30 जुलाई 2026
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: आयुष मंत्रालय का निर्देश — प्रार्थना से शुरू करें योगाभ्यास, लाभ होंगे कई गुना

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: आयुष मंत्रालय का निर्देश — प्रार्थना से शुरू करें योगाभ्यास, लाभ होंगे कई गुना

सारांश

योग दिवस 2026 से एक हफ्ते पहले आयुष मंत्रालय ने एक अहम बात कही — प्रार्थना सिर्फ रिवाज नहीं, यह योगाभ्यास की नींव है। शांत मन, कृतज्ञता का भाव और सही मानसिक अवस्था से शुरू किया गया योग शरीर, मन और आत्मा तीनों को एक साथ साधता है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 14 जून 2026 को निर्देश जारी किया कि योगाभ्यास की शुरुआत प्रार्थना से करने पर लाभ कई गुना बढ़ते हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम 'स्वस्थ उम्र के लिए योग' है, जो 21 जून को मनाया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, प्रार्थना मन को स्थिर करती है, विचारों को केंद्रित करती है और एकाग्रता बढ़ाती है।
अभ्यास से पहले आभार के भाव से प्रार्थना शुरू करने की सलाह दी गई है — जीवन, परिवार और स्वास्थ्य के लिए कृतज्ञता।
मंत्रालय ने योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की है।

आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (21 जून) से ठीक एक सप्ताह पहले यह स्पष्ट किया है कि योगाभ्यास की शुरुआत प्रार्थना के साथ करने से उसके लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं। मंत्रालय के अनुसार, योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की एक समग्र प्रक्रिया है। सही मानसिक अवस्था के साथ अभ्यास आरंभ करना इस प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा माना जाता है।

मंत्रालय का संदेश: शांति और सकारात्मकता से हो शुरुआत

आयुष मंत्रालय ने 14 जून 2026 को जारी अपने संदेश में कहा कि योग की हर यात्रा शांति और सकारात्मकता के साथ आरंभ होनी चाहिए। मंत्रालय का कहना है कि प्रार्थना मन को स्थिर करने, विचारों को केंद्रित करने और शरीर को योगाभ्यास के लिए मानसिक रूप से तैयार करने में सहायक होती है। यह छोटी-सी तैयारी पूरे सत्र की गुणवत्ता को निर्णायक रूप से प्रभावित करती है।

प्रार्थना का सही तरीका: मंत्रालय की सलाह

मंत्रालय ने अभ्यासियों को सुझाया है कि योगाभ्यास से पूर्व किसी शांत और आरामदायक स्थान पर बैठें, जहाँ मन भटके नहीं। प्रार्थना की शुरुआत आभार के भाव से करें — जीवन, परिवार, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में मिले अवसरों के लिए ईश्वर व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें। मंत्रालय के अनुसार, यह सकारात्मक सोच मन को स्थिरता और शांति प्रदान करती है, जिससे पूरे अभ्यास के दौरान एकाग्रता और सामंजस्य बना रहता है।

इस वर्ष की थीम: 'स्वस्थ उम्र के लिए योग'

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम 'स्वस्थ उम्र के लिए योग' रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य यह संदेश देना है कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी बनाए रखता है। गौरतलब है कि बढ़ती उम्र में सक्रिय और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के लिए योग को एक प्रभावी माध्यम माना जाता है।

आम जनता पर असर और मंत्रालय की अपील

आयुष मंत्रालय ने देशवासियों से अपील की है कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। मंत्रालय का मानना है कि प्रार्थना के साथ योगाभ्यास आरंभ करने की यह सरल आदत व्यक्ति को आंतरिक शांति, मानसिक स्पष्टता और बेहतर स्वास्थ्य दिला सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब 21 जून 2026 को विश्वभर में 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा और भारत में बड़े पैमाने पर आयोजनों की तैयारी चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी उल्लेखनीय है कि 'प्रार्थना' की अवधारणा को विविध धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष पृष्ठभूमि के अभ्यासियों तक पहुँचाने के लिए मंत्रालय ने इसे 'कृतज्ञता के भाव' के रूप में परिभाषित किया है, जो समावेशी दृष्टिकोण है। 'स्वस्थ उम्र के लिए योग' थीम ऐसे समय में आई है जब भारत की बुजुर्ग आबादी तेज़ी से बढ़ रही है और स्वास्थ्य देखभाल पर सार्वजनिक व्यय का दबाव भी — योग को निवारक स्वास्थ्य नीति से जोड़ना इसलिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 कब है और इसकी थीम क्या है?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 21 जून को मनाया जाएगा और इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ उम्र के लिए योग' है। यह थीम बढ़ती उम्र में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बनाए रखने में योग की भूमिका को रेखांकित करती है।
आयुष मंत्रालय ने योगाभ्यास से पहले प्रार्थना क्यों जरूरी बताई है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, प्रार्थना मन को शांत करती है, विचारों को केंद्रित करती है और शरीर को योगाभ्यास के लिए मानसिक रूप से तैयार करती है। इससे पूरे सत्र के दौरान एकाग्रता और सामंजस्य बना रहता है, जिससे योग के लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं।
योगाभ्यास से पहले प्रार्थना का सही तरीका क्या है?
मंत्रालय की सलाह है कि किसी शांत और आरामदायक स्थान पर बैठें और आभार के भाव से प्रार्थना शुरू करें। जीवन, परिवार, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में मिले अवसरों के लिए ईश्वर व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें — यह सकारात्मक भाव मन को स्थिरता देता है।
योग को केवल शारीरिक व्यायाम से अलग क्यों माना जाता है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की एक समग्र प्रक्रिया है। केवल शारीरिक आसनों से परे, यह मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक संतुलन और आंतरिक शांति भी प्रदान करता है।
आयुष मंत्रालय ने योग दिवस 2026 से पहले क्या अपील की है?
मंत्रालय ने देशवासियों से अपील की है कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और हर सत्र की शुरुआत प्रार्थना या कृतज्ञता के भाव से करें। मंत्रालय का कहना है कि इस आदत से आंतरिक शांति, मानसिक स्पष्टता और बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त होता है।
राष्ट्र प्रेस
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