेतन्याहू को प्रधानमंत्री चुनने का आग्रह किया है।
ट्रुथ सोशल पर नया संदेश
ट्रंप ने रविवार देर रात अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर नेतन्याहू के समर्थन में संदेश पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'जब आप मतदान करने जाएं, तो याद रखिए कि बीबी एक शानदार योद्धा प्रधानमंत्री रहे हैं।' ट्रंप ने आगे जोड़ा, 'प्रधानमंत्री के लिए बीबी नेतन्याहू को वोट दें, हमें शुरू किया गया काम पूरा करना है।'
इस पोस्ट में ट्रंप ने अमेरिका और इजरायल के बीच सैन्य सहयोग को रेखांकित किया और ईरान के सैन्य तथा आर्थिक ढाँचे को हुए नुकसान को लेकर भी दावे किए।
18 अक्टूबर की पहली अपील
इससे पहले 18 अक्टूबर 2026 को ट्रंप ने नेतन्याहू को ईरान के खिलाफ कार्रवाई में अहम साझेदार बताते हुए उनके दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाने का खुला समर्थन किया था। उस पोस्ट में उन्होंने लिखा था, 'नेतन्याहू के अलावा कोई दूसरा नेता सत्ता में आया, तो अमेरिका को ईरान के खिलाफ यह काम अकेले करना पड़ सकता है।'
उस संदेश में ट्रंप ने नेतन्याहू के साहस की तारीफ करते हुए कहा था कि विषम परिस्थितियों में आम इंसान दबाव के आगे टूट जाता, लेकिन 'बीबी' नहीं टूटे — बल्कि और मजबूत हुए। ट्रंप ने लिखा, 'मैं उनका पूरा समर्थन करता हूँ और मानता हूँ कि बीबी नेतन्याहू आपको कभी निराश नहीं करेंगे!'
नेतन्याहू की माँग और मीडिया रिपोर्ट
द यरूसलम पोस्ट और एक्सियोस की रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू ने हाल के दिनों में ट्रंप से अतिरिक्त सार्वजनिक समर्थन की माँग की थी। यह अपील ऐसे समय में आई है जब नेतन्याहू अपनी चुनावी मुहिम के अंतिम चरण में हैं और इजरायल में मतदान से महज घंटे भर पहले वातावरण राजनीतिक रूप से अत्यंत तीव्र है।
अमेरिका-इजरायल संबंधों का संदर्भ
ट्रंप की यह खुली चुनावी हस्तक्षेप की कोशिश अमेरिका-इजरायल संबंधों की मौजूदा घनिष्ठता को दर्शाती है। गौरतलब है कि ईरान के खिलाफ दोनों देशों के बीच सैन्य समन्वय के दावों के बीच ट्रंप ने नेतन्याहू के नेतृत्व को अपने क्षेत्रीय रुख से सीधे जोड़ा है। आलोचकों का कहना है कि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा इस प्रकार की खुली चुनावी अपील कूटनीतिक मानदंडों से अलग है।
आगे क्या
27 अक्टूबर 2026 को इजरायल में संसदीय चुनाव होने हैं। परिणाम आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि ट्रंप के सार्वजनिक समर्थन का मतदाताओं पर क्या असर पड़ा। इजरायली राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, किसी अमेरिकी राष्ट्रपति का इस तरह का प्रत्यक्ष चुनावी आग्रह अभूतपूर्व माना जा रहा है।