ताड़ासन से सुधारें मुद्रा, आयुष मंत्रालय ने बताए नियमित अभ्यास के स्थिरता और संतुलन लाभ
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 9 मई। विश्व योग दिवस की पूर्वसंध्या में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने नागरिकों को सही मुद्रा (पोस्चर) बनाए रखने की महत्ता पर जोर दिया है और ताड़ासन योगासन को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी है। मंत्रालय के अनुसार, सही पोस्चर एक रात में नहीं बनता — यह जागरुकता, संतुलन और रोजमर्रा के खड़े होने के तरीके से शुरू होता है। आजकल की व्यस्त जीवनशैली में कंप्यूटर और मोबाइल के लंबे समय के उपयोग से गलत मुद्रा की समस्या आम हो गई है, जिससे पीठ दर्द, गर्दन में दर्द और थकान बढ़ रहे हैं।
ताड़ासन क्या है और इसके लाभ
'माउंटेन पोज' के नाम से भी जाने जाते हैं ताड़ासन, यह आसन शरीर की संरचना को बेहतर बनाने, पोस्चर को मजबूत करने, स्थिरता बढ़ाने और पूरे शारीरिक संतुलन की मजबूत नींव रखने में अत्यंत उपयोगी है। देखने में यह आसान लगता है, लेकिन यह बुनियादी योगासन सजगता, रीढ़ की हड्डी और शरीर के विभिन्न अंगों के बेहतर तालमेल में कारगर है। नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत और सीधी रहती है, कंधों और गर्दन की जकड़न कम होती है, शरीर के संतुलन और स्थिरता में वृद्धि होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है, मन एकाग्र होता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
सही तरीके से ताड़ासन का अभ्यास कैसे करें
ताड़ासन अभ्यास के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद दोनों पैरों को जोड़कर रखें और वजन समान रूप से दोनों पैरों पर वितरित करें। घुटनों को सीधा रखते हुए जांघों को थोड़ा अंदर की ओर खींचें, पेट को हल्का अंदर की ओर रखें और छाती को आगे की ओर करें। कंधों को पीछे और नीचे की ओर रखें ताकि रीढ़ सीधी रहे। इस दौरान गर्दन सीधी रखें और आंखों को आगे किसी बिंदु पर केंद्रित करें। हाथों को शरीर के दोनों ओर सीधा रखें या दोनों हाथों की हथेलियों को जोड़कर नमस्कार मुद्रा में छाती के सामने रखें। अभ्यास के दौरान गहरी सांस लेते और छोड़ते रहें। इस मुद्रा में 30 से 60 सेकंड तक रहें।
आयुष मंत्रालय की अपील और अभ्यास के सुझाव
आयुष मंत्रालय सभी उम्र के लोगों, खासकर युवाओं और ऑफिस जाने वाले लोगों से अपील करता है कि वे अपनी दिनचर्या में ताड़ासन को शामिल करें। सुबह खाली पेट या शाम को यह आसन 5-10 मिनट तक किया जा सकता है। शुरुआत में दीवार का सहारा लेकर भी अभ्यास किया जा सकता है, जो संतुलन बनाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पोस्चर में सुधार, स्थिरता बनाना और स्पाइनल अलाइनमेंट को सपोर्ट करना एक आसान स्टैंडिंग पोज से शुरू किया जा सकता है, जो आधुनिक जीवनशैली की समस्याओं का एक प्रभावी समाधान है।
विश्व योग दिवस और स्वास्थ्य जागरुकता
विश्व योग दिवस की पूर्वसंध्या में यह पहल भारत की प्राचीन योग परंपरा को आधुनिक समय की स्वास्थ्य चुनौतियों के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। ताड़ासन जैसे सरल आसनों के माध्यम से मंत्रालय का उद्देश्य जनता को व्यावहारिक और सुलभ योग समाधान प्रदान करना है, जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक स्पष्टता और आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।