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ताड़ासन को दैनिक दिनचर्या में शामिल करें, आयुष मंत्रालय ने बताए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले बड़े फायदे

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ताड़ासन को दैनिक दिनचर्या में शामिल करें, आयुष मंत्रालय ने बताए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले बड़े फायदे

सारांश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय ने ताड़ासन को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। मंत्रालय का कहना है कि यह सरल आसन पोस्चर सुधारता है, शरीर को लचीला रखता है और कमर दर्द जैसी आम समस्याओं में राहत देता है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 5 जून को एक्स पर पोस्ट साझा कर ताड़ासन के लाभों की जानकारी दी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है; मंत्रालय जागरूकता अभियान चला रहा है।
ताड़ासन शरीर को हल्का खिंचाव देता है और पोस्चर बेहतर बनाता है।
कमर दर्द के लिए मंत्रालय ने अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम की सलाह दी।
मंत्रालय का संदेश: 'योग-युक्त रहें, रोग-मुक्त रहें' — योग केवल कठिन आसनों तक सीमित नहीं।

आयुष मंत्रालय ने 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत 5 जून को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर ताड़ासन (माउंटेन पोज़) के लाभों और इसे रोज़मर्रा की जिंदगी में अपनाने की अपील की। मंत्रालय का कहना है कि योग के लिए कठिन आसनों की ज़रूरत नहीं — सहज और सरल अभ्यास भी शरीर को दीर्घकालिक लाभ पहुँचाते हैं।

ताड़ासन क्या है और कैसे करें

आयुष मंत्रालय के अनुसार, ताड़ासन योग के सबसे महत्वपूर्ण शुरुआती आसनों में से एक है। इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाएँ, फिर पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचते हुए स्ट्रेच करें और कुछ समय तक उसी स्थिति में सामान्य श्वास लेते रहें। मंत्रालय ने इस विधि को समझाने के लिए एक वीडियो भी साझा किया।

मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया, 'योग का मतलब मुश्किल आसन करना नहीं है। यह आसान और सहज गतिविधियों के बारे में है जो हमारे शरीर को लचीला बनाए रखती हैं। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, इन योगासनों को हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा होना चाहिए।'

ताड़ासन के प्रमुख लाभ

आयुष मंत्रालय के अनुसार, ताड़ासन पूरे शरीर को हल्का खिंचाव प्रदान करता है और शरीर की मुद्रा (पोस्चर) को बेहतर बनाने में सहायक है। यह रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने और मांसपेशियों में लचीलापन बनाए रखने में भी मददगार माना जाता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की जड़ता को कम करने में यह आसन विशेष रूप से उपयोगी है।

कमर दर्द से राहत के लिए योग के सुझाव

इससे एक दिन पहले, गुरुवार को मंत्रालय ने यह भी बताया था कि भागदौड़ भरी जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग पीठ और कमर दर्द से जूझ रहे हैं। इसके समाधान के लिए मंत्रालय ने अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, कटिचक्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम को नियमित रूप से अपनाने की सलाह दी।

मंत्रालय का कहना है कि इन अभ्यासों से पीठ की मांसपेशियों में मज़बूती आती है और रीढ़ की लचक बेहतर होती है। 'योग-युक्त रहें, रोग-मुक्त रहें' का मंत्र अपनाकर लोग कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव कर सकते हैं — यह मंत्रालय का आधिकारिक संदेश है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियाँ

गौरतलब है कि 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनज़र आयुष मंत्रालय पिछले कई हफ्तों से सोशल मीडिया और जन-जागरूकता अभियानों के ज़रिए लोगों को योग के विभिन्न पहलुओं से परिचित करा रहा है। यह अभियान आम लोगों को यह समझाने पर केंद्रित है कि योग केवल विशेषज्ञों या युवाओं के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए उपयोगी है।

आने वाले दिनों में मंत्रालय की ओर से और अधिक आसनों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियाँ साझा किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो क्लिप से आगे जाकर इसे सामुदायिक स्तर पर मापने की ज़रूरत है। भारत में कमर दर्द और जीवनशैली संबंधी बीमारियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं, फिर भी योग को सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति में मुख्यधारा में लाने की कोशिश अभी भी जागरूकता-केंद्रित है, परिणाम-केंद्रित नहीं। असली परीक्षा यह है कि क्या ये संदेश शहरी सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से आगे ग्रामीण और वरिष्ठ नागरिकों तक पहुँच पाते हैं — जो इन आसनों से सबसे अधिक लाभान्वित हो सकते हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ताड़ासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
ताड़ासन (माउंटेन पोज़) योग का एक बुनियादी शुरुआती आसन है जिसमें सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाए जाते हैं और पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचा जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस स्थिति में सामान्य श्वास लेते हुए कुछ समय रुकना होता है।
ताड़ासन के क्या फायदे हैं?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, ताड़ासन पूरे शरीर को हल्का खिंचाव देता है, शरीर की मुद्रा (पोस्चर) को बेहतर बनाता है और रीढ़ की लचक में सुधार करता है। यह हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। इसी उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय हफ्तों पहले से जागरूकता अभियान चलाता है।
कमर और पीठ दर्द के लिए आयुष मंत्रालय ने कौन-से योगासन सुझाए हैं?
मंत्रालय ने अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, कटिचक्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम की सलाह दी है। इन अभ्यासों से पीठ की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और रीढ़ की लचक बेहतर होती है।
क्या योग केवल युवाओं या विशेषज्ञों के लिए है?
नहीं। आयुष मंत्रालय का स्पष्ट संदेश है कि योग का अर्थ कठिन आसन नहीं, बल्कि सहज और सरल गतिविधियाँ हैं जो हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त हैं। मंत्रालय के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ इन्हें दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना और भी ज़रूरी हो जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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