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अराघची का नेतन्याहू पर पलटवार: 'हमारे पास भी हिसाब चुकता करने को बहुत कुछ है'

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अराघची का नेतन्याहू पर पलटवार: 'हमारे पास भी हिसाब चुकता करने को बहुत कुछ है'

सारांश

इजरायली चुनाव से ठीक आठ दिन पहले नेतन्याहू ने ट्रंप के सहारे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का वादा किया — और तेहरान ने सीधे एक्स पर जवाब दिया: 'हमारे भी अधूरे काम बाकी हैं।' पश्चिम एशिया में बयानों की यह जंग नई टकराहट की आहट दे रही है।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 19 अक्टूबर 2026 को एक्स पर नेतन्याहू को चेतावनी दी — 'हमारे भी कुछ अधूरे काम बाकी हैं।' अराघची ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू 'जेल जाने से बचने के लिए अमेरिका को एक और युद्ध में धकेल रहे हैं।' नेतन्याहू ने ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि अगले दो वर्षों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म किया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू को 'मजबूत, बहादुर और शानदार नेता' बताया।
इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को संसदीय चुनाव होने हैं, जो इस बयानबाजी की पृष्ठभूमि है।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 19 अक्टूबर 2026 को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ताज़ा बयानों पर तीखा पलटवार किया, यह कहते हुए कि ईरान के पास भी 'हिसाब चुकता करने के लिए बहुत कुछ' है। यह प्रतिक्रिया तब आई जब नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन का आभार व्यक्त करते हुए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की घोषणा की।

अराघची का एक्स पर सीधा जवाब

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अराघची ने लिखा, 'पिछली बार भी आप 'काम पूरा करने' निकले थे, लेकिन नतीजा यह हुआ कि ईरान पहले से भी ज्यादा मजबूत होकर उभरा। क्या फिर से अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं? आपका स्वागत है। लेकिन सावधान रहिए, हमारे भी कुछ अधूरे काम बाकी हैं।'

इसके साथ ही अराघची ने नेतन्याहू पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि वे 'खुद जेल जाने से बचने के लिए अमेरिका को एक और युद्ध में धकेल रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इसके नतीजे इजरायल और अमेरिकी राष्ट्रपति दोनों पर क्या असर डालेंगे, इसकी परवाह नेतन्याहू को नहीं है।

नेतन्याहू-ट्रंप की दोस्ती और परमाणु वादा

इससे पहले नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट कर ट्रंप के समर्थन पर आभार जताया था। उन्होंने लिखा, 'राष्ट्रपति ट्रंप, मेरे दोस्त डोनाल्ड, आपके शानदार समर्थन के लिए धन्यवाद। व्हाइट हाउस में इजरायल का इससे बेहतर दोस्त कभी नहीं रहा। हम मिलकर ईरान की सरकार को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।'

नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि अगले दो वर्षों में दोनों देश मिलकर 'ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म' कर देंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब 27 अक्टूबर 2026 को इजरायल में संसदीय चुनाव होने हैं।

ट्रंप का नेतन्याहू को समर्थन और चुनावी पृष्ठभूमि

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को 'मजबूत, बहादुर और शानदार नेता' बताया है। गौरतलब है कि इजरायल में चुनाव से महज आठ दिन पहले यह समर्थन एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि नेतन्याहू ईरान-विरोधी बयानबाजी का उपयोग घरेलू राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं।

ईरान-इजरायल तनाव की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव पहले से ही चरम पर है। ईरान और इजरायल के बीच कथित तौर पर कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक झड़पें हो चुकी हैं। अराघची का यह बयान संकेत देता है कि तेहरान किसी भी संभावित इजरायली या अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है।

आगे क्या

विशेषज्ञों के अनुसार, इजरायली चुनावों के बाद की सरकार का स्वरूप और ट्रंप-नेतन्याहू की नीतिगत सक्रियता, ईरान के परमाणु मुद्दे पर आगे की दिशा तय करेगी। अराघची के बयानों के मद्देनजर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और गहरा होने की आशंका जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनयिक भाषा में असाधारण है। मुख्यधारा की कवरेज इस बयानबाजी को दो देशों की शत्रुता तक सीमित कर देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ट्रंप का खुला समर्थन अमेरिकी विदेश नीति को इजरायल के घरेलू चुनावी एजेंडे से बाँध रहा है। यदि ऐसा है, तो यह पश्चिम एशिया में किसी भी सैन्य कदम की वैधता और उसके वैश्विक परिणामों पर गंभीर प्रश्न उठाता है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अराघची ने नेतन्याहू को क्या जवाब दिया?
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा कि ईरान के पास भी 'हिसाब चुकता करने के लिए बहुत कुछ है' और चेतावनी दी कि 'हमारे भी कुछ अधूरे काम बाकी हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेतन्याहू जेल से बचने के लिए अमेरिका को युद्ध में धकेल रहे हैं।
नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या कहा?
नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे और ट्रंप मिलकर अगले दो वर्षों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म कर देंगे और ईरान को परमाणु हथियार कभी नहीं हासिल करने देंगे।
ट्रंप ने इजरायल चुनाव में नेतन्याहू का समर्थन क्यों किया?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू को 'मजबूत, बहादुर और शानदार नेता' बताया। इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को संसदीय चुनाव होने हैं और ट्रंप का यह बयान चुनाव से ठीक पहले आया है।
इजरायल में चुनाव कब हैं और इसका इस विवाद से क्या संबंध है?
इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को संसदीय चुनाव निर्धारित हैं। आलोचकों का कहना है कि नेतन्याहू ईरान-विरोधी बयानबाजी का उपयोग चुनावी माहौल गरम करने के लिए कर रहे हैं, जबकि अराघची ने भी इसी बिंदु को अपने जवाब में उठाया।
ईरान-इजरायल के बीच मौजूदा तनाव कितना गंभीर है?
कथित तौर पर दोनों देशों के बीच पहले भी कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक टकराहट हो चुकी है। अब नेतन्याहू और अराघची के बीच एक्स पर सार्वजनिक वाकयुद्ध तनाव के एक नए स्तर का संकेत देता है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है।
राष्ट्र प्रेस
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