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ताड़ासन से बेहतर होता है पोस्चर और लचीलापन, आयुष मंत्रालय ने बताए योग के रोज़ाना के फायदे

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ताड़ासन से बेहतर होता है पोस्चर और लचीलापन, आयुष मंत्रालय ने बताए योग के रोज़ाना के फायदे

सारांश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) से पहले आयुष मंत्रालय ने ताड़ासन को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की है। मंत्रालय के अनुसार यह सरल आसन पोस्चर सुधारता है, शरीर को लचीला रखता है और कमर दर्द जैसी आम समस्याओं में राहत देता है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 5 जून 2025 को एक्स पर पोस्ट साझा कर ताड़ासन के लाभों की जानकारी दी।
ताड़ासन (माउंटेन पोज़) पूरे शरीर को हल्का खिंचाव देता है और पोस्चर बेहतर बनाता है।
मंत्रालय ने कमर दर्द के लिए अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, भुजंगासन सहित 6 आसन और सूर्य भेदन प्राणायाम सुझाए।
यह अभियान 21 जून 2025 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों का हिस्सा है।
मंत्रालय का संदेश: 'योग-युक्त रहें, रोग-मुक्त रहें' — योग को प्राकृतिक स्वास्थ्य समाधान के रूप में अपनाएँ।

आयुष मंत्रालय ने 5 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की तैयारियों के तहत ताड़ासन (माउंटेन पोज़) के लाभों और इसे दैनिक जीवन में शामिल करने की अपील की। मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा पोस्ट में स्पष्ट किया कि योग का अर्थ कठिन आसनों तक सीमित नहीं है — यह सरल, सहज अभ्यासों की नींव पर टिका है।

ताड़ासन क्या है और क्यों है ज़रूरी

ताड़ासन को योग की सबसे महत्वपूर्ण शुरुआती मुद्राओं में गिना जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह आसन पूरे शरीर को हल्का खिंचाव प्रदान करता है और शरीर की मुद्रा (पोस्चर) को बेहतर बनाने में सहायक है। मंत्रालय ने अपने पोस्ट में कहा, "योग का मतलब मुश्किल आसन करना नहीं है। यह आसान और सहज गतिविधियों के बारे में है जो हमारे शरीर को लचीला बनाए रखती हैं।"

मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि बढ़ती उम्र के साथ इन योगासनों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाना और भी ज़रूरी हो जाता है।

ताड़ासन करने की सही विधि

मंत्रालय द्वारा साझा किए गए वीडियो में ताड़ासन की चरणबद्ध विधि बताई गई। सबसे पहले सीधे खड़े हों और दोनों हाथों को ऊपर उठाएँ। इसके बाद पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचते हुए स्ट्रेच करें। कुछ समय तक इसी स्थिति में रहते हुए सामान्य रूप से श्वास लेते रहें

पीठ और कमर दर्द में भी कारगर है योग

इससे पहले गुरुवार को मंत्रालय ने बताया था कि नियमित योगाभ्यास कमर के निचले हिस्से के दर्द जैसी आम समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है। भागदौड़ भरी जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते बड़ी संख्या में लोग पीठ और कमर दर्द से पीड़ित हैं।

मंत्रालय ने इन समस्याओं के लिए विशेष योगासनों की सूची भी जारी की, जिनमें अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, कटिचक्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम शामिल हैं। इन अभ्यासों के नियमित अभ्यास से पीठ की मांसपेशियों में मज़बूती आती है और रीढ़ की लचक बेहतर होती है।

योग दिवस 2025 की तैयारियाँ

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। आयुष मंत्रालय इस अवसर के मद्देनज़र लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। मंत्रालय का मंत्र है — 'योग-युक्त रहें, रोग-मुक्त रहें' — जिसे अपनाकर लोग अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव कर सकते हैं। यह अभियान योग को केवल एक आध्यात्मिक अभ्यास नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक और प्रभावी स्वास्थ्य समाधान के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सुनियोजित कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब शहरी भारत में गतिहीन जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। हालाँकि, सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो से परे, इस जागरूकता को ज़मीनी स्तर पर — सरकारी स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और कार्यस्थलों तक — पहुँचाने की चुनौती अभी भी बनी हुई है। 21 जून की तारीख़ एक अवसर है, लेकिन असली परीक्षा 22 जून के बाद की निरंतरता में है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ताड़ासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
ताड़ासन (माउंटेन पोज़) योग का एक बुनियादी शुरुआती आसन है जिसमें सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाए जाते हैं और पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचा जाता है। इस स्थिति में सामान्य श्वास लेते हुए कुछ देर रुकना होता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार यह पोस्चर सुधारने और शरीर को लचीला रखने में सहायक है।
ताड़ासन के मुख्य फायदे क्या हैं?
आयुष मंत्रालय के अनुसार ताड़ासन पूरे शरीर को हल्का खिंचाव देता है, शरीर की मुद्रा (पोस्चर) बेहतर बनाता है और उम्र बढ़ने के साथ शरीर को लचीला बनाए रखता है। यह योग के सबसे ज़रूरी शुरुआती आसनों में से एक माना जाता है।
कमर और पीठ दर्द के लिए आयुष मंत्रालय ने कौन-से योगासन सुझाए हैं?
मंत्रालय ने अर्द्धचक्रासन, सेतुबंधासन, कटिचक्रासन, वक्रासन, भुजंगासन और सूर्य भेदन प्राणायाम सुझाए हैं। इनके नियमित अभ्यास से पीठ की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और रीढ़ की लचक बेहतर होती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 कब है?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है। इसी उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय जून 2025 में लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।
क्या योग केवल कठिन आसनों तक सीमित है?
नहीं। आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि योग का अर्थ कठिन आसन करना नहीं है — यह सरल और सहज गतिविधियों का अभ्यास है जो शरीर को लचीला बनाए रखती हैं। ताड़ासन जैसे बुनियादी आसन भी नियमित स्वास्थ्य लाभ देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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