ताड़ासन योगासन से मजबूत करें मुद्रा, आयुष मंत्रालय बताते हैं स्थिरता और संतुलन के फायदे

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ताड़ासन योगासन से मजबूत करें मुद्रा, आयुष मंत्रालय बताते हैं स्थिरता और संतुलन के फायदे

सारांश

आयुष मंत्रालय ने ताड़ासन योगासन को दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह दी है, जो सही मुद्रा, शारीरिक संतुलन और स्थिरता बढ़ाने में मदद करता है। यह आसन आधुनिक जीवनशैली से उपजी पीठ दर्द और गर्दन की समस्याओं से राहत दिलाता है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने ताड़ासन को सही मुद्रा बनाए रखने के लिए अनुशंसित किया है।
ताड़ासन को 'माउंटेन पोज' भी कहते हैं और यह रीढ़ को मजबूत करता है।
इस आसन को 30 से 60 सेकंड तक प्रतिदिन 5-10 मिनट के अभ्यास में किया जा सकता है।
ताड़ासन नियमित अभ्यास से पीठ दर्द, गर्दन की जकड़न और थकान में कमी आती है।
शुरुआत में दीवार का सहारा लेकर भी इस आसन का अभ्यास किया जा सकता है।

नई दिल्ली, 9 मई। विश्व योग दिवस की तैयारी के बीच भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने नागरिकों को सही मुद्रा (पोस्चर) बनाए रखने की महत्ता बताते हुए ताड़ासन योगासन को अपनाने की सलाह दी है। मंत्रालय के अनुसार, सही पोस्चर एक रात में विकसित नहीं होता — यह जागरुकता, संतुलन और रोजमर्रा के खड़े होने के तरीके से शुरू होता है।

ताड़ासन क्या है और इसके लाभ

ताड़ासन को 'माउंटेन पोज' के नाम से भी जाना जाता है। यह बुनियादी योगासन शरीर की बनावट को बेहतर बनाने, पोस्चर को मजबूत करने, स्थिरता बढ़ाने और पूरे शारीरिक संतुलन की मजबूत नींव रखने में अत्यंत उपयोगी है। देखने में यह आसान लगता है, लेकिन यह शरीर के विभिन्न अंगों के बेहतर तालमेल, रीढ़ की हड्डी की सजगता और समन्वय में कारगर साबित होता है।

आधुनिक जीवनशैली में पोस्चर की समस्या

आजकल की व्यस्त जीवनशैली में लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने के कारण गलत मुद्रा की समस्या आम हो गई है। इससे पीठ दर्द, गर्दन में दर्द और थकान जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पोस्चर में सुधार, स्थिरता बनाना और स्पाइनल अलाइनमेंट को सपोर्ट करना एक आसान स्टैंडिंग पोज से शुरू किया जा सकता है। ताड़ासन का नियमित अभ्यास इन समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

ताड़ासन करने की सही विधि

ताड़ासन अभ्यास के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद दोनों पैरों को जोड़कर रखें और वजन समान रूप से दोनों पैरों पर बांटें। फिर घुटनों को सीधा रखते हुए जांघों को थोड़ा अंदर की ओर खींचें, पेट को हल्का अंदर की ओर रखें और छाती को आगे की ओर करें। कंधों को पीछे व नीचे की ओर रखें ताकि रीढ़ सीधी रहे। इस दौरान गर्दन सीधी रखें और आंखों को आगे किसी बिंदु पर केंद्रित करें। हाथों को शरीर के दोनों ओर सीधा रखें या दोनों हाथों की हथेलियों को जोड़कर नमस्कार मुद्रा में छाती के सामने रखें। अभ्यास के दौरान गहरी सांस लेते और छोड़ते रहें। इस मुद्रा में 30 से 60 सेकंड तक रहें।

ताड़ासन के स्वास्थ्य लाभ

ताड़ासन के नियमित अभ्यास से तन-मन दोनों को कई लाभ मिलते हैं। यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत और सीधा रखता है, कंधों और गर्दन की जकड़न को कम करता है, शरीर के संतुलन और स्थिरता को बढ़ाता है। साथ ही, आत्मविश्वास बढ़ाता है, मन को एकाग्र करता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार करता है।

आयुष मंत्रालय की सिफारिश

आयुष मंत्रालय सभी उम्र के लोगों, खासकर युवाओं और ऑफिस जाने वाले लोगों से अपील करता है कि वे अपनी दिनचर्या में ताड़ासन को शामिल करें। सुबह खाली पेट या शाम को यह आसन 5 से 10 मिनट तक किया जा सकता है। शुरुआत में दीवार का सहारा लेकर भी अभ्यास किया जा सकता है। यह योगासन विश्व योग दिवस की तैयारी का एक सरल और प्रभावी तरीका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर तब जब भारत में डिजिटल कार्यस्थलों में पोस्चर संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि, मंत्रालय की सलाह को प्रभावी साबित करने के लिए स्कूलों और कार्यालयों में व्यावहारिक कार्यान्वयन जरूरी है। योग को केवल विश्व योग दिवस तक सीमित न रखकर साल भर की स्वास्थ्य नीति का हिस्सा बनाना चाहिए। भारत के पास परंपरागत ज्ञान का भंडार है, लेकिन इसे आधुनिक जीवनशैली की चुनौतियों से जोड़कर प्रस्तुत करने की जरूरत है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ताड़ासन क्या है और इसे 'माउंटेन पोज' क्यों कहते हैं?
ताड़ासन एक बुनियादी योगासन है जिसे 'माउंटेन पोज' कहते हैं क्योंकि इसमें शरीर की स्थिति एक पर्वत की तरह स्थिर और दृढ़ होती है। यह आसन शरीर की बनावट को बेहतर बनाता है, पोस्चर को मजबूत करता है और पूरे शारीरिक संतुलन की नींव रखता है।
ताड़ासन को दिन में कितनी बार और कितने समय तक करना चाहिए?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, ताड़ासन को दिन में 5 से 10 मिनट तक किया जा सकता है। प्रत्येक बार इस मुद्रा में 30 से 60 सेकंड तक रहना चाहिए। सुबह खाली पेट या शाम को इसका अभ्यास सर्वोत्तम है।
ताड़ासन के मुख्य स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?
ताड़ासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत और सीधी रहती है, कंधों और गर्दन की जकड़न कम होती है, शरीर का संतुलन और स्थिरता बढ़ती है। यह आत्मविश्वास बढ़ाता है, मन को एकाग्र करता है और पीठ दर्द तथा गर्दन दर्द में राहत देता है।
क्या शुरुआत में ताड़ासन करते समय दीवार का सहारा ले सकते हैं?
हाँ, आयुष मंत्रालय की सलाह के अनुसार शुरुआत में दीवार का सहारा लेकर ताड़ासन का अभ्यास किया जा सकता है। यह संतुलन बनाने में मदद करता है और आसन को सुरक्षित तरीके से सीखने में सहायक है।
आधुनिक जीवनशैली में गलत मुद्रा की समस्या क्यों बढ़ रही है?
लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने, गलत तरीके से बैठने और खड़े होने के कारण आधुनिक जीवनशैली में गलत मुद्रा की समस्या बढ़ रही है। इससे पीठ दर्द, गर्दन में दर्द और थकान जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
राष्ट्र प्रेस