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विश्व योग दिवस 2026 में 29 दिन शेष: आयुष मंत्रालय ने सिखाई गर्दन की 'चालन' क्रियाएं

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विश्व योग दिवस 2026 में 29 दिन शेष: आयुष मंत्रालय ने सिखाई गर्दन की 'चालन' क्रियाएं

सारांश

विश्व योग दिवस 2026 से 29 दिन पहले आयुष मंत्रालय ने गर्दन की 'चालन क्रियाओं' का विस्तृत मार्गदर्शन जारी किया है — जोड़ों की गतिशीलता और माइक्रो ब्लड सर्कुलेशन सुधारने वाले ये बुनियादी अभ्यास योगासन की नींव माने जाते हैं।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने विश्व योग दिवस 2026 से 29 दिन पहले 'चालन क्रियाओं' का विस्तृत अभ्यास-विवरण जारी किया।
चालन क्रियाएं जोड़ों की गतिशीलता बढ़ाती हैं, माँसपेशियों का लचीलापन सुधारती हैं और माइक्रो ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करती हैं।
मंत्रालय ने गर्दन की चार चालन क्रियाएं बताई हैं — आगे-पीछे झुकाना, दाईं-बाईं ओर झुकाना, दाईं-बाईं ओर घुमाना और चक्राकार घुमाव।
गर्दन दर्द या स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित व्यक्तियों को विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही अभ्यास करने की चेतावनी दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है।

आयुष मंत्रालय ने विश्व योग दिवस 2026 से ठीक 29 दिन पहले नागरिकों को 'चालन क्रियाओं' का विस्तृत अभ्यास-विवरण जारी किया है — ये वे बुनियादी शारीरिक अभ्यास हैं जो योगासन से पहले शरीर को तैयार करते हैं। स्वस्थ भारत अभियान के अंतर्गत मंत्रालय लगातार आग्रह कर रहा है कि योग को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे रोज़मर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए।

चालन क्रियाएं क्या हैं और क्यों ज़रूरी हैं

विशेषज्ञों के अनुसार, चालन क्रियाएं शरीर को ढीला करने वाले वे सूक्ष्म अभ्यास हैं जो जोड़ों की गतिशीलता बढ़ाते हैं, माँसपेशियों का लचीलापन सुधारते हैं और सूक्ष्म रक्त संचार (माइक्रो ब्लड सर्कुलेशन) को बेहतर करते हैं। मंत्रालय का कहना है कि इन्हें नियमित रूप से करने से शरीर तनावमुक्त रहता है और योगासन करना अधिक सुगम हो जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियाँ पूरे देश में तेज़ हो रही हैं।

गर्दन की चालन क्रियाओं का अभ्यास-क्रम

मंत्रालय ने विशेष रूप से गर्दन की चालन क्रियाओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया है। अभ्यास की शुरुआत सावधान मुद्रा में खड़े होकर करें — पैरों को थोड़ा अलग रखें और हाथों को कमर पर।

आगे-पीछे झुकाना: सांस छोड़ते हुए गर्दन को धीरे-धीरे आगे झुकाएं और ठुड्डी को छाती से छूने का प्रयास करें। सांस लेते हुए गर्दन को जितना आरामदायक हो उतना पीछे ले जाएं, फिर सामान्य स्थिति में लौटें।

दाईं-बाईं ओर झुकाना: सांस छोड़ते हुए गर्दन को दाईं ओर झुकाएं और कान को कंधे के निकट लाने का प्रयास करें। सांस लेते हुए वापस मध्य में आएं। यही क्रिया बाईं ओर दोहराएं।

दाईं-बाईं ओर घुमाना: सांस छोड़ते हुए गर्दन को दाईं ओर घुमाएं ताकि ठुड्डी कंधे की सीध में आ जाए। सांस लेते हुए मध्य में लौटें, फिर बाईं ओर दोहराएं।

चक्राकार घुमाव: गर्दन को आगे झुकाकर ठुड्डी छाती से लगाएं। सांस लेते हुए घड़ी की दिशा (क्लॉकवाइज) में घुमाएं और नीचे लाते समय सांस छोड़ें। इसके बाद घड़ी की विपरीत दिशा (एंटी-क्लॉकवाइज) में भी यही क्रिया करें। इस दौरान गर्दन के जोड़ों और माँसपेशियों में खिंचाव महसूस करें।

किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए

मंत्रालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन व्यक्तियों को गर्दन में दर्द, स्पॉन्डिलाइटिस या कोई अन्य शारीरिक समस्या है, उन्हें किसी योग्य चिकित्सक या योग प्रशिक्षक की सलाह लेने के बाद ही ये अभ्यास अत्यंत धीरे और सावधानी से करने चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस बात पर ज़ोर देते हैं कि बिना उचित मार्गदर्शन के कोई भी नया शारीरिक अभ्यास शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है।

स्वस्थ भारत अभियान और योग दिवस की तैयारी

गौरतलब है कि भारत ने 2015 से प्रतिवर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाना शुरू किया था, जब संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक मान्यता दी। तब से यह दिन वैश्विक स्तर पर 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है। आयुष मंत्रालय इस वर्ष योग दिवस से पहले चरणबद्ध तरीके से विभिन्न योग अभ्यासों की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने का अभियान चला रहा है, जिसमें चालन क्रियाएं पहला चरण हैं। आने वाले दिनों में मंत्रालय अन्य आसनों और प्राणायाम की जानकारी भी जारी करने की योजना बना रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सोशल मीडिया पोस्ट और प्रेस विज्ञप्तियाँ वास्तव में जन-स्वास्थ्य व्यवहार बदल पाती हैं। भारत में गर्दन-दर्द और स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याएं तेज़ी से बढ़ रही हैं — खासकर शहरी, डेस्क-बाउंड कामकाजी वर्ग में — लेकिन योग दिवस की तैयारियाँ अक्सर एक दिन के सामूहिक आयोजन तक सिमट जाती हैं। मंत्रालय की 'चरणबद्ध जानकारी' की रणनीति तभी सार्थक होगी जब यह सामग्री ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक स्थानीय भाषाओं में पहुँचे। वरना यह अभियान केवल शहरी, डिजिटल-साक्षर वर्ग तक सीमित रह जाएगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चालन क्रियाएं क्या होती हैं और इन्हें क्यों करना चाहिए?
चालन क्रियाएं शरीर को ढीला करने वाले बुनियादी सूक्ष्म अभ्यास हैं जो योगासन से पहले शरीर को तैयार करते हैं। ये जोड़ों की गतिशीलता बढ़ाती हैं, माँसपेशियों का लचीलापन सुधारती हैं और सूक्ष्म रक्त संचार बेहतर करती हैं।
गर्दन की चालन क्रियाएं कितने प्रकार की होती हैं?
आयुष मंत्रालय ने गर्दन की चार मुख्य चालन क्रियाएं बताई हैं — आगे-पीछे झुकाना, दाईं-बाईं ओर झुकाना, दाईं-बाईं ओर घुमाना और चक्राकार (क्लॉकवाइज व एंटी-क्लॉकवाइज) घुमाव। इन्हें सावधान मुद्रा में खड़े होकर सांस की लय के साथ करने की सलाह दी गई है।
क्या गर्दन दर्द या स्पॉन्डिलाइटिस के मरीज़ ये अभ्यास कर सकते हैं?
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गर्दन दर्द, स्पॉन्डिलाइटिस या किसी अन्य शारीरिक समस्या से पीड़ित व्यक्तियों को किसी योग्य चिकित्सक या योग प्रशिक्षक की सलाह के बाद ही ये अभ्यास अत्यंत धीरे और सावधानी से करने चाहिए।
विश्व योग दिवस 2026 कब है और इसे कहाँ मनाया जाएगा?
विश्व योग दिवस 2026 प्रतिवर्ष की तरह 21 जून को मनाया जाएगा। यह दिन 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है और भारत में आयुष मंत्रालय इसकी केंद्रीय तैयारियों का नेतृत्व करता है।
स्वस्थ भारत अभियान के तहत आयुष मंत्रालय और क्या कर रहा है?
स्वस्थ भारत अभियान के तहत आयुष मंत्रालय योग दिवस से पहले चरणबद्ध तरीके से विभिन्न योग अभ्यासों की जानकारी जारी कर रहा है। चालन क्रियाएं इस अभियान का पहला चरण हैं; आने वाले दिनों में अन्य आसनों और प्राणायाम की जानकारी भी जारी किए जाने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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